Hardoi : साइबर जागरूकता के लिए CyTrain प्रशिक्षण, पुलिस अधीक्षक ने दिए दिशा-निर्देश

CyTrain प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों से संबंधित नवीनतम तकनीकों और रणनीतियों से अवगत कराना है। इस प्रशिक्षण में साइबर

Aug 10, 2025 - 23:50
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Hardoi : साइबर जागरूकता के लिए CyTrain प्रशिक्षण, पुलिस अधीक्षक ने दिए दिशा-निर्देश
साइबर जागरूकता के लिए CyTrain प्रशिक्षण, पुलिस अधीक्षक ने दिए दिशा-निर्देश

हरदोई : जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशिक्षण इकाई में एक विशेष साइबर जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिसे CyTrain के नाम से जाना जाता है, आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सभी थानाध्यक्षों, साइबर थाना कर्मियों, और क्षेत्राधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता और जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह प्रशिक्षण साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों से निपटने और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।CyTrain प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों से संबंधित नवीनतम तकनीकों और रणनीतियों से अवगत कराना है। इस प्रशिक्षण में साइबर अपराधों की प्रकृति, उनके प्रकार, और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। साइबर अपराधों में ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डेटा चोरी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, और साइबर स्टॉकिंग जैसे अपराध शामिल हैं। प्रशिक्षण में पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों की शिकायतों को दर्ज करने, उनकी जांच करने, और त्वरित कार्रवाई करने की प्रक्रिया को समझाया गया। इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग पर भी जोर दिया गया, ताकि पीड़ित आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कर सकें।

पुलिस अधीक्षक ने अपने निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों, जैसे कंप्यूटर लैब, सॉफ्टवेयर, और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समीक्षा की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पुलिस कर्मियों को आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने साइबर थाना कर्मियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि वे साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करें। पुलिस अधीक्षक ने यह भी जोर दिया कि साइबर अपराधों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, इसलिए पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण और अपडेटेड जानकारी से लैस होना होगा।इस प्रशिक्षण में साइबर जागरूकता के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। इसमें आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति शामिल थी। पुलिस कर्मियों को स्कूलों, कॉलेजों, और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इन कार्यक्रमों में लोगों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, मजबूत पासवर्ड बनाने, और संदिग्ध लिंक या मैसेज से बचने की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, साइबर वॉलंटियर और साइबर क्लब जैसे पहलों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। साइबर वॉलंटियर कार्यक्रम के तहत आम नागरिकों को साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूक करने और उन्हें सुरक्षा व्यवस्था में भागीदार बनाने की योजना है। वहीं, साइबर क्लब शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थापित किए जाएंगे।

प्रशिक्षण में साइबर स्लेवरी जैसे गंभीर अपराधों पर भी चर्चा हुई। यह एक ऐसा अपराध है जिसमें तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके लोगों का शोषण किया जाता है। पुलिस कर्मियों को ऐसे अपराधों की पहचान करने और उनकी रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही, राष्ट्रीय बाल संरक्षण और शोषण निवारण केंद्र (NECMEC) के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि बाल शोषण से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके।पुलिस अधीक्षक ने अपने दिशा-निर्देशों में यह भी कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सामुदायिक सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को साइबर अपराधों से बचने के लिए शिक्षित करें। इसके लिए नुक्कड़ नाटक, मैराथन, और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी गई। हरदोई पुलिस ने पहले भी साइबर जागरूकता के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जैसे कि पीरामल फाइनेंस के साथ मिलकर छह दिवसीय जागरूकता अभियान, जिसमें नुक्कड़ नाटकों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से लोगों को शिक्षित किया गया था।

इस प्रशिक्षण का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू था नए आपराधिक कानूनों के बारे में जानकारी देना। भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के तहत साइबर अपराधों से निपटने की प्रक्रिया में बदलाव आए हैं। पुलिस कर्मियों को इन कानूनों के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए ‘कर्मयोगी ऐप’ का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। यह ऐप पुलिस कर्मियों को नवीनतम कानूनी जानकारी और अपडेट्स प्रदान करता है, ताकि वे अपनी जांच और कार्रवाई को और प्रभावी बना सकें।

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