Sultanpur : चमार महासभा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
मांगपत्र में भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सार्वजनिक रूप से 'देशद्रोही' कहने का जिक्र किया गया। महासभा ने इसे संसदीय मर्यादा का उ
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में चमार महासभा ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित हमलों के खिलाफ संज्ञान लेने की मांग की गई।
मांगपत्र में भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सार्वजनिक रूप से 'देशद्रोही' कहने का जिक्र किया गया। महासभा ने इसे संसदीय मर्यादा का उल्लंघन और संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिलने वाली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया।
इसके अलावा वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास मामले में दर्ज प्राथमिकी का भी उल्लेख किया गया। इस मामले में आप सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता पप्पू यादव समेत अन्य लोगों पर सोशल मीडिया पर एआई से बनी तस्वीरें, वीडियो और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा था।
महासभा ने लखनऊ में 14 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वमित गौतम के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उन्हें हिरासत में लिए जाने के मामले को भी उठाया। अश्वमित सामाजिक मुद्दों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जातिगत असमानता पर इंस्टाग्राम पर अपने विचार रखते हैं। महासभा ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और युवा विचारकों के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर हमला बताया।
मांगपत्र में मुख्य मांगें ये रखी गईं:
- सांसदों की गरिमा सुनिश्चित की जाए।
- मनोज तिवारी के बयान की जांच हो और अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
- भड़काऊ बयानबाजी पर कानूनी कार्रवाई हो।
- मणिकर्णिका घाट मामले में निष्पक्ष जांच हो।
- अश्वमित गौतम जैसे युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की संवैधानिक समीक्षा हो और अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा हो।
प्रदर्शन में राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय राणा चमार, राष्ट्रीय महासचिव ध्रुव नारायण विश्वकर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी गौतम समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।
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