बेंगलुरु डिलीवरी फ्रॉड: अमेज़न से 1.85 लाख का सैमसंग फोन मंगाया, मिला टाइल का टुकड़ा; वीडियो सबूत से कंपनी ने रिफंड किया।
बेंगलुरु के कुमारस्वामी लेआउट इलाके में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ डिलीवरी फ्रॉड का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ऑनलाइन शॉपिंग की विश्वसनीयता
बेंगलुरु के कुमारस्वामी लेआउट इलाके में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ डिलीवरी फ्रॉड का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ऑनलाइन शॉपिंग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेमानंद नाम के इस सीनियर टेकी ने अमेज़न ऐप के जरिए सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 7 स्मार्टफोन खरीदा, जिसकी कीमत 1.85 लाख रुपये थी। लेकिन दीपावली से ठीक एक दिन पहले 19 अक्टूबर को डिलीवर हुए पैकेज में फोन के बजाय एक साधारण टाइल का टुकड़ा मिला। प्रेमानंद ने पैकेज खोलते समय पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया, जो उनके पक्ष में मजबूत सबूत साबित हुआ। शिकायत के बाद अमेज़न ने तुरंत पूरी राशि रिफंड कर दी, लेकिन प्रेमानंद ने स्थानीय पुलिस में भी मामला दर्ज कराया। कुमारस्वामी लेआउट पुलिस स्टेशन ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच अधिकारी अभी यह पता लगा रहे हैं कि धोखाधड़ी वेयरहाउस स्तर पर हुई, ट्रांजिट के दौरान या फिर डिलीवरी बॉय ने की। यह घटना ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को उजागर कर रही है, जहां उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
प्रेमानंद एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे बेंगलुरु के व्यस्त जीवन में रहते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग को सुविधाजनक मानते हैं। 14 अक्टूबर को दीपावली की खरीदारी के दौरान उन्होंने अमेज़न पर सैमसंग का लेटेस्ट फोल्डेबल फोन देखा। यह फोन मार्केट में नया लॉन्च हुआ था और इसकी कीमत करीब 1.85 लाख रुपये थी। प्रेमानंद ने फोन कोड 186,999 रुपये में आर्डर किया और पूरा पेमेंट ऑनलाइन कर दिया। अमेज़न की पॉलिसी के अनुसार, यह सील पैक में डिलीवर होना था। वे उत्साहित थे क्योंकि यह फोन उनकी पत्नी को गिफ्ट देने के लिए था। लेकिन जब 19 अक्टूबर को पैकेज घर पहुंचा, तो सब कुछ बदल गया। पैकेज अमेज़न की ब्रांडिंग वाला था और मोबाइल बॉक्स भी ओरिजिनल लग रहा था। लेकिन जब प्रेमानंद ने बॉक्स खोला, तो अंदर फोन के बजाय एक सफेद पत्थर जैसा टाइल का टुकड़ा था।
शॉक में आकर प्रेमानंद ने तुरंत वीडियो बनाया। उन्होंने पैकेज को बाहर से दिखाया, फिर सील तोड़ी और बॉक्स खोला। वीडियो में साफ दिख रहा है कि अंदर कोई फोन नहीं, बल्कि एक सस्ता टाइल पीस है। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां हजारों लोगों ने इसे शेयर किया। प्रेमानंद ने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि ऐसी बड़ी कंपनी से ऐसा फ्रॉड हो सकता है। पैकेज सील था, कोई छेड़छाड़ के निशान नहीं। मैंने अमेज़न कस्टमर केयर को कॉल किया और वीडियो भेजा। वे लोग शॉक में थे और 24 घंटे के अंदर फुल रिफंड कर दिया। लेकिन पैसे वापस मिलने से समस्या हल नहीं होती। अब सवाल यह है कि फोन कहां गया? क्या कोई कर्मचारी ने इसे चुरा लिया? प्रेमानंद ने पुलिस को बताया कि वे अमेज़न के प्रोडक्ट रिव्यूज चेक करते थे, लेकिन इस बार जल्दबाजी में आर्डर कर दिया।
पुलिस ने 30 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की। कुमारस्वामी लेआउट थाने के एसएचओ ने कहा कि हम अमेज़न के वेयरहाउस, डिलीवरी पार्टनर और ट्रांजिट रूट की जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, डिलीवरी बॉय का बयान और पैकिंग डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पैकेज बेंगलुरु के ही एक वेयरहाउस से आया था। क्या वहां कोई इनसाइड जॉब है? या ट्रक में चोरी हुई? पुलिस साइबर क्राइम सेल से भी मदद ले रही है। अमेज़न ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हम फ्रॉड बर्दाश्त नहीं करते। कस्टमर को रिफंड मिल चुका है और हम पुलिस जांच में सहयोग करेंगे। कंपनी ने बाकी कस्टमर्स को सलाह दी कि हमेशा वीडियो बनाकर अनबॉक्सिंग करें।
यह घटना बेंगलुरु में अकेली नहीं है। शहर आईटी हब है, जहां लाखों युवा ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। लेकिन फ्रॉड के केस बढ़ रहे हैं। पिछले महीने ही एक अन्य टेकी को 11.8 करोड़ का डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड हुआ था। स्टॉक मार्केट स्कैम में 91 लाख गंवाने वाले इंजीनियर की कहानी भी सुर्खियां बटोर चुकी है। सैमसंग और जियोमी जैसी कंपनियों पर अमेज़न-फ्लिपकार्ट के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगा था। लेकिन यह डिलीवरी फ्रॉड नया मोड़ है। विशेषज्ञ कहते हैं कि ई-कॉमर्स में 70 प्रतिशत फ्रॉड ट्रांजिट या लोकल लेवल पर होते हैं। वेयरहाउस वर्कर्स कम सैलरी में काम करते हैं, लालच आ जाता है। अमेज़न जैसे प्लेटफॉर्म पर सालाना करोड़ों पैकेज डिलीवर होते हैं, लेकिन क्वालिटी चेक कमजोर है।
प्रेमानंद का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वायरल हुआ। एक यूजर ने लिखा, अब अमेज़न से कुछ खरीदने से पहले दो बार सोचना पड़ेगा। दूसरे ने कहा, वीडियो बनाना अच्छा किया, वरना कंपनी रिफंड न देती। अमेज़न के सीईओ ने भी रीट्वीट किया और कहा कि हम सिस्टम सुधारेंगे। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ ने कहा कि फोन चोरी हो गया, टाइल रखकर पैकेज वजन मैच किया। यह आम ट्रिक है। प्रेमानंद ने इंटरव्यू में बताया कि मैंने फोन के लिए बचत की थी। अब भरोसा टूट गया। लेकिन वीडियो से सबूत मिला, इसलिए जल्दी हल हुआ। वे अब फ्लिपकार्ट या अन्य प्लेटफॉर्म ट्राई करने को कह रहे हैं।
ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए पुलिस ने टिप्स दिए। हमेशा आर्डर डिटेल्स चेक करें। अनबॉक्सिंग वीडियो बनाएं। अगर कुछ गड़बड़ हो, तो तुरंत कस्टमर केयर को सूचित करें। अमेज़न पर सालाना 10 करोड़ से ज्यादा आर्डर आते हैं, लेकिन फ्रॉड केस 0.1 प्रतिशत से कम हैं। फिर भी, एक केस भी दर्दनाक होता है। बेंगलुरु में साइबर क्राइम यूनिट ने 2025 में 5000 से ज्यादा केस दर्ज किए। ज्यादातर फिशिंग, फेक ऐप्स से। लेकिन डिलीवरी फ्रॉड नया खतरा है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि जीपीएस ट्रैकिंग वाले पैकेज यूज करें। अमेज़न ने नई पॉलिसी लॉन्च की, जिसमें वीडियो अनबॉक्सिंग अनिवार्य है।
प्रेमानंद की कहानी उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करती है। भारत में कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत ऑनलाइन फ्रॉड पर सख्त सजा है। प्रेमानंद ने एनसीपी (नेशनल कंज्यूमर प्रोटेक्शन) में भी शिकायत की। अमेज़न ने माफी मांगी और गिफ्ट वाउचर दिया। पुलिस जांच में अगर इनसाइड जॉब पकड़ा गया, तो बड़ा खुलासा हो सकता है। बेंगलुरु जैसे शहरों में ई-कॉमर्स वर्कर्स की संख्या 5 लाख से ज्यादा है। ट्रेनिंग और सैलरी बढ़ाने से फ्रॉड कम हो सकता है। प्रेमानंद अब सतर्क हैं। वे कहते हैं, टेक्नोलॉजी अच्छी है, लेकिन इंसान पर भरोसा कम।
यह फ्रॉड दीपावली जैसे त्योहार पर हुआ, जब शॉपिंग पीक पर होती है। लोग जल्दबाजी में आर्डर करते हैं। प्रेमानंद की तरह कईयों को झटका लगता है। लेकिन उनका वीडियो उदाहरण बनेगा। सोशल मीडिया पर, AmazonFraud ट्रेंड कर रहा है। अमेज़न ने कहा कि हम 99.9 प्रतिशत डिलीवरी सेफ रखते हैं। लेकिन एक गलती पूरी इमेज खराब कर देती है। पुलिस ने डिलीवरी पार्टनर ईकॉमर्स को नोटिस भेजा। जांच पूरी होने पर आरोपी पकड़े जाएंगे। प्रेमानंद को न्याय मिलेगा।
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