Uttrakhand : मसूरी में बाबा बुल्ले शाह की मजार क्षतिग्रस्त, तीन नामजद आरोपियों सहित 25-30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा
मुस्लिम सेवा संगठन के मसूरी अध्यक्ष अकरम खान ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(इ) और 298 के तहत मामला
रिपोर्ट : सुनील सोनकर
पर्यटन शहर मसूरी में धार्मिक सद्भाव को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर घटना हुई है। बाला हिसार इलाके में वाइनबर्ग एलेन स्कूल की निजी जमीन पर बनी बाबा बुल्ले शाह की मजार को कुछ लोगों ने नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों हरिओम, शिवउ और श्रद्धा के साथ 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। घटना में आरोपियों ने हथौड़े और सब्बल लेकर मजार परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। वहां रखे धार्मिक ग्रंथों को भी क्षतिग्रस्त किया गया और परिसर में अश्लील काम करके उकसावा देने की कोशिश की गई। इससे इलाके में तनाव फैल गया है।
मुस्लिम सेवा संगठन के मसूरी अध्यक्ष अकरम खान ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(इ) और 298 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच कर रही है और शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। मसूरी के सीओ मनोज असवाल ने कहा कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई हुई। मसूरी में किसी भी तरह का तनाव नहीं होने दिया जाएगा। पूरी घटना की गहराई से जांच हो रही है और दोषियों को सजा मिलेगी।
घटना के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन के साथ अन्य समुदायों के लोग भी कोतवाली पहुंचे और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि बाबा बुल्ले शाह की मजार लंबे समय से भाईचारे और सद्भाव की निशानी रही है, जहां सभी धर्मों के लोग श्रद्धा से आते हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा, जिसे पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
इसकी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ बाहरी लोग उत्तराखंड के शांत माहौल को खराब करने और हिंदू-मुस्लिम एकता तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि भारत एक था, एक है और एक रहेगा।
बाबा बुल्ले शाह की मजार निजी संपत्ति पर है और सालों से क्षेत्र में आपसी प्रेम का प्रतीक बनी हुई है। ऐसी घटना न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है बल्कि समाज की एकता पर भी हमला है।
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