Lucknow News: खुद को आंबेडकर के समकक्ष खड़ा करना चाहते हैं अखिलेश- डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल
डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि हम अंबेडकरवादी लोग बाबा साहब का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का कृत्य खुद दलित विरोधी है...
सार-
- बाबा साहब का अपमान अब और बर्दाश्त नहीं करेगा दलित समाज- डॉ. निर्मल
- बाबा साहब की आधी तस्वीर के साथ अपनी जोड़ी गई तस्वीर को तत्काल हटाएं अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)- डॉ. निर्मल
- अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का कृत्य दलित विरोधी, अपने शासन काल में दलितों के साथ किया अन्याय- डॉ. निर्मल
- दलित समाज से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)- डॉ. निर्मल
By INA News Lucknow.
लखनऊ: दलित चिंतक एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल (Dr. Lalji Prasad Nirmal) ने सामाजवादी पार्टी के होर्डिंग में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की आधी तस्वीर काटकर उस हिस्से में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की तस्वीर लगाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे घोर आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि यह बाबा बाबा साहब का अपमान है।
डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल (Dr. Lalji Prasad Nirmal) ने कहा कि हम अंबेडकरवादी लोग बाबा साहब का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का कृत्य खुद दलित विरोधी है, उन्होंने अपने शासनकाल में दलित कार्मिकों के प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगाई जिससे लाखों दलित अधिकारियों और कर्मचारियों को डिमोशन का दंश झेलना पड़ा। दलित समाज अभी तक इसे भूला नहीं है।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) दलितों को अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। बाबा साहब की आधी तस्वीर काटकर उसमें अपनी आधी तस्वीर लगाकर वे शायद दलित समाज को यह बताना चाहते हैं कि वे बाबा साहब के बराबर हैं, लेकिन उनके इस कृत्य से दलित समाज न सिर्फ आहत है बल्कि इसे अखिलेश द्वारा जानबूझकर बाबा साहब का अपमान किए जाने का कुत्सित प्रयास मान रहा है।
डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से बने संस्थानों से डॉ. आंबेडकर का नाम हटा दिया था। इतना ही नहीं बाबा सहब की पत्नी रमाबाई आंबेडकर के नाम से बने जिले कानपुर देहात से भी रमाबाई अंबेडकर का नाम हटाया था। डॉ. निर्मल ने कहा अगर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के दिल में बाबा साहब के प्रति थोड़ा भी सम्मान है तो उन्हें बाबा साहब की आधी तस्वीर के साथ अपनी जोड़ी गई तस्वीर को तत्काल हटाना चाहिए और इसके लिए दलित समाज से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
What's Your Reaction?









