Lucknow : प्रदेश के सभी अटल और विहान आवासीय विद्यालयों में जाएगी लैब ऑन व्हील्स बस, छात्रों को मिलेगा तकनीकी अनुभव

प्रमुख सचिव सुन्दरम् ने जानकारी दी कि अटल आवासीय विद्यालय खास तौर पर निर्माण मजदूरों के बच्चों और कोरोना महामारी के समय अपने माता-पिता को खो चुके अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए खोले गए हैं। उत्तर प्रदेश के हर मंडल में एक स्कूल के हिसाब से कुल अठारह ऐसे विद्यालय चल रहे हैं। ये सभी स्कू

May 16, 2026 - 12:11
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Lucknow : प्रदेश के सभी अटल और विहान आवासीय विद्यालयों में जाएगी लैब ऑन व्हील्स बस, छात्रों को मिलेगा तकनीकी अनुभव
Lucknow : प्रदेश के सभी अटल और विहान आवासीय विद्यालयों में जाएगी लैब ऑन व्हील्स बस, छात्रों को मिलेगा तकनीकी अनुभव

उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा प्रमुख सचिव एम. के. शन्मुगा सुन्दरम् ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज और स्कूल के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही 'लैब ऑन व्हील्स' बस का निरीक्षण किया। उन्होंने कुलपति ए.के. पांडे से इस बस को लखनऊ के अटल आवासीय विद्यालय में भेजने के लिए कहा, जिससे वहां के बच्चों को भी इस आधुनिक चलती-फिरती प्रयोगशाला को देखने और सीखने का अवसर मिल सके।

प्रमुख सचिव की बात पर 'लैब ऑन व्हील्स' बस को लखनऊ के अटल आवासीय विद्यालय भेजा गया, जहां बच्चों ने बड़े चाव से प्रयोगशाला को देखा, मशीनों का इस्तेमाल किया और अपने मन में उठने वाले सवाल पूछे। बच्चों के इस भारी उत्साह को देखते हुए प्रमुख सचिव ने कुलपति से गर्मियों की छुट्टियों के बाद राज्य के बाकी सभी सत्रह अटल आवासीय विद्यालयों और चौबीस विहान आवासीय विद्यालयों में भी इस बस को भेजने के लिए कहा है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं।

प्रमुख सचिव सुन्दरम् ने जानकारी दी कि अटल आवासीय विद्यालय खास तौर पर निर्माण मजदूरों के बच्चों और कोरोना महामारी के समय अपने माता-पिता को खो चुके अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए खोले गए हैं। उत्तर प्रदेश के हर मंडल में एक स्कूल के हिसाब से कुल अठारह ऐसे विद्यालय चल रहे हैं। ये सभी स्कूल सीबीएसई बोर्ड से जुड़े हैं और इनमें एक हजार छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। यहाँ नवोदय, केंद्रीय और सैनिक स्कूलों के रिटायर्ड शिक्षकों के साथ-साथ चुने हुए शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इन स्कूलों के पहले बैच के विद्यार्थियों ने इस साल दसवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए तिरानवे प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल कर सफलता पाई है, जिसमें प्रयागराज और वाराणसी के स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा।

इसके साथ ही श्रम विभाग की ओर से चलाए जा रहे विहान आवासीय विद्यालय राज्य के बारह जिलों में काम कर रहे हैं। हर जिले में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग विद्यालय बनाए गए हैं, जिनकी संख्या कुल चौबीस है। ये स्कूल राज्य के शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं और इनमें हिंदी माध्यम से कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की तरह काम करने वाले इन स्कूलों में हर कक्षा में सौ बच्चों के पढ़ने की क्षमता है।

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