दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा- ट्रक की टक्कर से सिपाही की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल।
Ghaziabad: गाजियाबाद के दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर भोजपुर थाना क्षेत्र में एक दुखद सड़क हादसे ने पुलिस विभाग और स्थानीय समुदाय...
गाजियाबाद के दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर भोजपुर थाना क्षेत्र में एक दुखद सड़क हादसे ने पुलिस विभाग और स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में एक तेज रफ्तार ट्रक ने पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप एक सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
हादसा भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुआ, जो एक व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है, जो दिल्ली को उत्तर प्रदेश के मेरठ और अन्य शहरों से जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों और भारी ट्रकों की आवाजाही आम है, जिसके कारण यह क्षेत्र पहले भी कई घातक हादसों का गवाह बन चुका है। इस बार की घटना में शामिल पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) डायल 112 सेवा का हिस्सा था, जो आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए तैनात की जाती है। जानकारी के अनुसार, पीआरवी एक सूचना के आधार पर एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रही थी, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक उसमें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिस वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और उसमें सवार सिपाहियों को गंभीर चोटें आईं।
मृतक सिपाही की पहचान अनुज के रूप में हुई, जो मुजफ्फरनगर के निवासी थे और 2011 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। अनुज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी सिपाही, जिनका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, और एंबुलेंस मौके पर पहुंचे। घायल सिपाही को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक सिपाही के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और उनके परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा सुबह के समय हुआ, जब एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक अपेक्षाकृत कम होता है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रक ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार इस हादसे का मुख्य कारण थी। ट्रक ड्राइवर ने हादसे के बाद मौके से फरार होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है, और पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद से हादसे की परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (रूरल) विवेक चंद्र यादव ने बताया कि ट्रक ड्राइवर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाही से ड्राइविंग), 304ए (लापरवाही से मृत्यु कारित करना), और 338 (लापरवाही से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह हादसा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर होने वाली कई दुर्घटनाओं में से एक है, जो इस मार्ग की सुरक्षा चिंताओं को फिर से उजागर करता है। यह एक्सप्रेसवे, जो 2018 में शुरू हुआ, अपनी आधुनिक संरचना और तेज गति की सुविधा के लिए जाना जाता है। हालांकि, इसकी उच्च गति और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह हादसों का भी केंद्र बन गया है। पहले भी इस मार्ग पर कई घातक हादसे हो चुके हैं, जिनमें मल्टी-व्हीकल कोलिजन, ट्रक-कार टक्कर, और गलत दिशा में वाहन चलाने की घटनाएं शामिल हैं। उदाहरण के लिए, एक अन्य मामले में, एक ट्रक के पंक्चर होने के कारण रुके हुए वाहन से मारुति स्विफ्ट कार टकरा गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह, एक और हादसे में एक बस गलत दिशा में चलने के कारण छह लोगों की जान ले चुकी थी।
इस हादसे ने पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ा दी है। अनुज की मृत्यु ने उनके परिवार और सहकर्मियों को गहरे सदमे में डाल दिया। उनके सहयोगियों ने उन्हें एक समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में याद किया। पुलिस विभाग ने उनके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। साथ ही, इस घटना ने पुलिस कर्मियों की सुरक्षा और उनके कार्य के दौरान जोखिमों पर भी ध्यान आकर्षित किया है। डायल 112 सेवा, जो 24 घंटे आपातकालीन सहायता प्रदान करती है, में तैनात कर्मी अक्सर जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं, और इस तरह की घटनाएं उनके बलिदान को रेखांकित करती हैं।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस हादसे के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की मांग की है। कई लोगों ने सुझाव दिया है कि इस मार्ग पर स्पीड लिमिट को और सख्ती से लागू किया जाए, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए, और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए अलग लेन बनाई जाए। कुछ ने यह भी मांग की है कि रात और सुबह के समय, जब कोहरा या कम दृश्यता की समस्या होती है, अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने पहले भी इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को बेहतर करने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं इन प्रयासों की अपर्याप्तता को दर्शाती हैं।
सोशल मीडिया पर इस हादसे को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और सिपाही अनुज को श्रद्धांजलि दी। एक यूजर ने लिखा, “पुलिसकर्मी जो हमारी सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करते हैं, उन्हें इस तरह की त्रासदी का सामना करना पड़ता है। यह बहुत दुखद है।” कुछ ने ट्रक ड्राइवरों की लापरवाही और एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों पर चिंता जताई। एक अन्य यूजर ने लिखा, “दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। प्रशासन को तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए।”
पुलिस ने इस मामले में ट्रक ड्राइवर की भूमिका और हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रक ड्राइवर ने गति सीमा का उल्लंघन किया और संभवतः ध्यान भटकने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ड्राइवर ने शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किया था। इसके अलावा, हादसे के समय की सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि पूरी घटना की तस्वीर स्पष्ट हो सके।
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