Lucknow: वन स्टॉप सेंटर बना महिलाओं का मजबूत सहारा: यूपी में 55 हजार से अधिक मामलों में मिली मदद।

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 55,134 प्रकरणों

Mar 25, 2026 - 22:14
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Lucknow: वन स्टॉप सेंटर बना महिलाओं का मजबूत सहारा: यूपी में 55 हजार से अधिक मामलों में मिली मदद।
वन स्टॉप सेंटर बना महिलाओं का मजबूत सहारा: यूपी में 55 हजार से अधिक मामलों में मिली मदद।
  • योगी सरकार में वन स्टॉप सेंटर बने महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सहारा, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 55,134 प्रकरणों में मदद। 
  • पुलिस से लेकर खुद पीड़िता तक पहुंच, हर स्तर पर सक्रिय दिखा सिस्टम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 55,134 प्रकरणों में महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है, जो इस व्यवस्था की व्यापक पहुंच और प्रभाव को दिखाता है। यह उन हजारों महिलाओं की कहानी है जिन्हें संकट की घड़ी में तुरंत सहारा मिला है। इसके अंतर्गत 26,450 मामले पुलिस के माध्यम से आए, जबकि 7,551 महिलाएं खुद सहायता के लिए आगे आईं यानी सिस्टम तक पहुंच और उस पर भरोसा दोनों तेजी से बढ़ा है।

  • हर चैनल से जुड़ा सिस्टम, हर पीड़िता तक पहुंच

वन स्टॉप सेंटर अब एकीकृत व्यवस्था के रूप में काम कर रहे हैं। महिला हेल्पलाइन से 8,506, बाल कल्याण समिति से 6,433 और अन्य माध्यमों से 5,560 मामले सामने आए। इसके अलावा विभिन्न विभागों के जरिए भी महिलाओं को सहायता मिली। यह दिखाता है कि अब व्यवस्था अलग-अलग हिस्सों में बंटी नहीं है, बल्कि एक प्लेटफॉर्म पर आकर पीड़ित महिला को हर जरूरी मदद उपलब्ध करा रही है।

  • हर तरह की समस्या का एक ही समाधान केंद्र

इन प्रकरणों में सबसे अधिक 34,565 मामले सिविल विवादों से जुड़े हैं, जबकि 14,268 मामले घरेलू हिंसा के हैं। इसके अलावा यौन हिंसा, जेंडर आधारित हिंसा और साइबर अपराध से जुड़े मामले भी हैं। साफ है कि वन स्टॉप सेंटर अब केवल एक सेवा नहीं, बल्कि महिलाओं से जुड़ी हर समस्या के समाधान का केंद्र बन चुके हैं।

  • हर उम्र की महिलाओं तक पहुंचता सुरक्षा तंत्र

इन केंद्रों की पहुंच हर आयु वर्ग तक है। 18 से 30 वर्ष की 26,565 महिलाएं, 31 से 45 वर्ष की 7,888 महिलाएं इन सेवाओं से लाभान्वित हुई हैं। इसके अलावा आयु वर्ग की महिलाओं को भी सहायता पहुंचाई गई है। यह बताता है कि यह व्यवस्था समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच बना रही है और जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल रही है।

  • जमीनी स्तर पर सक्रिय, भरोसे का मजबूत आधार

प्रदेश में इस समय 96 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं और अगले महीने अप्रैल में 25 और नए वन स्टॉप सेंटक संचालित हो जाएंगे। इनके माध्यम से लगातार सेवाएं दी जा रही हैं। सीमित स्टाफ के बावजूद बड़ी संख्या में मामलों में सहायता यह दर्शाती है कि सिस्टम जमीन पर काम कर रहा है। कुल मिलाकर, वन स्टॉप सेंटर अब महिला सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। योगी सरकार ने यह साबित किया है कि सुरक्षा का मतलब सिर्फ नीतियां बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है और यही इस मॉडल की असली ताकत है।

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