Special: IPS नीरज कुमार जादौन ने बदल दी 37 युवाओं की जिंदगी, किया कुछ ऐसा कि 37 युवाओं का यूपी पुलिस में हुआ चयन
बागपत जिले के पूर्व SP और वर्तमान में हरदोई में तैनात IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने 2022 में सरूरपुर गांव के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। बता दें कि उस समय IPS
Reported By Vijay Laxmi Singh (Editor- In- Chief)
कहते हैं कि 'अच्छे रिजल्ट लेने के लिए, बातों से नही, रातों से लड़ना पड़ता है' लेकिन इसके अलावा यदि आपके जीवन में हौसला और प्रेरणा देने वाला कोई शख्स हो, जो किसी भी कदम पर आपको आगे बढ़ने के लिए ही प्रेरित करे तो सफलता निश्चित हो जाती है। बागपत जिले के कुछ युवाओं ने एक ऐसे ही शख्स की प्रेरणा को अपने जीवन में उतारकर दिन रात मेहनत की और सफलता की एक नई कहानी लिख डाली, यह खबर जरुर कुछ दिन पहले की है लेकिन ऐसी प्रेरणा और हौसला कभी पुराना नहीं हुआ करता।
आज हम आपको बताने जा रहे हैं संघर्षों से लड़कर, परिस्थितियों के विषम चक्र को सफलता की ओर मोडकर अपने जीवन में कदम कदम पर लोगों को प्रेरणा देने व उन्हें नई राह दिखाने वाले IPS अधिकारी की, जिन्होंने कई युवाओं की जिन्दगी बदल ली, कई घरों को रोशन करने में अहम भूमिका निभाई और शिक्षा के क्षेत्र में एक सामान्य इलाके से 37 युवाओं का हौसला बढ़ाकर उनसे सफलता की कहानी उस जिले के इतिहास में अंकित करवा डाली। यह कहानी है यूपी के बागपत जिले के गांव सरूरपुर कलां की, जहां 37 युवाओं ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल कर एक नई इबारत लिख डाली।
बागपत जिले के पूर्व SP और वर्तमान में हरदोई में तैनात IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने 2022 में सरूरपुर गांव के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। बता दें कि उस समय IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) बागपत जिले के SP थे। उन्होंने न केवल उन्हें कड़ी मेहनत करने की सलाह दी, बल्कि गांव में एक लाइब्रेरी स्थापित करने की भी पहल की। गांव के ही एक युवक ने उनकी प्रेरणा से लाइब्रेरी बनाई, जहां किताबों की व्यवस्था खुद नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने की।
इस लाइब्रेरी का उद्घाटन करते समय उन्होंने युवाओं को बताया कि कैसे वह खुद मेहनत और लगन से IPS बने। उनकी इसी प्रेरणा से गांव के युवा जागरूक हुए और लाइब्रेरी में पढ़ाई शुरू की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। बागपत जिले के सरूरपुर कलां गांव ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस छोटे से गांव से 37 युवाओं ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस सफलता के पीछे IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) की प्रेरणा और उनकी बनाई हुई लाइब्रेरी की अहम भूमिका रही है।
इन सफलताओं को पाने वाले युवाओं ने इस बारे में क्या कुछ कहा, आइये जानते हैं-
गांव के किसान विक्रम शर्मा की बेटी कोमल का भी यूपी पुलिस में चयन हुआ है। कोमल का सपना ASI या PCS बनने का था। उन्होंने कोविड के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई की और बिना किसी कोचिंग के परीक्षा पास की। कोमल कहती हैं, “अब मुझे अपने सपनों को और ऊंचा उड़ान देना है। मैं ASI और PCS की तैयारी करूंगी।
सरूरपुर गांव के ऑटो ड्राइवर वेदपाल की बेटी दीपा ने यूपी पुलिस में सफलता हासिल की है। दीपा ने बताया कि उसके पिता ने दिन-रात मेहनत करके उसकी पढ़ाई करवाई। दीपा ने कहा, “हमारा परिवार बहुत गरीब है, लेकिन अब मैं अपने पिता को दोबारा ऑटो चलाने नहीं दूंगी। यह मेरी जिम्मेदारी होगी कि मैं अपने परिवार को हर वह खुशी दूं जिसकी उन्हें जरूरत है।”
गांव की लाइब्रेरी संचालित करने वाले युवक ने बताया कि इस लाइब्रेरी से पढ़कर 37 युवाओं ने यूपी पुलिस में सफलता हासिल की है। यहां पढ़ने वाले अधिकतर युवा गरीब परिवारों से हैं—किसी के पिता ऑटो ड्राइवर हैं, कोई ट्रक ड्राइवर है, तो किसी के पिता मजदूर। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी इस लाइब्रेरी से पढ़ने वाले कई युवा सरकारी सेवाओं में अपना नाम रोशन करेंगे।
इसी गांव के शुभम का भी यूपी पुलिस में चयन हुआ है। शुभम ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। शुभम के पिता अजयवीर गांव में मजदूरी करते हैं। शुभम की मां ने भावुक होकर कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा बेटा पुलिस में जाएगा। वह चार-पांच मंजिला इमारतों पर तसला उठाकर मजदूरी करने वाले पिता का बेटा है, लेकिन उसकी मेहनत रंग लाई।”
- IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) को मिला सम्मान
इन युवाओं की सफलता के बाद IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) को उनकी हौसलाफजाई करने व SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) को सम्मानित करने के लिए बागपत से निमंत्रण मिला। जिस पर SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) वहां पहुंचे और उन्होंने सभी को शुभकामनाएं व प्रेरणा दी। SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने कहा कि अगर आप मेहनत और लगन से पढ़ाई करेंगे, तो सफलता निश्चित है।
मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। इस गांव के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन मिले तो किसी भी सपने को पूरा किया जा सकता है सरूरपुर गांव की इस प्रेरणादायक कहानी ने यह दिखा दिया कि एक सही मार्गदर्शक और शिक्षा का सही वातावरण किसी भी गांव को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। अब यह गांव यूपी पुलिस के 37 नए सितारों की चमक से रोशन हो चुका है।
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SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) के प्रयासों से गांव में लाइब्रेरी खुली, नहीं तो 20 किमी. दूर जाना पड़ता था
गांव के रहने वाले ग्रामीणों और चयनित हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके गांव में पहले लाइब्रेरी नहीं थी तथा अगर तैयारी के लिए जाना हो तो गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर जाना होता था।
SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) के प्रयासों से गांव में लाइब्रेरी खुली तो उन्होंने हमें तैयारी करने के लिए जागरूक किया। यूपी पुलिस भर्ती के लिए हमने कड़ी मेहनत की है। हम सफल हो गए और अब यूपी पुलिस में सेवा देंगे।
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वर्तमान में हरदोई जिले की कमान संभाल रहे हैं IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun)
बागपत ही नहीं वरन हरदोई जिले में भी IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) की कुशल नेतृत्व क्षमता और बेहतर पुलिसिंग के लिए उन्हें जाना जाता है। उनके द्वारा हरदोई जिले की कमान सँभालने के बाद से ही जहां एक तरफ अपराधियों में खौफ है तो वहीं दूसरी तरफ अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी वे एक सख्त अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं।
हरदोई जिले में अभी तक उनके कार्यकाल में कई ऐसे केस सामने आए थे, जिसमें किशोरों ने किसी न किसी वजह से चोरियां की थीं, जिस पर वादी या फिर अन्य लोगों की गुहार सुनकर SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने बाल अपचारियों द्वारा माफ़ी मांग लेने के बाद कड़ी हिदायत देते हुए उन्हें छोड़ दिया गया ताकि उनका भविष्य न ख़राब हो। SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने इन्हें सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी और जीवन में गलत काम न करने की बात कही।
इसके अलावा भी SP अलग अलग प्लान्स के माध्यम से लोगों की भलाई का काम करते हैं। इस समय SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में मरने या घायल होने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए हेलमेट लगाने के लिए सभी को प्रेरित किया जा रहा है। विभिन्न माध्यमों से लोगों को हेलमेट लगाकर बाइक चलाने व शराब पीकर बाइक न चलाने आदि के लिए कहा जा रहा है।
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SP नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) के बारे में
नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) 2015 बेच के युवा IPS अधिकारी है। वह अपनी तेज तर्रार कार्यशैली के साथ ही व्यवहार कुशलता और ईमानदारी के लिए जाने जाते है। अपराधियों पर लगाम लगाने में सक्षम अधिकारी है। बेहतर कानून व्यवस्था और फरियादियों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण उनके व्यवहार में शुमार है। मूल रूप से जनपद जालौन के गांव नोरेजपुर निवासी IPS नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने वर्ष 2008 में नीरज ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी की बेंगलुरु ब्रांच में 22 लाख रुपए के पैकेज पर नौकरी शुरू की थी।
2008 में उनके पिता की हत्या कर दी गई। केस की पैरवी में नीरज को पुलिस से मदद नहीं मिली। पिता को इंसाफ दिलाने के लिए उन्होंने IPS बनने की ठान ली। कभी निराशा मिली तो कभी हताशा हुई, लेकिन इरादे के पक्के नीरज ने हार नहीं मानी और IPS बन गए। बस फिर क्या था, आरोपितों की हेकड़ी ढीली हो गई और स्थानीय पुलिस ने भी नियमानुसार कार्रवाई की।जालौन के नौरेजपुर गांव के मूलनिवासी नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) का जन्म कानपुर में हुआ। यहीं स्कूलिंग और फिर IIT, बीएचयू से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री लेकर एमएनसी ज्वॉइन कर ली। नोएडा व बेंगलुरू से लेकर यूके तक नौकरी की। पिता की हत्या के समय वह बेंगलुरू में थे। केस की पैरवी शुरू की तो पुलिस का रवैया देख दुखी हुए।
पीड़ित की मदद करने को बनी पुलिस आरोपितों का साथ दे रही थी। मगर पिता को इंसाफ दिलाना था तो नीरज ने IPS बनने की ठान ली। 2010 में नौकरी के साथ ही तैयारी शुरू कर दी और 2011 में पहले ही प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंच गए, जिसमें सफलता नहीं मिली। दूसरे प्रयास में रैंक कम रह गई और तीसरे प्रयास के लिए आवेदन करने तक उम्र अधिक हो चुकी थी।
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पिता की हत्या के बाद परिवार में सबसे बड़े नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) चार भाई-बहनों के इकलौते सहारा थे। भाई-बहनों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए वह नौकरी नहीं छोड़ सकते थे। इसीलिए नौकरी के साथ कोशिश की। उम्र पूरी होने के कारण नीरज काफी निराश हुए, लेकिन तभी एक अच्छी खबर आई कि अब 32 साल की आयु तक के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) ने इसे अंतिम मौका मानते हुए 22 लाख रुपये सालाना का पैकेज छोड़ दिया और तन-मन से तैयारी शुरू कर दी। अगले ही प्रयास में 140वीं रैंक हासिल कर नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) IPS बन गए। नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) के भाई पंकज व रोहित सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं तो राहुल व बहन उपासना हाईकोर्ट में वकालत करते हैं।
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अपने कर्तव्य को लेकर हमेशा समर्पित
एएमयू में जिन्ना की फोटो लेकर हुए मई-2018 में हुए बवाल में भी हालात संभालने के लिए नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) आगे रहे। फरवरी-2019 में छात्र राजनीति को लेकर विधायक के बेटे पर गोली चलाने के बाद पैदा हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद वहां के सीओ को हटाकर नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) को भेजा गया। इसी समय पत्नी को प्रतीक्षा प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पत्नी को अस्पताल में छोड़ वह बवालियों से लोहा ले रहे थे। इसी बीच 16 फरवरी को प्रमोशन के साथ उनका गाजियाबाद तबादला हो गया। अगले ही दिन छोटे बेटे राज्यवर्द्धन ने जन्म लिया, लेकिन नीरज कुमार जादौन (Neeraj Kumar Jadaun) अलीगढ़ में हालात शांत होने के बाद 18 फरवरी की रात को उसे देखने पहुंचे।
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