Sambhal Violence: सम्भल से बड़ी खबर- हिंसा मामले में बयान दर्ज करने पहुंची न्यायिक जांच आयोग की टीम, जामा मस्जिद के अंदर भी गई थी आयोग की टीम।

सम्भल की सदर तहसील क्षेत्र में बीते 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के दूसरे सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में लोगों के बयान दर्ज करने के लिए न्यायिक जांच की ...

By INA News Desk
Jan 21, 2025 - 18:48
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Sambhal Violence: सम्भल से बड़ी खबर- हिंसा मामले में बयान दर्ज करने पहुंची न्यायिक जांच आयोग की टीम, जामा मस्जिद के अंदर भी गई थी आयोग की टीम।

उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल हिंसा की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग की टीम दोबारा सम्भल पहुंची है टीम ने जामा मस्जिद के हिंसा वाले इलाके एवं जामा मस्जिद में निरीक्षण किया है हिंसा के संबंध में अधिकतम जानकारी जुटाने की कोशिश की है वहीं एसपी ने पुलिस की फारेंसिक जांच एवं विदेशी कारतूस मिलने की जानकारी भी दी है करीब बीस मिनट तक टीम जामामस्जिद में रुकी। उसके बाद टीम पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंची है जहां संबंधित लोगों को बयान दर्ज कराने को गेस्ट हाउस में बुलाया गया है आपको बता दें कि आयोग का आज दूसरा दौरा है पहले दौरे एवं उसके बाद से बीते दिन हिंसा के संबंध में पब्लिक के किसी व्यक्ति ने अपना कोई बयान दर्ज नहीं कराया था जिसके बाद आयोग ने बयान दर्ज कराने को आज एक और मौका दिया वहीं हिंसा वाले जामामस्जिद इलाके एवं जामा मस्जिद का निरीक्षण किया है।

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जनपद सम्भल की सदर तहसील क्षेत्र में बीते 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के दूसरे सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में लोगों के बयान दर्ज करने के लिए न्यायिक जांच की तीन सदस्य टीम जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में निरीक्षण भवन पहुंची जिसमें पूर्व आईपीएस ए के जैन तथा पूर्व आईएएस अमित मोहन प्रसाद भी शामिल है। जांच आयोग की टीम ने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया साथ ही न्यायिक जांच आयोग की टीम जामा मस्जिद के अंदर पहुंची और निरीक्षण किया और शाही जामा माजिद के सदर जफर अली से जानकारी भी हासिल की। इस विषय में जानकारी देते हुए शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट ने बताया कि जांच न्यायिक आयोग की टीम आई थी जांच के लिए वो जामा मस्जिद परिसर में भी गई थी हम लोग वहां पर मौजूद थे उन्होंने हमसे सिर्फ जगह के बारे में पूछा मालूम किया यह क्या है यह हौज है यहां बजू करते हैं इधर से उधर से जीना जाता है यहां कब्रें है यहां पर यह पेड़ है हमने कहा यह दो सौ से चार सौ साल पुराना पेड़ है एक ही पेड़ है दंगे से वायलेंस से संबंधित कोई बात हमसे नहीं पूछी उसके लिए तो हमें वहां जाकर अपना बयान हलफी देना होगा उसके हिसाब से वो हमारा बयान लेंगे। क्या आज आप अपना बयान दर्ज कराएंगे के सवाल पर उन्होंने कहा कि शायद नहीं क्योंकि मैं अभी फिजिकली और मेंटली थोड़ा रेडी नहीं हूं नेक्स्ट वीक रिटायर्ड जस्टिस साहब ने नेक्स्ट वीक आने को कहा है।

जफर अली, सदर जामा मस्जिद

ए. के. जैन, न्यायिक जांच आयोग टीम सदस्य

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