गाजीपुर की डॉ. अपराजिता सिंह का नासा के आर्टेमिस-II मिशन में नाम अंकित, रिसर्च और इनोवेशन को नासा ने दी मान्यता

डॉ. अपराजिता गाजीपुर के वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी सुजीत सिंह ‘प्रिंस’ की बेटी हैं। बचपन से मेधावी रही अपराजिता ने शिक्षा और शोध में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उ

Sep 18, 2025 - 22:12
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गाजीपुर की डॉ. अपराजिता सिंह का नासा के आर्टेमिस-II मिशन में नाम अंकित, रिसर्च और इनोवेशन को नासा ने दी मान्यता
डॉ. अपराजिता सिंह

गाजीपुर की होनहार बेटी और भारतीय शोधकर्ता डॉ. अपराजिता सिंह (पूजा) ने अपने नवाचारों से भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने उनके शोध और योगदान को मान्यता देते हुए उनके नाम को आर्टेमिस-II मिशन में शामिल किया है। उनका नाम एक माइक्रोचिप पर अंकित किया जाएगा, जो इस ऐतिहासिक मिशन के साथ चंद्रमा की परिक्रमा करेगा।

नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम ऑफिस ने डॉ. अपराजिता को भेजे पत्र में कहा कि उनके विचार और कार्य मानवता के ज्ञान, विज्ञान की प्रगति और अंतरिक्ष अनुसंधान में स्थिरता के लिए प्रेरक हैं। पत्र में उनके शोध, नवाचार और समर्पण को सराहा गया, जो युवा शोधकर्ताओं और भावी नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

डॉ. अपराजिता गाजीपुर के वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी सुजीत सिंह ‘प्रिंस’ की बेटी हैं। बचपन से मेधावी रही अपराजिता ने शिक्षा और शोध में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी सफलता के पीछे उनके पिता और परिवार का निरंतर समर्थन रहा है। उन्होंने इको नोवा स्पेस सूट और रोबोटिक्स जैसे नवाचारों के साथ अंतरिक्ष अनुसंधान को सुरक्षित और बुद्धिमान बनाने में योगदान दिया। साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित एआई-एकीकृत स्मार्ट कॉम्बैट यूनिफॉर्म विकसित कर सैनिकों की सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता को बढ़ाया।

आर्टेमिस-II मिशन 21वीं सदी का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान है, जिसमें स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव की स्थायी उपस्थिति का मार्ग प्रशस्त करेगा। डॉ. अपराजिता का इस मिशन से जुड़ना गाजीपुर और भारत के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धियां दर्शाती हैं कि मेहनत और जुनून से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

डॉ. अपराजिता ने मॉस्को के यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में विशेष अंतरिक्ष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया, जहां उन्हें जीरो ग्रेविटी और स्पेस मिशन प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग दी गई। उनकी प्रतिभा को गोवा राजभवन में ‘इम्पैक्ट बियॉन्ड मेजर सीएसआर अवॉर्ड 2025’ से भी सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धियां गाजीपुर और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

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