Saharanpur: किसान बनकर पहुंचे जिला कृषि अधिकारी, नरेश फर्टिलाइजर स्टोर पर ओवररेटिंग और टैगिंग अनियमितता के चलते सील
निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर की जांच की गई, जिसमें ओवररेटिंग और टैगिंग में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। दुकानदार द्वारा यूरिया की बिक्री में तय मूल्य से अधिक वसूली...
By INA News Saharanpur.
सहारनपुर : नानौता क्षेत्र में किसानों की लगातार शिकायतों के बाद जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार मावी ने ओवररेटिंग और टैगिंग अनियमितताओं की जांच के लिए एक साहसिक कदम उठाया। उन्होंने किसान बनकर हाईवे पर स्थित नरेश फर्टिलाइजर स्टोर पर छापेमारी की, जहां अनियमितताएं पाए जाने पर दुकान को तत्काल सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र के पेस्टिसाइड और खाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया। जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार मावी ने रूटीन चेकिंग के तहत नानौता के हाईवे पर स्थित नरेश फर्टिलाइजर स्टोर का औचक निरीक्षण किया। किसानों की शिकायतों के आधार पर, उन्होंने एक सामान्य किसान की तरह दुकानदार से यूरिया खरीदने की बात शुरू की। इस दौरान दुकानदार ने यूरिया के साथ अनावश्यक रूप से दूसरा बैग खरीदने के लिए दबाव डाला, जो कि टैगिंग नियमों का उल्लंघन है।
निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर की जांच की गई, जिसमें ओवररेटिंग और टैगिंग में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। दुकानदार द्वारा यूरिया की बिक्री में तय मूल्य से अधिक वसूली और स्टॉक में हेरफेर की पुष्टि होने पर जिला कृषि अधिकारी ने तत्काल दुकान को सील करने का आदेश दिया। इस कार्रवाई में सहायक असिस्टेंट अंकित कुमार भी मौजूद रहे।
जिला कृषि अधिकारी का बयान
कपिल कुमार मावी ने बताया, “किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मैंने स्वयं किसान बनकर दुकान पर यूरिया खरीदने की कोशिश की। दुकानदार ने न केवल अधिक कीमत वसूलने की कोशिश की, बल्कि टैगिंग नियमों का भी उल्लंघन किया। स्टॉक रजिस्टर में अनियमितताएं पाए जाने के बाद दुकान को सील कर दिया गया।” उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के साथ किसी भी तरह की ठगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी कार्रवाइयां पूरे जिले में जारी रहेंगी।
दुकानदारों में हड़कंप
नरेश फर्टिलाइजर स्टोर पर हुई इस कार्रवाई के बाद नानौता और आसपास के क्षेत्रों में पेस्टिसाइड और खाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के रिकॉर्ड और स्टॉक को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है, क्योंकि जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पिछले कुछ समय से सहारनपुर जिले में किसानों ने खाद की ओवररेटिंग और कृत्रिम कमी की शिकायतें की थीं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी लखनऊ में इसी तरह की शिकायतों के बाद दो दुकानों के लाइसेंस रद्द किए थे, जहां यूरिया की बोरी 266 रुपये के बजाय 300 रुपये और डीएपी 1350 रुपये के बजाय 1500 रुपये में बेची जा रही थी। सहारनपुर में भी नानौता के किसानों ने दुकानदारों पर यूरिया और अन्य खादों की बिक्री में मनमानी करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
जिला कृषि अधिकारी कपिल मावी ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत पूरे जिले में खाद और पेस्टिसाइड दुकानों की नियमित जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि किसानों को उचित मूल्य पर खाद और कीटनाशक उपलब्ध हों। ओवररेटिंग, टैगिंग अनियमितता, या स्टॉक में हेरफेर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत तुरंत जिला कृषि कार्यालय में दर्ज कराएं।
नरेश फर्टिलाइजर स्टोर को सील करने के साथ ही दुकानदार को सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है। यदि दुकानदार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाता, तो उसका लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, स्टॉक के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, और उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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