Hardoi News: रोजगार सेवक और ग्राम विकास अधिकारी से वसूली की कार्रवाई शुरू, फर्जी व्यक्ति के नाम से भुगतान करने का आरोप
मामला भरखनी विकास खंड की पीपरगांव ग्राम पंचायत का है, दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री आवास लाभार्थी रामश्री ने आईजीआरएस पर आवास निर्माण के लिए मनरेगा से मिलने वाली 90 दिन...
By INA News Hardoi.
खंड विकास अधिकारी ने मामले में रोजगार सेवक कुलदीप पटेल, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अनिल वर्मा पर फर्जी व्यक्ति के नाम से ई. अगला लेख मस्टर रोल जारी करने एवं अनियमित रूप से भुगतान करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को प्रेषित कर प्रभारी उपायुक्त मनरेगा एवं जिला विकास अधिकारी कमलेश ने बताया, 28 जनवरी को ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एवं रोजगार सेवक को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी साक्ष्य एवं जवाब न देने पर दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली का नोटिस ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अनिल वर्मा पर फर्जी व्यक्ति के नाम से ई- मस्टर रोल जारी करने एवं अनियमित रूप से भुगतान करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को प्रेषित कर दी।
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मामले की शिकायत किए जाने के बाद आला अधिकारियों ने मजदूरी हड़पने के मामले में वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला भरखनी विकास खंड की पीपरगांव ग्राम पंचायत का है, दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री आवास लाभार्थी रामश्री ने IGRS पर आवास निर्माण के लिए मनरेगा से मिलने वाली 90 दिन की मजदूरी न मिलने की शिकायत दर्ज करवाई। मामले की जांच में आवास लाभार्थी महिला के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में मजदूरी की धनराशि डाल कर निकालने की पुष्टि हुई। प्रभारी उपायुक्त मनरेगा एवं जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया 28 जनवरी को ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एवं रोजगार सेवक को अंतिम नोटिस जारी किया गया था।
इसके बाद भी साक्ष्य एवं जवाब न देने पर दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली का नोटिस जारी कर दिया गया है। बताया आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अनिल वर्मा के फरवरी माह के वेतन से 6004 रुपये की किश्त काटने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार तीन माह तक सचिव के वेतन से वसूली की जाएगी। जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी अपनी जेब भरने के लिए गरीबों के हक पर डाका डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। भरखनी विकास खंड में प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सेवक गरीब आवासहीन आवास लाभार्थी को आवास बनाने के लिए मिलने वाली मजदूरी ही डकार गए।
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