Sitapur : तंबौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जिलाधिकारी ने औचक निरीक्षण, कई गंभीर कमियां सामने आईं
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर पवन कुमार की तैनाती के बावजूद केंद्र में कोई रेडियोलॉजी मशीन या जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीजों को से
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर के जिलाधिकारी राजागणपति आर ने तंबौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में स्वास्थ्य सेवाओं की कई बड़ी कमियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर पवन कुमार की तैनाती के बावजूद केंद्र में कोई रेडियोलॉजी मशीन या जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीजों को सेवा नहीं मिल पा रही है। जिलाधिकारी ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए डॉक्टर पवन कुमार के स्थानांतरण के आदेश जारी किए। प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सभी स्टाफ नर्सों को लेबर रूम में एपिजियोटोमी संबंधित प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए गए।
पीएमसी वार्ड में रोगियों के लिए तय आहार का मेन्यू दीवार पर नहीं लगाया गया था। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मेन्यू को प्रिंट कराकर स्पष्ट रूप से वार्ड की दीवार पर लगाया जाए। एनबीएसयू से जुड़े प्रोटोकॉल को भी अस्पताल के बाहर प्रमुख जगह पर प्रदर्शित करने को कहा गया। अभिलेखों में कमियां पाई गईं। बर्थ रजिस्ट्रेशन आईडी हर मामले में जरूर अंकित करने और लेबर रूम रजिस्टर में सीआरएस नंबर सही से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। फैमिली प्लानिंग काउंसलर को प्रसव के बाद पात्र दंपत्तियों को नसबंदी के लिए प्रभावी सलाह देने को कहा गया।
स्टोर रूम में दवाओं का रखरखाव ठीक नहीं था। निकट समाप्ति वाली दवाएं अलग नहीं रखी गई थीं और स्टॉक में गंभीर लापरवाही मिली। मुख्य फार्मासिस्ट अखिलेश कुमार सोलंकी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने और एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। दवा भंडारण व्यवस्था को तुरंत ठीक करने को कहा गया। लैब के बाहर जांचों की सूची नहीं लगी थी। जिलाधिकारी ने सभी जांचों की नवीनतम सूची स्पष्ट रूप से लगाने के निर्देश दिए। साथ ही किसी मरीज को अनावश्यक रेफर न करने और उपलब्ध संसाधनों से उपचार सुनिश्चित करने को कहा।
आशा कार्यकर्ताओं और सीएचओ के काम की नियमित निगरानी करने तथा क्षेत्र में मरीजों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। एचबीएनसी कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए सभी स्टाफ को उचित प्रशिक्षण और संवेदनशीलता विकसित करने को कहा। वार्ड और वार रूम में अनियमितताओं के कारण स्टाफ नर्स श्वेता गुप्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 15 दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए गए। उन्हें भविष्य में काम के प्रति पूरी जिम्मेदारी निभाने की चेतावनी दी गई। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुरेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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