Special: CM योगी ने बनाया इतिहास, UP के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने
1998 में, 26 साल की उम्र में वे गोरखपुर से लोकसभा सांसद चुने गए और भारत के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। उन्होंने 1998 से 2017 तक लगातार पांच बार गोरखपुर से लोकसभा
लखनऊ : UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जुलाई 2025 को एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने स्वतंत्रता से पहले और बाद के समय को मिलाकर पंडित गोविंद बल्लभ पंत के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। योगी आदित्यनाथ ने 8 वर्ष और 132 दिन तक UP के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, जबकि गोविंद बल्लभ पंत का कार्यकाल 8 वर्ष और 127 दिन का था। इस उपलब्धि के साथ योगी आदित्यनाथ UP के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं।
योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर
योगी आदित्यनाथ, जिनका मूल नाम अजय सिंह बिष्ट है, का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड (तब UP का हिस्सा) के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचुर गांव में हुआ था। वे एक गढ़वाली क्षत्रिय परिवार से हैं। उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट एक फॉरेस्ट रेंजर थे, और माता सावित्री देवी थीं। सात भाई-बहनों में योगी पांचवें नंबर पर थे। 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने गोरखपुर के गोरखनाथ मठ के महंत अवैद्यनाथ के मार्गदर्शन में संन्यास लिया और 'योगी आदित्यनाथ' के नाम से जाने गए।
1998 में, 26 साल की उम्र में वे गोरखपुर से लोकसभा सांसद चुने गए और भारत के सबसे युवा सांसदों में से एक बने। उन्होंने 1998 से 2017 तक लगातार पांच बार गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीता। 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने UP विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया, और 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। 2022 में फिर से भाजपा की जीत के बाद, उन्होंने 25 मार्च 2022 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह, वे UP में लगातार दो बार सरकार बनाने वाले पहले भाजपा नेता बने।
गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड
गोविंद बल्लभ पंत UP के पहले मुख्यमंत्री थे। वे स्वतंत्रता से पहले और बाद में दो अवधियों में मुख्यमंत्री रहे। पहली बार वे 17 जुलाई 1937 से 2 नवंबर 1939 तक प्रीमियर के रूप में कार्यरत रहे, जब UP को संयुक्त प्रांत कहा जाता था। दूसरी बार, वे 1 अप्रैल 1946 से 25 जनवरी 1950 तक प्रीमियर रहे। स्वतंत्रता के बाद, 26 जनवरी 1950 से 27 दिसंबर 1954 तक वे UP के मुख्यमंत्री रहे। इस तरह, उनका कुल कार्यकाल 8 वर्ष और 127 दिन का था। यह रिकॉर्ड लंबे समय तक अटूट रहा, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने इसे 27 जुलाई 2025 को तोड़ दिया।
अन्य मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल
UP के इतिहास में कई बड़े नेता मुख्यमंत्री रहे, लेकिन योगी आदित्यनाथ का कार्यकाल सबसे लंबा है। कुछ प्रमुख मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल इस प्रकार हैं:
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मायावती: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती चार बार मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन उनका कुल कार्यकाल 7 वर्ष और 16 दिन का रहा। उन्होंने कभी भी लगातार पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया।
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मुलायम सिंह यादव: समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव तीन बार मुख्यमंत्री रहे, और उनका कुल कार्यकाल 6 वर्ष और 274 दिन का था।
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अखिलेश यादव: मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव एक बार मुख्यमंत्री रहे और उनका कार्यकाल 5 वर्ष और 4 दिन का था।
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डॉ. संपूर्णानंद: कांग्रेस के नेता संपूर्णानंद 5 वर्ष और 345 दिन तक लगातार मुख्यमंत्री रहे। वे 28 दिसंबर 1954 से 7 दिसंबर 1960 तक इस पद पर थे।
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नारायण दत्त तिवारी: कांग्रेस के नेता नारायण दत्त तिवारी चार बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनका कोई भी कार्यकाल पांच साल तक नहीं रहा। 1985 में उन्होंने दूसरी बार सरकार बनाई थी, जो एक रिकॉर्ड था, लेकिन योगी ने 2022 में इसे तोड़ दिया।
योगी आदित्यनाथ की उपलब्धियां
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में UP ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है। उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार देखा गया। उन्होंने कई मिथकों को तोड़ा, जैसे कि नोएडा जाने से मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाती है। योगी ने अपने कार्यकाल में 25 से ज्यादा बार नोएडा का दौरा किया और अपनी सरकार को मजबूत बनाए रखा।
उनके नेतृत्व में UP की अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय बदलाव आया। 2017 में UP देश की छठी या सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन 2024 तक यह देश की दूसरी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बन गया, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में 9.2% का योगदान देता है। योगी सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को गति दी, जिसका उद्घाटन जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इसके अलावा, योगी ने जेल सुधार, नई जेल नीति, और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे चित्रकूट और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे पर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
ऐतिहासिक उपलब्धियां
योगी आदित्यनाथ ने कई अन्य रिकॉर्ड भी बनाए:
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वे UP में लगातार आठ बार विधान भवन पर ध्वजारोहण करने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। 15 अगस्त 2024 को उन्होंने आठवीं बार तिरंगा फहराया।
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वे उत्तराखंड बनने के बाद पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिनके नेतृत्व में किसी पार्टी ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई।
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2017 में भाजपा को 312 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिला, और 2022 में 255 सीटों के साथ फिर से सरकार बनी। यह UP में पहली बार हुआ कि किसी पार्टी को दो बार दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत मिला।
योगी की लोकप्रियता और नेतृत्व
योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता न केवल UP, बल्कि पूरे देश और विदेशों में भी है। उनकी अनुशासित जीवनशैली, हिंदू राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण, और दमदार भाषणों ने उन्हें एक मजबूत नेता बनाया है। 2002 में उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना की, जिसने युवाओं को उनके साथ जोड़ा। गोरखनाथ मठ के महंत के रूप में, वे धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे।
उनके नेतृत्व में UP में राजनीतिक स्थिरता आई। पहले सियासी उठापटक के कारण कई मुख्यमंत्रियों का कार्यकाल पूरा नहीं हो पाता था, लेकिन योगी ने इस परंपरा को तोड़ा। उनकी सरकार ने नीतियों को लागू करने में निरंतरता दिखाई, जिससे राज्य की छवि में सुधार हुआ। उनके कार्यकाल में UP को 'विकास का इंजन' कहा जाने लगा।
योगी आदित्यनाथ का दूसरा कार्यकाल अभी दो साल बाकी है। अगर वे इसे पूरा करते हैं, तो उनका रिकॉर्ड और मजबूत होगा। उनकी नीतियां और नेतृत्व UP को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाए, जैसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और बुलडोजर नीति, जिसने उनकी छवि को और मजबूत किया।
योगी आदित्यनाथ ने UP के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। गोविंद बल्लभ पंत के रिकॉर्ड को तोड़कर उन्होंने न केवल राजनीतिक स्थिरता का परिचय दिया, बल्कि सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित किए।
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