घाटे में चल रहे THR (टेक होम राशन) प्लांट, IIM लखनऊ को सौंपी जिम्मेदारी

प्रत्येक THR (टेक होम राशन) प्लांट को स्थापित करने के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की लागत लगाई गई, एवं इतनी ही धनराशि शासन स्तर से उपलब्ध करवाई गई जिससे उत्पादन शुरू किया गया। हालांकि लगातार घाटा होने के का...

Dec 10, 2024 - 23:04
 0  36
घाटे में चल रहे THR (टेक होम राशन) प्लांट, IIM लखनऊ को सौंपी जिम्मेदारी
IIM लखनऊ

By INA News Hardoi.

जनपद के 3930 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चार लाख 76 हजार से अधिक बच्चे, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को नियमित रूप से पोषाहार उपलब्ध करवाने के लिए THR (टेक होम राशन) प्लांट संचालित हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत चार लाख से अधिक बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पैकेटबंद (रेडी टू ईट) पोषाहार की आपूर्ति करने वाले THR (टेक होम राशन) प्लांट घाटे के चलते बंद होने की कगार पर हैं। ऐसे में शासन स्तर से जनपद में संचालित आठ THR (टेक होम राशन) प्लांटों को घाटे से उबारने की जिम्मेदारी IIM लखनऊ को सौंपी गई है।

दो से तीन विकास खंडों के 300 से अधिक महिला समूहों द्वारा अपनी बचत के 30-30 हजार एकत्र कर एक THR (टेक होम राशन) प्लांट स्थापित किया गया है। प्रत्येक THR (टेक होम राशन) प्लांट को स्थापित करने के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की लागत लगाई गई, एवं इतनी ही धनराशि शासन स्तर से उपलब्ध करवाई गई जिससे उत्पादन शुरू किया गया। हालांकि लगातार घाटा होने के कारण THR (टेक होम राशन) प्लांटों को चलाने के लिए अब देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शामिल भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की टीम काम कर रही है।

यह भी पढ़ें: आपरेशन कायाकल्प के लाभों का जायजा लेने नियोजन विभाग की टीम हरदोई पहुंची

बावन, सुरसा, अहिरोरी, टड़ियावां, कोथावां, संडीला, बेहंदर एवं कछौना विकास खंडों में संचालित THR (टेक होम राशन) प्लांटों में प्रत्येक माह कई करोड़ रुपये की कीमत का पोषाहार बना कर बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जा रही है। जिसका भुगतान बाल विकास विभाग नियमित रूप से करता है, इसके बावजूद THR प्लांट के संचालन में प्रत्येक माह घाटा आ रहा है। THR (टेक होम राशन) प्लांट नियमित रूप से चल सकें इसके लिए लगातार शासन स्तर से अतिरिक्त सहायता राशि भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

अब शासन स्तर से THR (टेक होम राशन) प्लांटों के संचालन में आ रहे घाटे का कारण पता लगाने एवं उससे निजात दिलाने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ से टाईअप किया गया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया प्रबंध संस्थान के जिम्मेदारों का प्रथम निरीक्षण हो चुका है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो भी समस्या मिलेगी उसका समाधान निकाला जाएगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow