महाराष्ट्र की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका: चार नवनिर्वाचित नगरसेवकों के फोन नंबर नॉट रिचेबल, पार्टी ने पुलिस में की मिसिंग कंप्लेंट, आरोप-प्रत्यारोप तेज

उद्धव ठाकरे गुट के अनुसार चार नगरसेवक पूरी तरह संपर्क से बाहर हैं। पार्टी ने मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें अपहरण या दबाव का जिक्र किया गया है। फोन नॉट रिचेबल होने से पार्टी उन्हें पार्टी

By INA News Desk
Jan 25, 2026 - 14:44
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महाराष्ट्र की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका: चार नवनिर्वाचित नगरसेवकों के फोन नंबर नॉट रिचेबल, पार्टी ने पुलिस में की मिसिंग कंप्लेंट, आरोप-प्रत्यारोप तेज
महाराष्ट्र की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका: चार नवनिर्वाचित नगरसेवकों के फोन नंबर नॉट रिचेबल, पार्टी ने पुलिस में की मिसिंग कंप्लेंट, आरोप-प्रत्यारोप तेज
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  • कल्याण-डोंबिवली चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे गुट में हड़कंप: चार नगरसेवक अचानक संपर्क से बाहर, पार्टी ने अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी, मेयर चुनाव से पहले उठे सवाल
  • उद्धव ठाकरे शिवसेना को कल्याण-डोंबिवली में मिला झटका: चुनाव जीत के बाद चार नगरसेवक 'नॉट रिचेबल', ठाकरे गुट ने शिंदे गुट पर लगाया दबाव या अपहरण का आरोप, जांच शुरू

महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) ने कुछ सीटें जीती थीं लेकिन चुनाव परिणाम के बाद पार्टी को बड़ा झटका लगा है। चार नवनिर्वाचित नगरसेवकों के फोन नंबर नॉट रिचेबल आ रहे हैं जिससे पार्टी में खलबली मच गई है। इन नगरसेवकों में मधुर म्हात्रे और कीर्ती ढोणे जैसे नाम शामिल हैं जो 16 जनवरी से संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। ठाकरे गुट ने कोल्हेसवाड़ी पुलिस थाने में मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि सत्ताधारी गुट द्वारा इन नगरसेवकों पर दबाव डाला जा रहा है या उनका अपहरण किया गया है। यह घटना मेयर चुनाव से ठीक पहले हुई है जहां बहुमत के लिए सभी सीटें महत्वपूर्ण हैं। पार्टी ने लिखित शिकायत देकर इन नगरसेवकों की तलाश की मांग की है।

चुनाव में शिवसेना यूबीटी को करीब 11 नगरसेवक मिले थे लेकिन चार के संपर्क में न आने से पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है। ठाकरे गुट के जिलाध्यक्ष शरद पाटील ने पुलिस में तहरीर दी जिसमें कहा गया कि ये नगरसेवक अचानक गायब हो गए हैं और उनका फोन नॉट रिचेबल है। पार्टी का दावा है कि शिंदे गुट द्वारा दबाव बनाया जा रहा है ताकि वे पक्ष बदल लें। दो नगरसेवकों को विशेष रूप से 16 जनवरी से बेपत्ता बताया गया है। पार्टी ने अन्य नगरसेवकों को भी पार्टी में रहने के लिए नोटिस जारी किए थे। यह मामला कल्याण पूर्व क्षेत्र से जुड़ा है जहां ये नगरसेवक चुने गए थे। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है।

ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष द्वारा नगरसेवकों को पकड़कर रखा गया है या उन्हें पार्टी बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। चार नगरसेवकों के फोन बंद होने या नॉट रिचेबल होने से पार्टी संपर्क नहीं कर पा रही है। पार्टी ने कहा कि चुनाव के बाद से ही ये संपर्क से बाहर हैं। मेयर पद के लिए बहुमत जुटाने में यह स्थिति पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है। शिंदे गुट और अन्य दलों के साथ गठबंधन की कोशिशें चल रही हैं लेकिन ठाकरे गुट की ओर से अपहरण या दबाव का आरोप लगाया गया है। पुलिस जांच में इन नगरसेवकों की लोकेशन और संपर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में कुल सीटों के आधार पर कोई भी गुट अकेले बहुमत में नहीं है। ठाकरे गुट के चार नगरसेवकों के नॉट रिचेबल होने से पार्टी की संख्या प्रभावित हुई है। पार्टी ने पुलिस से इनकी तलाश और सुरक्षा की मांग की है। शिकायत में लिखा गया है कि ये नगरसेवक पार्टी के संपर्क में नहीं हैं और संदेह है कि उन्हें जबरन रोका गया है। अन्य दो नगरसेवकों के बारे में भी इसी तरह की स्थिति बताई गई है। पार्टी ने कहा कि चुनाव जीत के तुरंत बाद यह स्थिति बनी। जांच अधिकारी मामले की पड़ताल कर रहे हैं।

उद्धव ठाकरे गुट के अनुसार चार नगरसेवक पूरी तरह संपर्क से बाहर हैं। पार्टी ने मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें अपहरण या दबाव का जिक्र किया गया है। फोन नॉट रिचेबल होने से पार्टी उन्हें पार्टी मीटिंग या गठबंधन चर्चा में शामिल नहीं कर पा रही है। यह घटना मेयर चुनाव की तैयारियों के बीच हुई है। ठाकरे गुट ने अन्य दलों से भी संपर्क साधा लेकिन अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इन नगरसेवकों की जरूरत है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया और जांच आगे बढ़ाई है।

चार नगरसेवकों के फोन नॉट रिचेबल होने से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। ठाकरे गुट ने सत्ताधारी गुट पर आरोप लगाया जबकि जांच चल रही है। पार्टी ने कहा कि ये नगरसेवक चुनाव में जीते थे लेकिन अब गायब हैं। पुलिस थाने में दी गई शिकायत में विस्तार से बताया गया कि कब से संपर्क नहीं है। मधुर म्हात्रे और कीर्ती ढोणे के नाम प्रमुखता से लिए गए हैं। पार्टी ने अन्य नगरसेवकों को भी नोटिस दिए थे लेकिन ये चार विशेष रूप से अनुपस्थित हैं। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे गुट के चार नगरसेवकों के फोन नॉट रिचेबल होने से खलबली मची है। पार्टी ने पुलिस में मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराई और अपहरण या दबाव का आरोप लगाया। चार नगरसेवक संपर्क से बाहर हैं जिससे पार्टी की स्थिति प्रभावित हुई है। पुलिस जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई होने वाली है। यह घटना मेयर चुनाव से पहले राजनीतिक घमासान को बढ़ा रही है।

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