कुर्नूल बस हादसे पर भड़के हैदराबाद पुलिस कमिश्नर: नशे में गाड़ी चलाने वाले सड़क पर आतंकवादी, कोई रहम नहीं

शिवा शंकर ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया और बाइक हाईवे पर गिर गई। वे खुद भी हादसे में मारे गए। बस ड्राइवर मिरियाला लक्ष्मैया ने बाधा देखकर ब्रेक लगाया,

Oct 26, 2025 - 22:41
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कुर्नूल बस हादसे पर भड़के हैदराबाद पुलिस कमिश्नर: नशे में गाड़ी चलाने वाले सड़क पर आतंकवादी, कोई रहम नहीं
कुर्नूल बस हादसे पर भड़के हैदराबाद पुलिस कमिश्नर: नशे में गाड़ी चलाने वाले सड़क पर आतंकवादी, कोई रहम नहीं

आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में शुक्रवार तड़के एक भयानक बस हादसे ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया। हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 20 लोगों की जलकर मौत हो गई। जांच में सामने आया कि हादसे का मुख्य कारण दो नशे में धुत बाइक सवार युवकों की लापरवाही थी। इस घटना पर हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नशे में गाड़ी चलाने वालों को सड़क पर आतंकवादी करार देते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर कोई रहम नहीं बरता जाएगा। कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, नशे में गाड़ी चलाने वाले आतंकवादी हैं। उनकी हरकतें सड़कों पर आतंक फैलाने जैसी हैं।

हादसा 24 अक्टूबर की तड़के करीब साढ़े दो बजे नेशनल हाईवे 44 पर कुर्नूल के चिन्ना टेकुर गांव के पास हुआ। वेमुरी कावेरी ट्रेवल्स की इस डबल डेकर बस में 44 यात्री सवार थे। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दो बाइक सवार युवक, पंचाला शिवा शंकर और एरिस्वामी, नशे के आगोश में थे। वे कुर्नूल के पास एक पेट्रोल पंप पर रात दो बजकर 22 मिनट पर बाइक में 300 रुपये का पेट्रोल भरवाने पहुंचे। दो बजकर 26 मिनट पर वे वहां से रवाना हुए। बस भी उसी पंप से दो बजकर 39 मिनट पर गुजरी। लगभग दस मिनट बाद, करीब तीन किलोमीटर दूर हाईवे पर बाइक सड़क पर पड़ी मिली। बाइक का पेट्रोल टैंक कैप ठीक से बंद नहीं था, जिससे ईंधन लीक हो गया।

शिवा शंकर ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया और बाइक हाईवे पर गिर गई। वे खुद भी हादसे में मारे गए। बस ड्राइवर मिरियाला लक्ष्मैया ने बाधा देखकर ब्रेक लगाया, लेकिन बस बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक बस के नीचे आ गई और घसीटते हुए चिंगारियां उड़ने लगीं। लीक हुए पेट्रोल ने आग पकड़ ली, जो मिनटों में पूरी बस को लपेट में ले ली। यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। आग इतनी तेज थी कि बस जलकर राख हो गई। मरने वालों में दो बच्चे शामिल थे, जबकि नौ लोग घायल हुए। घायलों को कुर्नूल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शव इतने जले हुए थे कि पहचान मुश्किल हो गई। पुलिस ने डीएनए टेस्ट के जरिए पहचान की प्रक्रिया शुरू की।

हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने इस हादसे को महज दुर्घटना नहीं, बल्कि रोकने योग्य नरसंहार बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, कुर्नूल बस हादसा सच्चे अर्थों में कोई दुर्घटना नहीं था। यह नशे में धुत बाइक सवार की लापरवाही से हुआ एक बचाव योग्य हादसा था। नशे में गाड़ी चलाने वाले अपराधी हैं, जो सेकंडों में पूरे परिवारों को तबाह कर देते हैं। कमिश्नर ने कहा, ऐसे लोग मानव बम की तरह हैं। वे सड़कों पर घूमते हुए निर्दोषों की जिंदगियां उड़ा देते हैं। हैदराबाद पुलिस का रुख साफ है, नशे में गाड़ी चलाने पर जीरो टॉलरेंस। जो भी पकड़ा जाएगा, उसे कानून की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा। कोई नरमी नहीं, कोई छूट नहीं।

सज्जनार ने समाज से अपील की कि नशे में गाड़ी चलाने को गलती न समझें, बल्कि अपराध मानें। उन्होंने कहा, अगर हम इन्हें छोड़ते रहे, तो ये और ज्यादा लोगों की जान ले लेंगे। अगर कहीं नशे में कोई गाड़ी चला रहा हो, तो तुरंत लोकल पुलिस को सूचना दें या 100 नंबर पर कॉल करें। कमिश्नर के इस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब तहलका मचा दिया। हजारों यूजर्स ने इसे रीट्वीट किया और समर्थन जताया। कई लोगों ने कहा कि सख्त कानूनों की जरूरत है ताकि ऐसे हादसे रुकें।

आंध्र प्रदेश पुलिस ने जांच तेज कर दी है। बस ड्राइवर मिरियाला लक्ष्मैया को गिरफ्तार कर लिया गया। पता चला कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस नकली शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर बना था। वे ड्राइविंग टेस्ट भी नहीं दे पाए थे। बस कंपनी पर भी लापरवाही के आरोप हैं। बस का नवीनीकरण नियमों का पालन किए बिना किया गया था। कंपनी ने 16 ट्रैफिक चालान नजरअंदाज किए थे, जिनमें ओवरस्पीडिंग भी शामिल था। कुर्नूल एसपी ने कहा कि बाइक सवारों की लापरवाही मुख्य कारण थी, लेकिन बस की सुरक्षा व्यवस्था में भी खामियां थीं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर शोक जताया और पीड़ित परिवारों को मुआवजे का ऐलान किया। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर दुख व्यक्त किया और आर्थिक सहायता का वादा किया।

यह हादसा भारत में सड़क सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करता है। नशे में गाड़ी चलाना देशभर में हादसों का बड़ा कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में हर साल लाखों मौतें सड़क दुर्घटनाओं से होती हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा नशे से जुड़ा होता है। तेलंगाना में ही हाल ही में नशे के खिलाफ अभियान चलाया गया, जिसमें 457 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हैदराबाद पुलिस अब और सख्ती बरत रही है। घातक हादसों में शामिल नशे वाले ड्राइवरों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 के तहत 10 साल तक की सजा हो सकती है।

परिवारों का दर्द देखकर दिल टूट जाता है। मरने वालों में हैदराबाद, बेंगलुरु और आसपास के इलाकों के लोग शामिल थे। एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। घायलों के परिजन अस्पतालों के बाहर बेचैन हैं। स्थानीय लोग हाईवे पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीसीटीवी, स्पीड कैमरा और सांस जांच की मशीनें बढ़ानी चाहिए। नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को सिखाना चाहिए कि नशा और गाड़ी कभी साथ नहीं चलनी चाहिए।

सरकारें प्रयास कर रही हैं, लेकिन असली बदलाव जनता की जिम्मेदारी से आएगा। अगर हर कोई सतर्क रहे, तो ऐसे हादसे कम हो सकते हैं। कुर्नूल हादसा एक सबक है। उम्मीद है कि इससे सीख लेकर सड़कें सुरक्षित बनेंगी। नशे में गाड़ी चलाना आत्महत्या नहीं, बल्कि दूसरों की हत्या है। कमिश्नर सज्जनार का बयान इसी सच्चाई को बयां करता है। आने वाले दिनों में और सख्त कदम उठाने की उम्मीद है।

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