Hapur : हापुड़ में मिलावटखोरों पर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 मामलों में लगाया 12.80 लाख रुपये का जुर्माना
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम सुखदेवपुर में अमित के यहां से ली गई बालूशाही में हानिकारक रंगों का प्रयोग पाया गया। इसी तरह दिल्ली रोड स्थित एक कंपनी से लिए गए सरसों के तेल और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने भी जां
हापुड़ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई से मिलावट करने वालों में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान बालूशाही, सरसों का तेल, शहद और पनीर जैसी चीजों में मिलावट पाए जाने के बाद विभाग ने 12 मामलों में कुल 12.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। लैब की रिपोर्ट में मिठाई, तेल और मसालों में रसायनों और असुरक्षित तत्वों की पुष्टि हुई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम सुखदेवपुर में अमित के यहां से ली गई बालूशाही में हानिकारक रंगों का प्रयोग पाया गया। इसी तरह दिल्ली रोड स्थित एक कंपनी से लिए गए सरसों के तेल और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने भी जांच में फेल हो गए। सबसे चौंकाने वाला मामला शहद में सामने आया, जहाँ शहद बनाने में राइस सिरप और चावल के पानी की मिलावट पाई गई। इसके अलावा ग्रीन चिल्ली सॉस, रंगीन कचरी और पनीर भी मानकों के विपरीत पाए गए।
सहायक आयुक्त सुनील कुमार ने बताया कि मिलावटी सामान बेचना लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और इन सभी मामलों में अब कोर्ट में वाद दायर किए जाएंगे। अदालत ने पुराने मामलों में भी कड़ा रुख अपनाते हुए आइसक्रीम, काली मिर्च और पनीर बेचने वालों पर 25-25 हजार रुपये का दंड लगाया है। वहीं, बिना लाइसेंस दुकान चलाने वालों पर सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए समीर कन्फैक्शनरी और एक अन्य किराना स्टोर पर पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। विभाग की इस सख्ती से बाजार में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
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