ED ने Winzo मामले में Rs.505 करोड़ विदेशी खातों में अटैच किए, Rs.3,522 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु जोनल ऑफिस के माध्यम से Winzo Pvt Ltd से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अमेरिका और
- ED की कार्रवाई: Winzo के अमेरिका और सिंगापुर खातों में $55.69 मिलियन फ्रीज, कुल अटैचमेंट Rs.1,194 करोड़ पहुंचा
- ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म Winzo पर BOT/AI से यूजर्स को धोखा देने का आरोप, PMLA के तहत जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु जोनल ऑफिस के माध्यम से Winzo Pvt Ltd से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अमेरिका और सिंगापुर में स्थित बैंक खातों में रखे गए करीब $55.69 मिलियन (लगभग Rs.505 करोड़) की चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। ये खाते Winzo US Inc (अमेरिका) और Winzo SG Pte Ltd (सिंगापुर) नामक विदेशी कंपनियों के नाम पर हैं, जो Paavan Nanda और Saumya Singh Rathore द्वारा संचालित और नियंत्रित बताई गई हैं। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत चल रही जांच के दौरान की गई है। ED का आरोप है कि Winzo ने 2021-22 से 2025-26 (22 अगस्त 2025 तक) के बीच Rs.3,522.05 करोड़ की अवैध कमाई की, जो proceeds of crime के रूप में उत्पन्न हुई। इस राशि को rake commission के रूप में यूजर्स के डिपॉजिट से निकाला गया।
ED ने कहा कि कंपनी ने रीयल मनी गेम्स में यूजर्स को बिना बताए BOTs, AI, algorithms या software (जिन्हें PPP/EP/Persona कहा गया) से मैच कराया। यूजर्स को लगता था कि वे असली खिलाड़ियों से खेल रहे हैं लेकिन वास्तव में वे BOTs से हार रहे थे। इससे यूजर्स अधिक मैच खेलते रहे और कंपनी को rake commission मिलता रहा। ED ने दावा किया कि कंपनी ने यूजर्स के वॉलेट से निकासी को सीमित या रोका भी। जांच में पाया गया कि ये proceeds विदेशी शेल कंपनियों के माध्यम से विदेश भेजे गए, जहां उन्हें overseas direct investment के नाम पर पार्क किया गया।
- अटैचमेंट और जांच का विवरण
अटैच की गई संपत्तियां विदेशी बैंक खातों में बैलेंस हैं। ED ने पहले नवंबर 2025 में दिल्ली और गुरुग्राम में सर्च और सीज ऑपरेशन किए थे। 18 से 22 नवंबर 2025 तक सर्च में कंपनी के ऑफिस और अन्य स्थानों पर छापेमारी हुई। दिसंबर 2025 में एक डायरेक्टर के घर और अकाउंटिंग फर्म पर भी सर्च हुई। इन सर्चों से प्राप्त सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ी। ED ने पहले Rs.689 करोड़ की चल संपत्तियां फ्रीज की थीं, जिसमें बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड्स, पेमेंट गेटवे बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, बॉन्ड्स और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट शामिल थे। नवीनतम अटैचमेंट के साथ कुल अटैच या फ्रीज राशि लगभग Rs.1,194 करोड़ हो गई है।
ED ने 23 जनवरी 2026 को बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट में PMLA के तहत prosecution complaint दाखिल की थी। इसमें Winzo Pvt Ltd, उसके डायरेक्टर्स Paavan Nanda और Saumya Singh Rathore तथा सहायक कंपनियां आरोपी हैं। जांच में पाया गया कि कंपनी ने यूजर्स को पारदर्शी, सुरक्षित और बॉट-फ्री प्लेटफॉर्म का दावा किया लेकिन वास्तव में BOTs का इस्तेमाल किया।
- आरोपों का तरीका और प्रभाव
ED के अनुसार कंपनी ने एक मैकेनिज्म बनाया जिसमें यूजर्स को BOTs से मैच कराया जाता था। BOTs हमेशा जीतते थे या यूजर्स को हारने पर मजबूर करते थे। इससे यूजर्स अधिक डिपॉजिट करते और मैच खेलते रहे। कंपनी rake commission से लाभ कमाती रही। ED ने कहा कि इससे यूजर्स को नुकसान हुआ और कंपनी ने proceeds of crime उत्पन्न किया। ये राशि विदेशी शेल कंपनियों के माध्यम से लॉन्ड्रिंग की गई। कुछ राशि भारत में लोन के रूप में घुमाई गई। जांच में पाया गया कि विदेशी निवेश के नाम पर फंड्स ट्रांसफर किए गए।
- जांच की समयरेखा और पिछले कदम
जांच नवंबर 2025 में तेज हुई जब ED ने सर्च ऑपरेशन किए। 18 नवंबर 2025 से शुरू हुई छापेमारी में दिल्ली और गुरुग्राम के स्थानों पर कार्रवाई हुई। दिसंबर 2025 में अतिरिक्त सर्च हुई। जनवरी 2026 में prosecution complaint फाइल की गई। फरवरी 2026 में विदेशी खातों में अटैचमेंट किया गया। ED ने कहा कि आरोपित कंपनियां Paavan Nanda और Saumya Singh Rathore द्वारा नियंत्रित हैं। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई संभव है।
- कुल proceeds of crime और अटैचमेंट
ED ने proceeds of crime को Rs.3,522.05 करोड़ बताया है, जो FY 2021-22 से 22 अगस्त 2025 तक की है। इसमें rake commission शामिल है। अटैचमेंट में विदेशी खाते मुख्य हैं। पहले घरेलू संपत्तियां फ्रीज की गईं। कुल Rs.1,194 करोड़ की संपत्ति प्रभावित हुई है। ED ने कहा कि ये कार्रवाई PMLA के प्रावधानों के तहत है।
- कंपनी और आरोपी
Winzo Pvt Ltd एक रीयल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म है। आरोपी में कंपनी, उसके डायरेक्टर्स और विदेशी सब्सिडियरीज शामिल हैं। ED ने कहा कि विदेशी कंपनियां शेल हैं और भारत से फंड्स ट्रांसफर किए गए। जांच में पाया गया कि यूजर्स को धोखा दिया गया।
- मामले का महत्व
यह कार्रवाई ऑनलाइन रीयल मनी गेमिंग सेक्टर में ED की जांच का हिस्सा है। ED ने BOTs और AI के इस्तेमाल से धोखाधड़ी का आरोप लगाया। यूजर्स को बिना जानकारी के BOTs से खेलाया गया। जांच में विदेशी फंड ट्रांसफर पर फोकस रहा। PMLA के तहत स्पेशल कोर्ट में केस चल रहा है।
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