Hardoi : संडीला विकासखंड में नीति आयोग नोडल अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने किया निरीक्षण, योजनाओं की जमीनी हकीकत जांची

सबसे पहले कान्हा गौशाला का दौरा किया गया। नोडल अधिकारी ने गौवंश को गुड़ और केला खिलाकर पूजन किया तथा गौशाला की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। यहां कुल 417 गौवंश स्वस्थ

Feb 18, 2026 - 00:09
53 Views
Hardoi : संडीला विकासखंड में नीति आयोग नोडल अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने किया निरीक्षण, योजनाओं की जमीनी हकीकत जांची
Hardoi : संडीला विकासखंड में नीति आयोग नोडल अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने किया निरीक्षण, योजनाओं की जमीनी हकीकत जांची

नीति आयोग द्वारा नामित नोडल अधिकारी काजल सिंह, निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा ने संडीला विकासखंड में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, सेवा उपलब्धता और ग्रामीण स्तर पर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।सबसे पहले कान्हा गौशाला का दौरा किया गया। नोडल अधिकारी ने गौवंश को गुड़ और केला खिलाकर पूजन किया तथा गौशाला की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। यहां कुल 417 गौवंश स्वस्थ और सुरक्षित पाए गए। प्रबंधन ने बताया कि रोजाना लगभग 6 लीटर दूध बेचा जाता है। गौवंश संरक्षण के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है, जिससे बछिया उत्पादन बढ़ रहा है। टीम ने इस नवाचार की सराहना की और इसे आत्मनिर्भर गौशाला मॉडल की दिशा में अहम कदम बताया।इसके बाद लुमामऊ ग्राम पंचायत के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण हुआ। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं, दवाइयों का भंडारण और उपचार सेवाओं की जांच की गई। सीएचओ और एएनएम से टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, नशा मुक्ति कार्यक्रम, नियमित जांच और समुदाय आधारित गतिविधियों की जानकारी ली गई। केंद्र पर 84 प्रकार की जरूरी दवाइयां उपलब्ध पाई गईं। वीएचएसएनडी सत्र के रिकॉर्ड जांचे गए तथा टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और लाभ की जानकारी ली।मवई मुसलमाना ग्राम पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया गया, जिसमें अपनी वाटिका (पार्क), अमृत सरोवर, पंचायत भवन, ओपन जिम और रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) शामिल थे। आरआरसी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए हर 100 घरों पर एक सफाई कर्मी आउटसोर्सिंग से नियुक्त करने का सुझाव दिया गया।अमृत सरोवर और हरित क्षेत्र के कार्यों की गुणवत्ता जांच की गई तथा जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन पर जोर दिया गया। पंचायत भवन में पंचायत सहायक से जन्म प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाओं और अन्य सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और तुरंत समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। शौचालय निर्माण की मांग पर जरूरी कार्रवाई और वर्षा जल संचयन लागू करने के निर्देश भी दिए गए।प्राथमिक विद्यालय मवई मुसलमाना का भी दौरा किया गया। यहां कुल 108 नामांकित बच्चों में से 94 उपस्थित पाए गए, जो अच्छी उपस्थिति दर्शाता है। कक्षा 1 और 2 में आईसीटी आधारित स्मार्ट क्लास चल रही थी, जहां बच्चों को तकनीक से शिक्षा दी जा रही थी। बच्चों का सीखने का स्तर अच्छा पाया गया तथा शिक्षण व्यवस्था की प्रशंसा की गई। कक्षा 3 से 5 के बच्चों का शैक्षिक स्तर भी संतोषजनक था। टीम ने विद्यालय परिसर में पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, ग्राम स्तर पर स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका से जुड़े कार्यों में लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाए तथा विकास कार्यों की निरंतर निगरानी की जाए। टीम ने समन्वित प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्र में समग्र विकास को तेज करने पर जोर दिया।

You May Read : 'मैं तुमसे प्यार करता हूं', टीचर ने 9वीं क्लास की नाबालिग छात्रा को वैलेंटाइन डे पर प्रपोज किया, हाथ पकड़ा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow