Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे कॉन्क्लेव का उद्घाटन, देश-दुनिया की अग्रणी फार्मा कंपनियां लेंगी हिस्सा।

योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश का फार्मास्यूटिकल व मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत योगी

Jan 31, 2026 - 16:10
27 Views
Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे कॉन्क्लेव का उद्घाटन, देश-दुनिया की अग्रणी फार्मा कंपनियां लेंगी हिस्सा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे कॉन्क्लेव का उद्घाटन, देश-दुनिया की अग्रणी फार्मा कंपनियां लेंगी हिस्सा।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से उत्तर प्रदेश बनेगा देश का अग्रणी फार्मा हब
  • योगी सरकार 3 फरवरी को आयोजित कराने जा रही “फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन उत्तर प्रदेश”
  • प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में फार्मा व मेडिकल डिवाइस सेक्टर की अहम भूमिका 

लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश का फार्मास्यूटिकल व मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत योगी सरकार 3 फरवरी को राजधानी लखनऊ स्थित होटल ताज में “फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन उत्तर प्रदेश” का आयोजन करने जा रही है। इस कॉन्क्लेव को उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कॉन्क्लेव को केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं रसायन-उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा वीडियो के माध्यम से संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी व राकेश सचान,  राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह व जसवंत सिंह सैनी तथा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दया शंकर मिश्र दयालु विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। 

  • फार्मा कॉन्क्लेव में देश-दुनिया की अग्रणी कंपनियां लेंगी हिस्सा

एफएसडीए सचिव एवं आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में फार्मा व मेडिकल डिवाइस सेक्टर को इस लक्ष्य की रीढ़ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए योगी सरकार बुनियादी ढांचे, नीतिगत सुधारों और निवेशकों के अनुकूल वातावरण पर लगातार काम कर रही है। फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में देश और दुनिया की अग्रणी फार्मा कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनमें रामकी ग्रुप के चेयरमैन एवं राज्यसभा सदस्य अयोध्या रामी रेड्डी, सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा, डॉ. रेड्डीज के चेयरमैन डॉ. सतीश रेड्डी, ज़ाइडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन पंकज आर. पटेल और टोरेंट फार्मा के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता शामिल हैं। इनके अलावा कॉन्क्लेव के सत्रों में एमएसएन लेबोरेटरीज के एमएसएन रेड्डी, डाबर के निदेशक आदित्य वर्मन, एलकेम के निदेशक संदीप सिंह की उपस्थिति भी उल्लेखनीय होगी।

ये सभी उद्योग जगत के दिग्गज उत्तर प्रदेश में निवेश, उत्पादन, अनुसंधान व नवाचार की संभावनाओं पर मंथन करेंगे। कॉन्क्लेव को देश के सबसे बड़े फार्मा संगठन इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए), इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईडीएमए), बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीडीएमएआई), ऑर्गनाइजेशन ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोड्यूसर्स ऑफ इंडिया (ओपीपीटी) और फेडरेशन ऑफ फार्मा आन्ट्रप्रनर्स (एफओपीई) आदि संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

  • सीएम योगी की नीतियों से प्रदेश में निवेशकों को मिल रहा बड़ा प्रोत्साहन

एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को फार्मा हब के रूप में विकसित करने के लिए यूपी फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस उद्योग नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत निवेशकों को 15 प्रतिशत तक की पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट और बिजली शुल्क में पूर्ण छूट जैसे आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा यूपी एफडीआई/एफसीआई एवं फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फॉर्च्यून इंडिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति 2023, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति 2024 जैसी योजनाएं निवेश को और सरल बना रही हैं। इन नीतियों का ही असर है कि प्रदेश के ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क और ग्रेटर नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क तेजी से आकार ले रहे हैं। साथ ही प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज, 450 से ज्यादा फार्मा कॉलेज और नाइपर रायबरेली, केजीएमयू, एसजीपीजीआई, आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं।

  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी की वैश्विक स्तर पर बनी मजबूत पहचान

यूपी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में बड़ी छलांग लगाई है। निवेश मित्र जैसे सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए आवेदन से लेकर परियोजना संचालन तक की प्रक्रिया आसान की गई है। एफएसडीए की भूमिका भी निवेशकों को समयबद्ध मंजूरी और नियामकीय सहयोग देने में अहम है। प्रदेश के पास रेडी-टू-मूव औद्योगिक भूमि का बड़ा बैंक भी उपलब्ध है।

Also Read- Gorakhpur: योगी का सख्त ऐलान- भूमाफिया और दबंगों को अब बख्शा नहीं जाएगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow