Saharanpur : DIG का सख्त संदेश: 'शांति-सुरक्षा से कोई समझौता नहीं', डाक कांवड़ शुरू होने से पहले DIG एक्शन में, सुरक्षा-व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण
उन्होंने दो टूक कहा कि कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भी परीक्षा है। उन्होंने मीडिया को जानका
सहारनपुर : डाक कांवड़ के शुभारंभ से पहले ही DIG सहारनपुर परिक्षेत्र ने अलर्ट मोड में कमान संभाल ली है। थाना कुतुबशेर क्षेत्र के अंतर्गत अंबाला रोड कांवड़ मार्ग का उन्होंने स्थलीय निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं ट्रैफिक डायवर्जन, शिविरों, कानून व्यवस्था व सुविधा प्रबंधन का बारीकी से जायजा लिया।
कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर उत्तर भारत में श्रद्धा का सैलाब उमड़ने को तैयार है और प्रशासनिक अमला भी पूरी मुस्तैदी से तैयारियों में जुटा है। इसी क्रम में आज सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) ने डाक कांवड़ के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले अंबाला रोड स्थित कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान DIG न केवल कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन करते नजर आए, बल्कि उन्होंने स्वयं कांवड़ शिविरों और प्रमुख रूट्स पर जाकर व्यवस्थाओं की हकीकत को परखा। कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उन्होंने न केवल श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित किया, बल्कि सेवा-भाव प्रदर्शित करते हुए उन्हें फल और जलपान भी वितरित किए। DIG ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि भीड़ नियंत्रण, महिला सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं, ट्रैफिक डायवर्जन और निगरानी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भी परीक्षा है। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस बार की यात्रा में तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए CCTV कैमरे, ड्रोन निगरानी, 112 कंट्रोल रूम की रियल टाइम एक्टिविटी और महिला पुलिस की विशेष तैनाती की गई है।
साथ ही, हर रूट पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था की गई है। शासन के निर्देशानुसार बिना अनुमति कोई भी अस्थायी शिविर, दुकान या वाहन संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। DIG का यह निरीक्षण और कड़ा संदेश इस बात का साफ संकेत है कि प्रशासन श्रद्धालुओं की सेवा के साथ-साथ शांति और अनुशासन के साथ यात्रा सम्पन्न कराने को प्रतिबद्ध है। अब जब डाक कांवड़ 19 जुलाई से शुरू होने जा रही है, ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए यह तैयारियां सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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