Sambhal : मदरसा जामिया इस्लामिया में जलसे का भव्य आयोजन, उलेमाओं ने दी नेक राह पर चलने की नसीहत
कार्यक्रम में हज़रत मौलाना अब्दुल मुहैमिन ने अपने संबोधन में सब्र, सच्चाई और इंसानियत के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में अमन-चैन और भाई
Report : उवैस दानिश, सम्भल
मदरसा जामिया इस्लामिया, महदुससिराज बेगम सराय में बुधवार को एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलेमा, हाफिज़ और स्थानीय लोगों ने शिरकत की। जलसे की शुरुआत कारी साकिब अहमद द्वारा की गई पाक़ कुरआन की तिलावत से हुई, जिसने पूरे माहौल को रूहानी बना दिया।
कार्यक्रम में हज़रत मौलाना अब्दुल मुहैमिन ने अपने संबोधन में सब्र, सच्चाई और इंसानियत के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में अमन-चैन और भाईचारे के लिए नेक आमाल को अपनाना बेहद ज़रूरी है।
इसके साथ ही मुफ्ती अब्दुल रहमान ने नमाज़ की अहमियत पर ज़ोर देते हुए कहा कि हर मुसलमान को पाँच वक्त की नमाज़ का पाबंद होना चाहिए, क्योंकि नमाज़ अल्लाह की तरफ से फ़र्ज़ की गई इबादत है, जो इंसान को बुराइयों से दूर रखती है। जलसा असर की नमाज़ के बाद लगभग शाम 4:30 बजे शुरू हुआ और ईशा की नमाज़ के बाद रात करीब 10 बजे तक चला।
पूरे कार्यक्रम के दौरान उलेमाओं ने लोगों को अच्छे काम करने, समाज में भाईचारा कायम रखने और बुराइयों से बचने की नसीहत दी। वक्ताओं ने खास तौर पर युवाओं से तालीम के साथ-साथ अच्छे अख़लाक अपनाने की अपील की। जलसे की तैयारी और आयोजन में मदरसे से जुड़े कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा, जिनकी मेहनत से कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। जलसे की व्यवस्था में रफीक, कारी फुरकान, नसीम, इरशाद, मुनाज़िर और मौ. फ़रीद सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर दुआ कराई गई, जिसमें देश-दुनिया में अमन, तरक्की और भाईचारे की कामना की गई। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
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