Delhi Blast : क्या इस हमले में है जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध हाथ? फरीदाबाद से बरामद 2900 किलो विस्फोटक से जुड़ाव की आशंका, फिलहाल हाई अलर्ट के बीच जांच जारी

दिल्ली को आतंकी हमलों का केंद्र बनाए रखने की साजिशें नई नहीं हैं। राजधानी ने पिछले तीन दशकों में कई ऐसी घटनाओं का सामना किया है, जिनमें सैकड़ों निर्दोष जिं

Nov 10, 2025 - 23:43
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Delhi Blast : क्या इस हमले में है जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध हाथ? फरीदाबाद से बरामद 2900 किलो विस्फोटक से जुड़ाव की आशंका, फिलहाल हाई अलर्ट के बीच जांच जारी
Delhi Blast : क्या इस हमले में है जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध हाथ? फरीदाबाद से बरामद 2900 किलो विस्फोटक से जुड़ाव की आशंका, फिलहाल हाई अलर्ट के बीच जांच जारी

दिल्ली की राजधानी आज एक बार फिर दहशत की चपेट में आ गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास शाम करीब सात बजे एक कार में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिला दिया। इस हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास की तीन-चार गाड़ियां आग की लपटों में घिर गईं और मेट्रो स्टेशन के शीशे तक टूट गए। दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।यह घटना और भी चिंताजनक इसलिए लग रही है क्योंकि आज ही सुबह जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद में एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और अंसार गजवात-उल-हिंद (एजीयूएच) से जुड़ा बताया जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली ब्लास्ट का तार इसी नेटवर्क से जुड़ा है? एनआईए की जांच में यह कोण प्रमुखता से देखा जा रहा है।

  • दिल्ली के अतीत के धमाकों का काला अध्याय

दिल्ली को आतंकी हमलों का केंद्र बनाए रखने की साजिशें नई नहीं हैं। राजधानी ने पिछले तीन दशकों में कई ऐसी घटनाओं का सामना किया है, जिनमें सैकड़ों निर्दोष जिंदगियां खो चुकी हैं। इन हमलों ने न केवल शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया। यहां कुछ प्रमुख घटनाओं का जिक्र है, जो आज के ब्लास्ट की याद दिला रही हैं।सबसे पहले बात 1996 की लाजपत नगर मार्केट बम विस्फोट की। 27 मई को हुए इस धमाके में 13 लोग मारे गए थे, जबकि 38 से अधिक घायल हुए। भीड़भाड़ वाले बाजार में छिपाकर रखे गए बम ने बाजार को तबाह कर दिया। जांच में हरकत-उल-जिहाद-इस्लामी का हाथ सामने आया। इसके बाद 1997 में दिल्ली में एक के बाद एक कई बम धमाके हुए। अक्टूबर में सदर बाजार में दो बम विस्फोटों से 30 लोग घायल हुए। उसी साल अक्टूबर में शांतिवन, कोरिया पुल और किंग्सवे कैंप में तीन धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हुई और 16 घायल हुए। दिसंबर 1997 में करोल बाग, पंजाबी बाग, रानी बाग, चांदनी चौक और एक चलती बस में बम विस्फोटों से कई लोग प्रभावित हुए। इन घटनाओं में कुल दर्जनों लोग घायल हुए।

साल 2000 में लाल किले के पास ही दो शक्तिशाली बम धमाके हुए, जिसमें एक आठ साल की बच्ची की मौत हो गई और 12 लोग घायल हुए। दिसंबर 2000 में लाल किले के अंदर गोलीबारी से दो जवान शहीद हो गए। 2001 का संसद हमला तो दिल्ली की सुरक्षा के लिए एक बड़ा आघात था, जिसमें नौ सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी मारे गए। 2002 में अटारी बाजार और 2005 में मार्केट्स में धमाकों से कई घायल हुए।सबसे खौफनाक हमले 2005 के दिवाली ब्लास्ट थे। 29 अक्टूबर को सरोजिनी नगर, पहाड़गंज और गोविंदपुरी बस में तीन धमाकों से 62 लोग मारे गए और 210 से अधिक घायल हुए। लश्कर-ए-तैयबा का हाथ माना गया। 2006 में जामा मस्जिद के आंगन में दो धमाकों से 14 लोग घायल हुए। 2008 में सीरियल ब्लास्ट्स ने दिल्ली को हिला दिया। 13 सितंबर को कनॉट प्लेस, गफ्फार मार्केट (करोल बाग) और ग्रेटर कैलाश के एम-ब्लॉक मार्केट में पांच धमाकों से 30 लोग मारे गए और 130 घायल हुए। इंडियन मुजाहिदीन ने जिम्मेदारी ली। उसी साल 27 सितंबर को मेहरौली फूल मार्केट ब्लास्ट से तीन की मौत हुई और 23 घायल हुए।2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर 25 मई को बम विस्फोट से 15 लोग मारे गए और 79 घायल हुए। यह एक ब्रीफकेस बम था। हाल ही में 20 अक्टूबर 2024 को रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर कम तीव्रता का धमाका हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इन सभी घटनाओं में कुल सैकड़ों मौतें और हजारों घायल हुए। ये हमले बाजारों, मेट्रो, कोर्ट और स्मारकों को निशाना बनाते रहे, जो दिल्ली की भीड़भाड़ वाली जिंदगी को दर्शाते हैं। आज का ब्लास्ट भी इसी कड़ी का हिस्सा लग रहा है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी है।

  • फरीदाबाद बरामदगी का पूरा विवरण

आज सुबह की कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट से ठीक पहले हुई, जो संयोग मात्र नहीं लग रही। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़े आतंकी नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया। फरीदाबाद के धौज गांव में किराए के एक फ्लैट से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट, सल्फर और अन्य केमिकल बरामद हुए। कुल 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, जिसमें आईईडी बनाने के लिए रसायन, ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी, वायर, रिमोट कंट्रोल, टाइमर और धातु की शीटें शामिल हैं। हथियारों में एक एके-47 राइफल (तीन मैगजीन के साथ), चाइनीज स्टार पिस्टल, बेरेटा पिस्टल, एके-56 राइफल, 84 कारतूस और दो खाली कारतूस मिले।यह मॉड्यूल 'व्हाइट कॉलर टेरर' का उदाहरण है। इसमें शिक्षित लोग, खासकर डॉक्टर, शामिल थे। मुख्य आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल शकील (35 वर्षीय, पुलवामा से) अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शिक्षक था। उसके फ्लैट से ज्यादातर सामग्री बरामद हुई। दूसरा डॉक्टर आदिल अहमद राथर (कुलगाम से) सहारनपुर से गिरफ्तार हुआ, जो श्रीनगर में जेईएम के पोस्टर लगाने के आरोपी था। लखनऊ की डॉक्टर शाहीन को भी हिरासत में लिया गया; उसकी कार से एक एके-47 राइफल मिली। इसके अलावा एक इमाम इश्तियाक और अन्य सात लोग गिरफ्तार। कुल आठ गिरफ्तारियां हुईं।

यह नेटवर्क कश्मीर, हरियाणा, यूपी और जम्मू-कश्मीर में फैला था। पाकिस्तान से हैंडलर निर्देश दे रहे थे। एन्क्रिप्टेड ऐप्स से संपर्क, चैरिटी के नाम पर फंडिंग और आईईडी बनाने की ट्रेनिंग। जेईएम के संस्थापक मसूद अजहर से जुड़ा यह ग्रुप दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमले की योजना बना रहा था। एनआईए और आईबी अब क्रॉस-बॉर्डर फंडिंग और लॉजिस्टिक्स की जांच कर रही हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई 15 दिनों की निगरानी का नतीजा है।

  • दिल्ली ब्लास्ट की तत्कालीन स्थिति और जांच का अपडेट

धमाका एक ह्युंडई आई20 कार में हुआ, जो हरियाणा नंबर की थी। कार सिग्नल पर रुकी थी, जिसमें दो-तीन लोग सवार थे। धमाके से कार के पार्ट्स 150 मीटर दूर तक बिखर गए। आसपास ई-रिक्शा और गाड़ियां जल गईं। चश्मदीदों ने बताया कि धुआं और चीखें चारों तरफ फैल गईं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "धमाका इतना तेज था कि मैं तीन बार गिर पड़ा। हाथ में मांस के टुकड़े लगे।" घायलों को लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया, जहां आठ मौतों की पुष्टि हुई। कुछ की हालत गंभीर है।दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने कहा कि 10 मिनट में स्पेशल सेल पहुंची। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल), डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल स्क्वॉड सक्रिय हैं। एनएसजी कमांडो और एनआईए की टीमें जांच में जुटीं। प्रारंभिक जांच में आईईडी का इस्तेमाल लग रहा, लेकिन पेलेट इंजरी नहीं मिली। कार मालिक नदीम खान को हिरासत में लिया गया। यह सुसाइड अटैक या स्टिकी बम हो सकता है। अमित शाह ने कहा, "कुछ मौतें और चोटें हुईं। सभी एजेंसियां गहराई से जांच कर रही हैं।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया और स्थिति की समीक्षा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी संवेदना जताई।

  • दोनों घटनाओं का संभावित कनेक्शन और सुरक्षा अलर्ट

सुबह फरीदाबाद बरामदगी और शाम दिल्ली ब्लास्ट ये दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी लग रही हैं। एनआईए सूत्रों के मुताबिक, बरामद अमोनियम नाइट्रेट जैसा ही केमिकल दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हो सकता है। जेईएम का पैटर्न कार बम, आईईडी पहले के हमलों से मिलता है। फरीदाबाद सिर्फ 45 किमी दूर है, और मॉड्यूल दिल्ली को निशाना बना रहा था। जांच में पुष्टि होनी बाकी, लेकिन कनेक्शन की आशंका मजबूत है।

गृह मंत्रालय ने देशभर में हाई अलर्ट जारी किया। दिल्ली-एनसीआर में सतर्कता बरती जा रही। महाराष्ट्र, तेलंगाना, कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और बरेली जैसे शहरों में पुलिस ने चेकिंग बढ़ाई। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, बाजार और सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी। यूपी और नेपाल सीमा पर भी चौकसी। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो वायरल हो रहे, जहां धमाके का धुआं और अफरा-तफरी दिख रही। राजनीतिक हस्तियां जैसे राजनाथ सिंह, प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल ने शोक व्यक्त किया।

यह ब्लास्ट दिल्ली की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। व्हाइट कॉलर टेरर शिक्षित लोगों का शामिल होना नई चुनौती है। एजेंसियां अब एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और फंडिंग ट्रैक करेंगी। एनआईए ने यूएपीए के तहत केस दर्ज किया। भविष्य में बाजारों, मेट्रो और स्मारकों पर सीसीटीवी, फ्रिस्किंग और इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ानी होगी। जेईएम जैसे ग्रुपों पर पाकिस्तान से दबाव बनाना जरूरी। यह घटना याद दिलाती है कि शांति के लिए सतत सजगता चाहिए।

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