Sitapur : मंगलाशीष कवि सम्मेलन में हास्य, भक्ति और श्रृंगार का संगम, श्रोता देर तक झूमते रहे
कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ की कवयित्री सोनी मिश्रा ने वाणी वंदना से की। रालामऊ के लवकुश शुक्ला ने अपनी हास्य रचनाओं से सबको हंसाते रहे। पीलीभीत की सरोज सरगम
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर।
बिसवां के सिकंदराबाद स्थित विजयलान में राष्ट्रीय कवि संगम सीतापुर की ओर से मंगलाशीष कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम विनय वर्मा और प्रिया वर्मा के विवाह उत्सव के मौके पर रखा गया। सम्मेलन की अध्यक्षता कमलेश मौर्य मृदु ने की जबकि संचालन बाराबंकी के हास्य कवि संदीप अनुरागी ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ की कवयित्री सोनी मिश्रा ने वाणी वंदना से की। रालामऊ के लवकुश शुक्ला ने अपनी हास्य रचनाओं से सबको हंसाते रहे। पीलीभीत की सरोज सरगम ने गीत और मुक्तक सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। बरेली के कमल सक्सेना ने संस्कारों पर केंद्रित रचनाएं पेश कीं और दर्शकों का दिल जीत लिया।
सोनी मिश्रा के जयमाला गीत और संदीप अनुरागी के व्यंग्य छंदों पर ठहाके गूंजते रहे। अध्यक्ष कमलेश मौर्य मृदु ने मां पर लिखी अपनी मार्मिक रचना से सबको भावुक कर दिया। उनकी पंक्तियां “जिस मां ने मुझे खुद लिखा, उसपर मैं क्या लिखूं” पर तालियों की गड़गड़ाहट हुई। विवाह की थीम पर उनकी रचना “आज दो दिलों का मिलन है” को सभी ने बहुत पसंद किया।
कवियों का स्वागत बैज, माला और शॉल से आयोजक सुनील निगम तथा प्रयोजक लालबहादुर वर्मा ने किया। संयोजक जितेंद्र वर्मा ने सभी के प्रति आभार जताया। देर रात तक चले इस सम्मेलन में श्रोता हास्य, भक्ति और प्रेम के रंग में डूबे रहे।
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