Maha Kumbh 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में स्नान कर देशवासियों के लिए की प्रार्थना
उन्होंने कहा, 'प्रयागराज महाकुम्भ (Maha Kumbh) के अलौकिक वातावरण में मां गंगा, यमुना और अंतः सलिला सरस्वती के पावन संगम में स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्रद्धा औ...
सार-
- संगम स्नान कर राष्ट्रपति ने की समस्त देशवासियों की सुख, समृद्धि और शांति की प्रार्थना
- अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, मां गंगा सब पर अपनी कृपा बनाए रखें
- श्रद्धा और विश्वास का यह विशाल समागम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत और जीवंत प्रतीकः राष्ट्रपति
By INA News Maha Kumbh Nagar.




- महाकुंभ (Maha Kumbh) (Maha Kumbh) मानवता को एकता और आध्यात्मिकता का दे रहा संदेश
उन्होंने कहा, 'प्रयागराज (Prayagraj) महाकुंभ (Maha Kumbh) (Maha Kumbh) के अलौकिक वातावरण में मां गंगा, यमुना और अंतः सलिला सरस्वती के पावन संगम में स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्रद्धा और विश्वास का यह विशाल समागम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत और जीवंत प्रतीक है।
महाकुंभ (Maha Kumbh) (Maha Kumbh) मानवता को एकता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। मां गंगा से मेरी प्रार्थना है कि वे सब पर अपनी कृपा बनाए रखें और सभी के जीवन में सुख और शांति का संचार करती रहें।
- परिजन भी रहे साथ
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महामहिम ने संगम स्नान की अपनी तस्वीरें भी साझा कीं, जिसमें वह पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ त्रिवेणी संगम पर पू्जा अर्चना और स्नान करती नजर आ रही हैं। त्रिवेणी संगम में स्नान के दौरान उनके परिजन भी साथ रहे। स्नान के बाद राष्ट्रपति ने संगम का दुग्धाभिषेक भी किया और आरती भी उतारी। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर राष्ट्रपति एवं उनके परिवार को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) भी उपहार स्वरूप भेंट किए।
- देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगम में पवित्र स्नान के उपरांत धार्मिक आस्था को और अधिक मजबूती देने के लिए अक्षयवट का दर्शन-पूजन किया। सनातन संस्कृति में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी महत्ता पुराणों में भी वर्णित है। इसके अलावा वे यहां सरस्वती कूप के दर्शन को भी पहुंचीं।
उन्होंने बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के महंत और बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि ने पूरे विधि विधान से पूजन संपन्न कराया और राष्ट्रपति को मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।
- डिजिटल महाकुम्भ अनुभूति केंद्र का किया अवलोकन
आधुनिक भारत और डिजिटल युग के साथ धार्मिक आयोजनों को जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी समर्थन दिया। वे डिजिटल महाकुम्भ अनुभूति केंद्र का अवलोकन करने पहुंचीं, जिसमें महाकुम्भ मेले की विस्तृत जानकारी तकनीकी माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही है।
देश-विदेश के श्रद्धालुओं को महाकुम्भ के अद्भुत आयोजन को और अधिक निकटता से अनुभव करने के लिए इसे स्थापित किया गया है। राष्ट्रपति ने स्वयं इसका अनुभव किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने उन्हें केंद्र की विशेषताओं से अवगत कराया।
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