Sitapur: नैमिषारण्य तीर्थ नगरी में फैली गंदगी और नगर पालिका की उदासीनता, प्रशासन की अनदेखी से योजनाएं फेल।
विश्व विख्यात तीर्थ स्थल नैमिषारण्य में नगर पालिका अध्यक्ष व कर्मचारियों की उदासीनता के चलते तीर्थ नगरी में चहुंओर
नैमिषारण्य/सीतापुर। विश्व विख्यात तीर्थ स्थल नैमिषारण्य में नगर पालिका अध्यक्ष व कर्मचारियों की उदासीनता के चलते तीर्थ नगरी में चहुंओर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है सफाई कर्मचारी कार्य को सही तरीके से अंजाम नहीं दे रहे। कहीं नाले उफन रहे हैं तो कहीं नालों से निकाली गयी गंदगी सड़क पर डाल दी गयी है। नगर में सफाई व्यवस्था चौपट हो चुकी है। नगर के चक्र तीर्थ के समीप हनुमान गढ़ी जाने वाले मार्ग पर नाला चोक होने की वजह से सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है जिसके चलते श्रद्धालु मजबूरन गंदे पानी से होकर गुजरते है।
पानी की टंकी के पास जगह-जगह गंदगी के ढ़ेर लगे हैं, यहां पर लोग अपने परिवार सहित जीवन यापन करने को विवश हैं। माँ ललिता देवी मंदिर मार्ग पर भी आये दिन कूड़े के ढेर देखने को मिल ही जाते है बी.आई.पी.आने की सुगबुगाहट लगते ही कार्य में आला अधिकारी जुट जाते और जाते फिर स्थिति जस की तस हो जाती है।
नैमिष के मो. उत्तर वार्ड-1.में तो वार्ड वासी बीते कई वर्षों से भगवान के ही भरोसे जीवन यापन करते क्योंकि वह पर पिछले कई वर्षों से जल निकासी बाधित है और जलजीवन योजना के तहत जो रोड थी वह भी ध्वस्त हो गयी है जोकि रास्ता पूरी तरिके से बाधित हो चुका है वार्ड वासी समय समय पर जनप्रतिनिधि व उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी दे चुके है लेकिन इसके बाबजूद भी कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
बीते नगर पालिका उपचुनाव में भाजपा नेताओं द्वारा बनाये वाट्सप ग्रुप पर पूर्व मंडल अध्यक्ष मिश्रित नैमिष धर्माचार्य सतीश शास्त्री नगर में व्याप्त गंदगी पर नारजगी ब्यप्त करते दिखे। पूर्व मंडल अध्यक्ष कल्ली अभिषेक त्रिपाठी नें भीषण ठंड में आलाव ना जलने कि बात कही। एक ओर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नैमिष कि ओर प्रेम किसी से छुपा नहीं है वह समय समय सदन में तीर्थ स्थल कि चर्चा करते रहते है लेकिन नगर पालिका प्रसासन के तनाशाही के चलते योजनाए सफेद हाथी साबित हो रही है।
Also Read- Sambhal: कड़ाके की सर्दी में राहत के साथ रैन बसेरे की दीवारों पर उकेरी जा रही देशभक्ति की झलक।
What's Your Reaction?









