Sambhal: भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्भल पहुंचे, किसानों, मीडिया और जवानों के लिए करोड़ों मुआवजे की मांग। 

भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए संगठन, किसानों और देश से जुड़े कई

Dec 20, 2025 - 15:59
 0  64
Sambhal: भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्भल पहुंचे, किसानों, मीडिया और जवानों के लिए करोड़ों मुआवजे की मांग। 
भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्भल पहुंचे, किसानों, मीडिया और जवानों के लिए करोड़ों मुआवजे की मांग। 

उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल: भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए संगठन, किसानों और देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हाल ही में जिलाध्यक्ष संतोष यादव के साथ एक विवाद हुआ था, जिसे शांत कराने के लिए वह स्वयं सीओ सम्भल के पास पहुंचे थे। दोनों पक्षों की ओर से धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। सीओ द्वारा यह आश्वासन दिया गया है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी जमानत करा लें, इसके बाद बैठकर मामले का समाधान कराया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश, जिला, मंडल, तहसील और ब्लॉक स्तर पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि किसानों की आवाज़ मजबूती से उठाई जा सके।

उन्होंने केंद्र सरकार से किसान आयोग के गठन की मांग करते हुए कहा कि जिस तरह उद्योगपतियों के हितों के लिए आयोग और नीतियां बनती हैं, उसी तरह किसान आयोग भी फसलों के आधार पर किसानों के हक की लड़ाई लड़े। उन्होंने मांग की कि यदि किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु होती है तो उसके परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर का हवाला देते हुए कहा कि वहां पुलिस के करीब 500 जवान और 110 से अधिक मीडिया कर्मी घायल हुए थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों और मीडिया कर्मियों के लिए भी मुआवजे की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, लेकिन उसे न तो सुरक्षा मिलती है। यदि कोई मीडिया कर्मी गंभीर रूप से घायल होता है तो केंद्र सरकार दो करोड़ और मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को चार करोड़ रुपये मुआवजा दे। उन्होंने देश की सुरक्षा में लगे जल, थल और वायु सेना के जवानों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई जवान शहीद होता है तो संसद में प्रस्ताव पास कर उसके परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकारी संस्थानों के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि रेल, जहाज और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपना गलत है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र है, न कि राजतंत्र। जनता सरकार चुनती है और जो सरकार काम नहीं करती, उसे सत्ता से बाहर करती है। उसी तरह जो अधिकारी काम नहीं करते, उन्हें बर्खास्त कर सही तरीके से काम करवाया जाना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि भानु नाम का पर्यायवाची सूर्य होता है और जो भी सूर्य से टकराएगा, वह जलकर नष्ट हो जाएगा।

Also Read- Lucknow : लेखपाल भर्ती विज्ञापन में आरक्षण विसंगतियों का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, राजस्व परिषद को चेतावनी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।