बागलकोट में शिवाजी जयंती जुलूस पर पत्थरबाजी, मस्जिद के पास ठेलों में लगाई आग।
कर्नाटक के बागलकोट जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान पंका मस्जिद के समीप पत्थरबाजी
- शोभायात्रा के दौरान पंका मस्जिद के समीप विवाद, हिंदू कार्यकर्ताओं ने ठेले जलाए
- पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति संभाली, संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू
कर्नाटक के बागलकोट जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान पंका मस्जिद के समीप पत्थरबाजी और हिंसा की घटना हुई। 19 फरवरी 2026 को शाम के समय जुलूस शहर के पुराने इलाके से गुजर रहा था। जुलूस के पास पहुंचने पर डीजे की आवाज तेज करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि मस्जिद से जुलूस पर चप्पल फेंकी गई जिससे माहौल बिगड़ गया। इसके बाद मस्जिद की ओर से पत्थरबाजी हुई और दोनों समुदायों के बीच झड़प हो गई। पत्थरबाजी के दौरान कुछ लोग घायल हुए जिसमें पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल और एक कांस्टेबल को भी मामूली चोट आई। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और जुलूस को आगे बढ़ाया। हालांकि कुछ देर बाद हिंदू कार्यकर्ताओं ने मस्जिद के बाहर खड़े सब्जी के ठेलों में आग लगा दी जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज से भीड़ को तितर-बितर किया। घटना के बाद बागलकोट शहर में तनाव व्याप्त है और संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है।
घटना बागलकोट किले के पास पंका मस्जिद के समीप हुई। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और डीजे पर गाने बज रहे थे। विवाद तब शुरू हुआ जब जुलूस ने मस्जिद के सामने से गुजरते समय डीजे की आवाज तेज की गई। मस्जिद में मौजूद लोगों ने विरोध किया और पुलिस ने मस्जिद के अंदर जाकर समझाने की कोशिश की। इस दौरान किसी ने जुलूस की ओर चप्पल फेंकी जिससे माहौल बिगड़ गया। मस्जिद की ओर से पत्थरबाजी शुरू हुई और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। पत्थरबाजी में कई लोग घायल हुए। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और हल्के बल प्रयोग से स्थिति नियंत्रित की। जुलूस को आगे भेजा गया लेकिन कुछ समय बाद हिंदू कार्यकर्ताओं ने मस्जिद के बाहर खड़े ठेलों में आग लगा दी। आग से ठेले जल गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने आग बुझाई और स्थिति को काबू में किया।
शिवाजी जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा पुराने बागलकोट के संवेदनशील इलाके से गुजर रही थी। जुलूस पंका मस्जिद के पास पहुंचा तो डीजे की आवाज तेज करने पर विवाद हुआ। मस्जिद से विरोध हुआ और पुलिस ने समझाने की कोशिश की। किसी ने जुलूस पर चप्पल फेंकी जिससे माहौल बिगड़ गया। मस्जिद की ओर से पत्थरबाजी शुरू हुई और दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। पत्थरबाजी से पुलिस अधिकारी और कुछ लोग घायल हुए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। हल्का बल प्रयोग किया गया। आंसू गैस और लाठीचार्ज से भीड़ को तितर-बितर किया। जुलूस को आगे बढ़ाया गया। आग लगने के बाद पुलिस ने ठेलों की आग बुझाई। इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
- घायलों और नुकसान
पत्थरबाजी में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल और एक कांस्टेबल को मामूली चोट आई। अन्य कुछ लोग भी घायल हुए। ठेलों में आग लगने से सब्जी और अन्य सामान जल गया। इलाके में दुकानें बंद हो गईं। पुलिस ने कहा कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद बागलकोट में धारा 144 लागू कर दी गई। चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई। हथियार या हिंसा के सामान ले जाने पर प्रतिबंध। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात। पुलिस ने गश्त बढ़ाई।
पुलिस ने जांच शुरू की। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा कि सांप्रदायिक तनाव से जुड़े पहलुओं की पड़ताल हो रही है। शांति समिति की बैठक बुलाई जा सकती है। घटना के बाद बागलकोट शहर में तनाव व्याप्त है। लोग घरों में रह रहे हैं। दुकानें बंद हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सुबह तक हालात सामान्य होने लगे। पुलिस ने गश्त जारी रखी। कोई नई घटना नहीं हुई। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
Also read- Bajpur : शहरी विकास कार्यों ने आम लोगों का जीवन बिगाड़ दिया- यशपाल आर्य
What's Your Reaction?











