दिल्ली में प्रदूषण के कारण बड़ा फैसला- नर्सरी से कक्षा 5 तक ऑफलाइन क्लासेज बंद, केवल ऑनलाइन मोड में होगी पढ़ाई।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक के गंभीर स्तर पर पहुंचने के कारण शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक के गंभीर स्तर पर पहुंचने के कारण शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 5 तक की ऑफलाइन कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह आदेश 15 दिसंबर 2025 को जारी किया गया और इसके अनुसार इन कक्षाओं की पढ़ाई केवल ऑनलाइन मोड में ही होगी, जब तक आगे आदेश न दिए जाएं। स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिभावकों को इस बदलाव की तुरंत सूचना दें और ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इससे पहले 13 दिसंबर को जारी निर्देशों में कक्षा 6 से ऊपर की कक्षाओं के लिए हाइब्रिड मोड की अनुमति थी, लेकिन अब निचली कक्षाओं के लिए पूरी तरह ऑनलाइन मोड अनिवार्य कर दिया गया है।
यह निर्णय दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए लिया गया है। 15 दिसंबर को दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 427 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले 14 दिसंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स 461 तक पहुंच गया था, जो दिसंबर महीने में दर्ज दूसरा सबसे ऊंचा स्तर था। शहर के कई इलाकों में धुंध की मोटी परत छाई रही, जिससे दृश्यता कम हो गई और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शहर के 27 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर थी, जबकि 12 स्टेशनों पर यह बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। कुछ इलाकों जैसे जहांगीरपुरी, वजीरपुर और आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स 490 से ऊपर पहुंच गया। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के स्टेज-4 को लागू किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। स्टेज-4 के तहत प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसमें निर्माण कार्यों पर रोक और वाहनों की आवाजाही पर पाबंदियां शामिल हैं। स्कूलों में छोटे बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑफलाइन कक्षाओं पर रोक लगाई गई है। निदेशालय के सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नर्सरी से कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं बंद रहेंगी और पढ़ाई केवल ऑनलाइन होगी। कक्षा 6 से ऊपर की कक्षाओं में पहले की तरह हाइब्रिड मोड जारी रहेगा, जिसमें स्कूल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प प्रदान कर सकते हैं।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर बना हुआ है, जिसके कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में धुंध छाई रही। विजय चौक, कार्तव्य पथ, अक्षरधाम और अन्य क्षेत्रों में मोटी धुंध देखी गई। कम हवा की गति और कम तापमान के कारण प्रदूषक कण नीचे फंस गए, जिससे स्थिति और खराब हो गई। इस आदेश से पहले अभिभावकों को विकल्प दिया गया था कि वे बच्चों को स्कूल भेजें या ऑनलाइन कक्षाओं का चुनाव करें, लेकिन अब यह विकल्प वापस ले लिया गया है। सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन करें और जिला तथा जोनल स्तर पर उप निदेशक इसकी निगरानी करेंगे। पड़ोसी क्षेत्रों नोएडा और गाजियाबाद में भी इसी तरह के उपाय किए गए हैं। नोएडा में प्री-नर्सरी से कक्षा 5 तक की कक्षाएं पूरी तरह ऑनलाइन मोड में चल रही हैं, जबकि गाजियाबाद में भी निचली कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पढ़ाई अनिवार्य है। दिल्ली में यह आदेश सभी स्कूलों पर लागू है, जिसमें एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के अंतर्गत आने वाले स्कूल भी शामिल हैं। प्रदूषण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि उच्च एयर क्वालिटी इंडेक्स स्तर को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
दिल्ली में दिसंबर महीने में प्रदूषण का स्तर अक्सर बढ़ जाता है, और इस बार यह स्थिति और गंभीर हो गई है। 15 दिसंबर की सुबह शहर के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 से ऊपर दर्ज किया गया। इस आदेश से लाखों छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, लेकिन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। स्कूलों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की स्थिति की समीक्षा के बाद ही ऑफलाइन कक्षाओं को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। यह आदेश शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी सर्कुलर के आधार पर सभी स्कूलों में लागू किया गया है। कक्षा 10 और 12 की कक्षाएं पहले की तरह स्कूल में जारी रहेंगी, क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखा गया है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत स्कूलों में यह बदलाव किया गया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियां जारी की गई हैं, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए। इस आदेश से स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर भी पूर्ण रोक लग गई है।
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