Mainpuri News: राम गबन प्रभु पूछहि तोही... भागवत से पूर्व निकाली कलश यात्रा के साथ कथा प्रारंभ, ईमानदारी से रहने की कला सिखाती है
युवा कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा चलता फिरता प्रयाग है। ये कथा प्रयाग से प्रारंभ होकर अयोध्या में विश्राम करती है। भागवत कथा भाई बहिन,पिता पुत्र, पति पत्नी ...
रिपोर्ट: पंकज शाक्य
By INA News Mainpuri.
किशनी/मैनपुरी: नगर पंचायत के गांव उदयपुर में कलशयात्रा के साथ भागवत कथा कथा का शुभारंभ हो गया। मंगलवार को कथा पंडाल से निकाली गई कलशयात्रा गांव से शुरू हुई पूरे नगर भ्रमण के बाद कथास्थल पर पहुँची। जहां बालकथा वाचक दिनेश शरण ही महाराज बृंदावन बालो ने मंत्रोच्चार के साथ कलश भरवाए। तत्पश्चात सर पर कलश रखकर महिलाएं लगभग पूरे नगर पैदल चलकर कथा पंडाल पहुँची।
वहीं युवा कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा चलता फिरता प्रयाग है। ये कथा प्रयाग से प्रारंभ होकर अयोध्या में विश्राम करती है। भागवत कथा भाई बहिन,पिता पुत्र, पति पत्नी और पड़ोसियों के साथ ईमानदारी से रहने की कला सिखाती है। किसी परिवार में यदि कलह होती है तो उस परिवार के मुखिया को राम जैसा धैर्य भरत जैसा प्रेम अनुकरणीय है।
प्रयागराज के संगम तट पर ऋषि भारद्वाज द्वारा जब याज्ञवल्क्य से प्रश्न किया गया। राम गबन प्रभु पूछहि तोही, कहु सुझाई कृपा निधि मोही। तब उनके द्वारा कथा के जीवन चरित्र का वर्णन किया गया। यही कथा भगवान शंकर पार्वती को सुनाते हैं और यही कथा बाद में कागभुशुण्डि जी गरुण को सुनाते हैं। कलशयात्रा में मुख्तार सिंह यादव, राजकुमारी, नीरज यादव, सभासद मुकेश यादव, पीयूष यादव, विपिन यादव, विनोद यादव, चन्द्रकेश यादव, रामौतार यादव, नितिन यादव, गुड़िया यादव, प्रियांशु यादव सहित दर्जनों भक्तजन साथ साथ चल रहे थे।
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