Ayodhya: दोस्ती का खूनी अंत- सरयू नदी तट पर युवक की बेरहमी से हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार।
जनपद में सरयू नदी के तट पर हुई युवक की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ
अयोध्या। जनपद में सरयू नदी के तट पर हुई युवक की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन व एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी की निगरानी में थाना रौनाही पुलिस टीम ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा किया। यह जानकारी एसएसपी डॉ0 गौरव ग्रोवर ने पत्रकारो को दी।
मामला थाना रौनाही पर पंजीकृत मु0अ0सं0 597/2025, धारा 103(1)/238 बीएनएस व 3(2)V एससी/एसटी एक्ट से जुड़ा है। घटना में शामिल अभियुक्तों को 2 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित बांका, मृतक का पर्स, स्कूल पहचान पत्र व नकदी बरामद की है।
उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को शुभम रावत (निवासी खानपुर, थाना खंडासा) रौनाही ड्योढ़ी बाजार आने के बाद घर वापस नहीं लौटा। अगले दिन पिता आशाराम रावत ने बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के दोस्तों के सीडीआर खंगाले, जिसमें अंकुर पाण्डेय व गिरीश रावत संदिग्ध पाए गए। पूछताछ में दोनों ने पहले सरयू नदी में डूबने की कहानी गढ़ी, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आ गई। आरोपियों की निशानदेही पर 31 दिसंबर 2025 को सरयू नदी से शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि शुभम द्वारा अंकुर पाण्डेय की शादी की फोटो उसकी पुरानी प्रेमिका को भेजे जाने से विवाद हुआ था, वहीं गिरीश रावत से पैसों के लेन-देन को लेकर आए दिन झगड़ा होता था। इन्हीं कारणों से दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई और 26 दिसंबर को पम्पिंग स्टेशन के पास ले जाकर शुभम की बेरहमी से हत्या कर शव सरयू में फेंक दिया। अयोध्या पुलिस की त्वरित व सटीक कार्रवाई से हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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