MP: जिला मुख्यालय बन रहा 'उड़ता बैतूल', स्वास्थ्य विभाग परिसर में ही उड़ रहे धुएं के छल्ले, नशे के खिलाफ जीरो एक्शन, जिम्मेदारों की बंद आंखें।
मध्यप्रदेश का बैतूल जिला मुख्यालय अब उड़ता बैतूल स्टोरी की ओर बढ़ गया है और वो समय दूर नही है की जिले का हर एक युवा नशे की गिरफ्त
- उड़ता बैतूल बनने की कगार पर है जिला मुख्यालय, जगह जगह चाय की फ्रेंचाइजी के नाम पर चल रहा नशे का कारोबार, कार्यवाही के बजाए आंखे बंद कर बैठे है जिम्मेदार, वैसे तो तंबाकू निषेध के नारे लगाए जाते है पर स्वास्थ्य विभाग के कॉम्प्लेक्स में उड़ाए जाते है धुंए के छल्ले,लिंक रोड पर उपसरपंच बना युवाओं के धुंआ उड़ाने का अड्डा,नशे की गिरफ्त में है युवक युवतियां, रोजाना मिलते है उपसरपंच चाय पर,स्वास्थ्य विभाग की है मौन स्वीकृति, खुलेआम जारी है नशे का कारोबार
मध्यप्रदेश का बैतूल जिला मुख्यालय अब उड़ता बैतूल स्टोरी की ओर बढ़ गया है और वो समय दूर नही है की जिले का हर एक युवा नशे की गिरफ्त में होगा और अपराधों का ग्राफ बढ़ेगा पर जिम्मेदारों का मौन एक बड़ा सवाल बन गया है वैसे सरकार और प्रशासन तो नशा मुक्ति अभियान चलाते है और धूम्रपान हानिकारक जैसे सूचना पटल लगे होते है वही सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट बीड़ी पीना अपराध की श्रेणी में आता है वही तम्बाकू निशेध जैसे अभियान शासन चलाता ही रहता है यह सारे काम पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चलाते है पर जब स्वास्थ्य विभाग के कॉम्प्लेक्स में खुलेआम धुएं के छल्ले उड़ाता युवा नजर आता है तो जिम्मेदारों की आंखे क्यों बंद हो जाती है ये बात समझ से परे है वहीं सड़कों पर खड़े वाहनों से रोजाना जाम जैसी स्थिति बन जाती है और यातायात प्रभारी जब कार्यवाही करने जाते है तो नशे के आदि स्टूडेंट उन्हें ही नियमों का पाठ पढ़ाने से भी पीछे नही हटते है खैर अभी हम बात कर रहा है जिले के सबसे व्यस्ततम क्षेत्र लिंक रोड की ये वह क्षेत्र है जहाँ पर शहर के प्रबुद्धजन रहा करते है यहाँ पर बहुत सारे निजी चिकित्सालय और कोचिंग संस्थान है जहाँ से रोजाना बच्चों और महिलाओं का आना जाना होता है पहले ये काफी शांत क्षेत्र हुआ करता था पर जब से उपसरपंच चाय की फ्रेंचाइजी स्वास्थ्य विभाग के कॉम्प्लेक्स में खोली गई है यह बदमाशों का अड्डा बन गया है शहर के छठे हुए बदमाश लोगों की बैठक होने के कारण आये दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है वहीं महिलाओं और बच्चों का निकलना भी दुभर से हो गया है यहाँ कोचिंग पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को इतना अच्छा सेफ और सिक्योर स्थान दिया गया है कि मजे से धुएं के छल्ले उड़ाने में भी झिझक नही होती फिर चाहे कोई आये कोई जाए बस स्टूडेंट्स को तो नशे की लिप्त रहने का बहाना भी मिल गया और ठिकाना भी अब सवाल यह है कि जब सार्वजनिक स्थानों जैसे चाय की दुकान चौक चौराहों पर सिगरेट बीड़ी पर प्रतिबंध सरकार द्वारा लगाया गया है तो फिर यह उपसरपंच
चाय दुकान के छल्ले क्यो जिम्मेदारों को नजर नही आते या इन्हें मौन स्वीकृति दी गई है और इसी के चलते युवाओं को बर्बाद करके ये लोग अपनी जेबें भरने में लगे हुए है इस बात की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में जिले के तेजतर्रार माने जाने वाले कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी क्या संज्ञान लेंगे या बैतूल जल्द ही नशे की गिरफ्त में होगा ।
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