डिजिटल युग में स्वास्थ्य का मंत्र: बाबा रामदेव ने युवाओं को दी 10-12 घंटे डिजिटल फास्टिंग की सलाह, मानसिक संतुलन और शारीरिक फिटनेस पर जोर।
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख सम्मेलन के मंच पर योग गुरु बाबा रामदेव ने युवाओं को डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाए रखने की महत्वपूर्ण
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख सम्मेलन के मंच पर योग गुरु बाबा रामदेव ने युवाओं को डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाए रखने की महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि कम से कम 10 से 12 घंटे की डिजिटल फास्टिंग करनी चाहिए, जिससे मानसिक संतुलन बना रहे और शारीरिक फिटनेस में सुधार हो। यह सलाह ऐसे समय में आई जब डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग युवाओं में तनाव, अनिद्रा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है। बाबा रामदेव ने उपवास की परंपरा पर जोर देते हुए बताया कि डिजिटल उपवास और इंटरमिटेंट फास्टिंग दोनों ही स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। उन्होंने लंबे समय से उपवास की आवश्यकता पर अपनी बात रखी और युवाओं को इससे जुड़ने की अपील की।
सम्मेलन के दौरान बाबा रामदेव ने वजन घटाने के लिए गोलियों या इंजेक्शन के उपयोग को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे तरीके अपनाना उचित नहीं है और इसके बजाय प्राकृतिक उपायों पर ध्यान देना चाहिए। उपवास को स्वास्थ्य का आधार बताते हुए उन्होंने इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनाने की सिफारिश की। डिजिटल फास्टिंग के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल डिवाइस से दूर रहने से दिमाग शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। युवाओं को यह सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि रोजाना 10-12 घंटे बिना डिजिटल उपकरणों के समय बिताना चाहिए, जिससे मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होता है। बाबा रामदेव ने फिजिकल फिटनेस पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने योग और प्राकृतिक जीवनशैली को फिट रहने का सबसे अच्छा तरीका बताया। सम्मेलन में उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया की भागदौड़ में शारीरिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डिजिटल फास्टिंग से न केवल मानसिक संतुलन बनता है, बल्कि शरीर को आराम मिलता है और ऊर्जा स्तर बढ़ता है। उन्होंने उपवास की प्रथा को सदियों पुरानी बताते हुए कहा कि यह शरीर को detox करने का प्राकृतिक तरीका है। इंटरमिटेंट फास्टिंग को भी उन्होंने स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया।
इस अवसर पर बाबा रामदेव ने रूस में योग की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रूस में योग को अपनाया जा रहा है और वहां योग सत्र आयोजित हो रहे हैं। यह बात स्वास्थ्य और फिटनेस के वैश्विक महत्व को दर्शाती है। युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों का उपयोग सीमित रखें और इसके बजाय योग, ध्यान और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दें। 10-12 घंटे की डिजिटल फास्टिंग से नींद की गुणवत्ता सुधरती है और तनाव कम होता है। मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि दिमाग को स्क्रीन से दूर रखा जाए। बाबा रामदेव ने सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए फिजिकल फिटनेस के लिए योगाभ्यास की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि रोजाना योग करने से शरीर मजबूत होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। डिजिटल फास्टिंग को योग के साथ जोड़कर अपनाने से लाभ दोगुना हो जाता है। युवा पीढ़ी को यह सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में खोने के बजाय वास्तविक जीवन पर फोकस करें। उपवास और डिजिटल डिटॉक्स से मानसिक शांति मिलती है। उन्होंने इंटरमिटेंट फास्टिंग को भी स्वास्थ्य का हिस्सा बताया।
सम्मेलन के मंच से बाबा रामदेव ने युवाओं को मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए डिजिटल फास्टिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि दिन में कम से कम 10-12 घंटे बिना मोबाइल या स्क्रीन के समय बिताना चाहिए। इससे दिमाग तरोताजा रहता है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। शारीरिक फिटनेस के लिए उन्होंने प्राकृतिक तरीकों पर जोर दिया। वजन घटाने के लिए इंजेक्शन या दवाओं पर निर्भरता को गलत ठहराया। उपवास को शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी बताया। बाबा रामदेव की यह सलाह ऐसे समय में आई जब युवा डिजिटल एडिक्शन से जूझ रहे हैं। उन्होंने डिजिटल उपवास को मानसिक स्वास्थ्य का आधार बताया। फिजिकल फिटनेस के लिए योग और व्यायाम को जरूरी कहा। सम्मेलन में उन्होंने रूस में योग की डील का जिक्र किया, जहां योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को अपील की कि डिजिटल फास्टिंग अपनाकर जीवन को संतुलित बनाएं। इंटरमिटेंट फास्टिंग और डिजिटल डिटॉक्स से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
इस कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने उपवास की परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपवास स्वास्थ्य का हिस्सा रहा है। डिजिटल फास्टिंग को नई पीढ़ी के लिए अनुकूलित रूप बताया। युवाओं को 10-12 घंटे की इस प्रक्रिया से मानसिक संतुलन मिलेगा। शारीरिक फिटनेस के लिए योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। वजन घटाने के कृत्रिम तरीकों को अस्वीकार किया। बाबा रामदेव ने सम्मेलन में युवाओं को संबोधित करते हुए डिजिटल युग की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल फास्टिंग को मानसिक स्वास्थ्य का हथियार बताया। 10-12 घंटे की इस फास्टिंग से तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। फिजिकल फिटनेस के लिए प्राकृतिक उपवास और योग पर जोर दिया। इंटरमिटेंट फास्टिंग को स्वास्थ्य का सहारा बताया। रूस में योग की प्रगति का उदाहरण दिया।
What's Your Reaction?











