आगरा की रोजर शू फैक्ट्री से 7.70 करोड़ की चोरी का तीन दिन में खुलासा, पुलिस ने नकदी और आभूषण बरामद कर तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में स्थित रोजर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड शू फैक्ट्री में 19 जनवरी को हुई चोरी का मामला सामने आया था। फैक्ट्री
- कंप्यूटर ऑपरेटर अनुपम शर्मा निकला मास्टरमाइंड, प्रेमिका के साथ बेंगलुरू बसने के लिए रची साजिश
- 19 जनवरी को हुई सनसनीखेज चोरी में पुलिस ने गांव में खोदा गड्ढा, 66 लाख कैश और 7 करोड़ के जेवरात बरामद
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में स्थित रोजर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड शू फैक्ट्री में 19 जनवरी को हुई चोरी का मामला सामने आया था। फैक्ट्री मालिक दीपक बुद्धिराजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसमें नकदी और कीमती आभूषणों की चोरी की बात कही गई। पुलिस ने महज तीन दिन के भीतर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए 7.70 करोड़ रुपये के आभूषण और 66 लाख रुपये नकद बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में अनुपम शर्मा, उसके भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह शामिल हैं। आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना की जानकारी दी। अनुपम शर्मा पिछले कई वर्षों से इसी फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। उसकी फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और तिजोरी की पूरी जानकारी थी। पुलिस जांच में पता चला कि अनुपम ने प्रेमिका के साथ बेंगलुरू में बसने की योजना बनाई थी। इसी उद्देश्य से उसने चोरी की साजिश रची और भाई तथा दोस्त को साथ लिया। चोरी के बाद लूट का माल गांव में गड्ढा खोदकर दबाया गया था। पुलिस ने आरोपियों की पूछताछ के आधार पर वह स्थान खोजा और पूरा माल बरामद किया। बरामदगी में 3.800 किलोग्राम पीली धातु मय डायमंड ज्वैलरी और 5.500 किलोग्राम सफेद धातु शामिल है। नकदी 66 लाख 33 हजार 980 रुपये की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपियों तक पहुंची।
घटना 19 जनवरी को हुई जब फैक्ट्री में चोरी की सूचना मिली। फैक्ट्री मालिक ने तुरंत थाना सिकंदरा में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। जांच में अनुपम शर्मा की संलिप्तता सामने आई क्योंकि वह फैक्ट्री का पुराना कर्मचारी था। पुलिस ने 22 जनवरी को गोल चक्कर क्रॉसिंग के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अनुपम ने कबूल किया कि उसने तिजोरी तोड़कर नकदी और आभूषण चुराए। उसका मकसद प्रेमिका के साथ नई जिंदगी शुरू करना था। चोरी का माल उसने अपने भाई और दोस्त की मदद से छिपाया। पुलिस ने गांव में जाकर गड्ढा खोदा और पूरा सामान बरामद किया। बरामदगी में 7.70 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत के आभूषण हैं। नकदी अलग से 66 लाख रुपये से अधिक है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि यह आगरा की सबसे बड़ी फैक्ट्री चोरी में से एक है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।
आरोपी अनुपम शर्मा फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसने फैक्ट्री की पूरी व्यवस्था का फायदा उठाया। चोरी की योजना में उसके भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह शामिल थे। तीनों ने मिलकर तिजोरी तोड़ी और सामान चुराया। चोरी के बाद वे माल लेकर भाग गए। पुलिस ने पूछताछ में सारी साजिश का खुलासा किया। अनुपम ने बताया कि प्रेमिका की हाई-फाई डिमांड पूरी करने के लिए यह कदम उठाया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66 लाख 33 हजार 980 रुपये नकद बरामद किए। आभूषणों में 3.800 किलोग्राम सोने के साथ डायमंड ज्वैलरी और 5.500 किलोग्राम चांदी शामिल है। कुल मूल्य 7.70 करोड़ रुपये आंका गया है। पुलिस ने गांव में छापेमारी कर माल बरामद किया। कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जांच तेजी से की गई और तीन दिन में सफलता मिली।
पुलिस ने 19 जनवरी की चोरी के बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की पहचान हुई। अनुपम शर्मा पर सबसे पहले शक हुआ। 22 जनवरी को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अनुपम ने अपराध कबूल लिया। उसने बताया कि चोरी का माल गांव में दबाया गया है। पुलिस ने उस स्थान पर जाकर गड्ढा खोदा और पूरा माल निकाला। बरामदगी में नकदी और आभूषण शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह रिकॉर्ड समय में खुलासा है। फैक्ट्री मालिक को पूरा माल लौटाया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। आगरा पुलिस ने इस मामले में बड़ी सफलता हासिल की। तीन दिन में चोरी का खुलासा कर 7.70 करोड़ का माल बरामद किया। आरोपी अनुपम शर्मा, अनुराग शर्मा और संजय सिंह गिरफ्तार हैं। अनुपम फैक्ट्री का कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसने प्रेमिका के साथ बेंगलुरू बसने की योजना बनाई। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी जानकारी दी।
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