सम्भल का ऐतिहासिक किला चमका: 29 लाख में ‘कारवां सराय’ गेट का कायाकल्प, जल्द बनेगा बड़ा टूरिस्ट हब।
सम्भल में ऐतिहासिक धरोहर को संवारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के नेतृत्व में किले के
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में ऐतिहासिक धरोहर को संवारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के नेतृत्व में किले के मुख्य प्रवेश द्वार ‘कारवां सराय’ का सफल पुनरुद्धार पूरा हो चुका है। इस कार्य की शुरुआत 5 जनवरी 2025 को हुई थी और फरवरी 2026 में इसे पूर्ण कर लिया गया, जिस पर करीब 29 लाख रुपये खर्च हुए।
इस पुनरुद्धार में पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। राजस्थान और झांसी के कारीगरों ने चूना, सुर्खी, गुड़, बेलगिरी और डस्ट जैसी पुरानी निर्माण सामग्री से इस ऐतिहासिक ढांचे को फिर से जीवंत कर दिया। किले के इस हिस्से में मेहराबदार प्रवेश द्वार और पहरेदारों के दो मंजिला कक्ष अब बेहद आकर्षक नजर आ रहे हैं। हालांकि, अभी केवल आंशिक क्षेत्र (करीब 3600 वर्ग मीटर में से एक हिस्सा) ही विकसित किया गया है। शेष क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने पशु बांधने और अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रभावित लोगों को वैकल्पिक आवास देने की योजना भी बनाई जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि सम्भल में कुल 9 एएसआई संरक्षित स्थल हैं, जिनमें से कई पर पुनरुद्धार कार्य जारी है। फिरोजपुर किला भी अगले सप्ताह तक तैयार होने की उम्मीद है।
अब इस किले को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां प्री-वेडिंग शूट, शॉर्ट फिल्म शूटिंग और घूमने-फिरने के लिए आकर्षक स्थल तैयार किया जा रहा है। साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल और गार्डन बनने के बाद यह जगह पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनेगी। पहले जहां गंदगी और अतिक्रमण का अंबार था, आज वही स्थान एक खूबसूरत धरोहर में बदलता नजर आ रहा है। प्रशासन का दावा है कि बाकी बचे अतिक्रमण भी जल्द हटाकर इस ऐतिहासिक स्थल को पूरी तरह संरक्षित किया जाएगा।
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