Political News: मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तमिल नेताओं पर साधा निशाना, बोले- हिंदी का विरोध करते हैं और फिल्में डब करके मुनाफा कमाते हैं

आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीख और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने तमिलनाडु के नेताओं पर तीखा हमला किया है। उन्होंने शुक्रवार को नेशनल एजुकेशन...

By INA News Desk
Mar 15, 2025 - 23:08
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Political News: मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तमिल नेताओं पर साधा निशाना, बोले- हिंदी का विरोध करते हैं और फिल्में डब करके मुनाफा कमाते हैं

आंध्र प्रदेश की उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तमिल के नेताओं पर निशाना साधने का काम किया। उन्होंने कहा कि हिंदी का विरोध करते हैं और फिल्में डब करके मुनाफा कमाते हैं।

  • तमिलनाडु के नेताओं को पवन कल्याण ने दिया करारा जवाब

आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीख और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने तमिलनाडु के नेताओं पर तीखा हमला किया है। उन्होंने शुक्रवार को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के विरोध और हिंदी को थोपने के आरोपों के संबंध में तमिलनाडु के नेताओं की आलोचना की। पवन कल्याण ने इसे "पाखंड" करार देते हुए सवाल उठाया कि वे हिंदी का विरोध क्यों करते हैं, जबकि हिंदी फिल्मों को डब करके वे मुनाफा कमाते हैं। उन्होंने यह बयान काकीनाडा के पीथमपुरम में अपनी पार्टी के 12वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान दिया।

  • हिंदी से कमाते है लाभ

पवन कल्याण ने तमिलनाडु के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हिंदी का विरोध करते हैं, लेकिन वित्तीय लाभ के लिए अपनी तमिल फिल्मों को हिंदी में डब करने की अनुमति देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "मुझे समझ में नहीं आता कि कुछ लोग संस्कृत की आलोचना क्यों करते हैं, और तमिलनाडु के नेता हिंदी का विरोध क्यों करते हैं, जबकि वे अपनी फिल्मों को हिंदी में डब करने की अनुमति देते हैं ताकि वे उससे पैसा कमा सकें। वे बॉलीवुड से पैसा चाहते हैं, लेकिन हिंदी को स्वीकार करने से इनको परहेज है यह किस तरह का तर्क है?"

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  • पवन कल्याण ने स्टालिन पर साधा निशाना

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के उस आरोप के जवाब में पवन कल्याण ने यह बयान दिया है। जिसमें स्टालिन ने केंद्र सरकार पर NEP के त्रिभाषा फॉर्मूले के जरिए हिंदी थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। पवन कल्याण ने भारत की भाषाई विविधता पर जोर देते हुए कहा कि भारत को तमिल सहित कई भाषाओं की जरूरत है, न कि सिर्फ दो भाषाओं की। उन्होंने कहा, "हमें भाषाई विविधता को अपनाना चाहिए, न सिर्फ अपने देश की अखंडता को बनाए रखने के लिए, बल्कि अपने लोगों के बीच प्रेम और एकता को बढ़ावा देने के लिए भी।" पवन कल्याण ने इस बयान के जरिए तमिलनाडु के नेताओं के हिंदी विरोधी रवैये पर भी सवाल उठाया और भारत की सांस्कृतिक विविधता को महत्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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