Hardoi: बालिका दिवस पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित। 

बालिका दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, हरदोई में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया

By INA News Desk
Jan 24, 2026 - 15:30
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Hardoi: बालिका दिवस पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित। 
बालिका दिवस पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित। 

हरदोई। बालिका दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, हरदोई में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदोई द्वारा संपन्न कराया गया।

शिविर का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रीता कौशिक तथा अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भूपेंद्र प्रताप के निर्देशन एवं तहसील विधिक सेवा समिति सदर के सचिव/तहसीलदार सचिंद्र कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम में बालिकाओं के जन्म एवं शिक्षा का अधिकार, लिंग निर्धारण की रोकथाम (पीसीपीएनडीटी अधिनियम), बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006, बच्चों के कानूनी अधिकार एवं कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (पॉश) अधिनियम-2013 विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

मुख्यालय से आए अशोक कुमार एवं तहसील सदर की लीगल एड क्लीनिक की पीएलवी कीर्ति कश्यप ने छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए कन्या सुमंगला योजना, 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा (आरटीई) तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करती है।

इस दौरान महिला अपराध से संबंधित किसी भी समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर 1090 के उपयोग की सलाह दी गई। पीसीपीएनडीटी अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया गया कि गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग की पहचान करना एवं उसका खुलासा करना दंडनीय अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है।

पीएलवी श्यामू सिंह ने बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने वाले अभिभावक, रिश्तेदार, पुजारी या अन्य संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाती है।

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (पॉश) अधिनियम-2013 की जानकारी देते हुए बताया गया कि निजी एवं सरकारी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है तथा पीड़िता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। साथ ही नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई। शिविर में प्रधानाचार्य सुषमा दुबेदी, शिक्षिकाएं प्रत्यूषा सिंह, सुषमा पाठक सहित बड़ी संख्या में छात्राएं एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।

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