Viral: UP के रेलवे स्टेशनों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध, रील मेकर्स और यूटूबर पर रहेगी नजर

मंगलवार को पूर्वी रेलवे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि रेलवे स्टेशनों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। यह निर्णय...

May 28, 2025 - 22:25
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Viral: UP के रेलवे स्टेशनों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध, रील मेकर्स और यूटूबर पर रहेगी नजर
Photo: Social Media

लखनऊ : UP के रेलवे स्टेशनों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, विशेष रूप से हरियाणा की एक यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद, जिन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को संवेदनशील जानकारी प्रदान करने का आरोप है। पूर्वी रेलवे और उत्तर रेलवे ने इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें ब्लॉगर्स और यूट्यूबर्स से रेलवे स्टेशनों पर तस्वीरें खींचने या वीडियो बनाने से परहेज करने की अपील की गई है। इस कदम का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों की संवेदनशीलता को सुरक्षित रखना और किसी भी संभावित सुरक्षा उल्लंघन को रोकना है।

प्रतिबंध का कारण: ज्योति मल्होत्रा कांड

मंगलवार को पूर्वी रेलवे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि रेलवे स्टेशनों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। यह निर्णय ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद लिया गया, जिन्हें हरियाणा पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा करने के आरोप में पकड़ा था। मल्होत्रा ने कथित तौर पर रेलवे स्टेशनों के लेआउट, ट्रेनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्थाओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए थे, जो बाद में विदेशी एजेंसियों तक पहुंचे।

इस घटना ने रेलवे प्रशासन को सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के लिए प्रेरित किया। पूर्वी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "कुछ यूट्यूबर्स और ब्लॉगर्स नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और स्टेशनों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।" इसके परिणामस्वरूप, रेलवे ने स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

यह प्रतिबंध UP के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर लागू किया गया है, जिनमें लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं। गोरखपुर रेलवे स्टेशन, जो UP का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है और 1300 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म के लिए जाना जाता है, विशेष निगरानी के दायरे में है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस को स्टेशनों पर गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर लागू होगा। यदि किसी को रेलवे स्टेशन पर शूटिंग के लिए विशेष अनुमति चाहिए, तो उन्हें रेलवे के क्षेत्रीय कार्यालय से लिखित अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा, रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत RPF या स्थानीय पुलिस को दें।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

इस प्रतिबंध को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है। @PracticalSpy ने लिखा, "ज्योति मल्होत्रा केस के बाद जागी सरकार, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता अब नहीं चलेगा!" वहीं, @news11bharat ने कहा, "यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, खासकर ज्योति मल्होत्रा कांड के बाद।"

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हालांकि, कुछ लोगों ने इस प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। @vedicdwivedis ने टिप्पणी की, "यह कदम सवाल उठाता है कि सरकार क्या छुपाना चाहती है और क्यों डर रही है?" इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि यह निर्णय समाज के विभिन्न वर्गों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा और हाल की घटनाएं

यह प्रतिबंध ऐसे समय में लागू किया गया है, जब UP के रेलवे स्टेशनों पर हाल की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है। फरवरी 2025 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रयागराज महाकुंभ के लिए यात्रियों की भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने रेलवे प्रशासन की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया था। इसके अलावा, लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर भी महाकुंभ के दौरान भारी भीड़ देखी गई थी, जहां यात्रियों ने सामान कोच तक पर कब्जा कर लिया था।

इन घटनाओं ने रेलवे स्टेशनों पर निगरानी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को और स्पष्ट किया। ज्योति मल्होत्रा कांड ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरें संवेदनशील जानकारी लीक करने का माध्यम बन सकते हैं। इसलिए, रेलवे ने इस प्रतिबंध को लागू करने का निर्णय लिया ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

UP में रेलवे का महत्व

UP में लगभग 550 रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें से 230 से अधिक उत्तर मध्य रेलवे जोन और 170 से अधिक उत्तर पूर्वी रेलवे जोन द्वारा प्रबंधित हैं। ये स्टेशन न केवल यातायात का प्रमुख साधन हैं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र भी हैं। हाल ही में, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत UP के 19 स्टेशनों, जैसे बरेली सिटी, सिद्धार्थनगर, और बलरामपुर, का कायाकल्प किया गया है। इन स्टेशनों पर बेहतर सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है, जिससे यात्रियों की सुविधा बढ़ी है।

हालांकि, बढ़ती भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों ने रेलवे प्रशासन को सतर्क रहने के लिए मजबूर किया है। खासकर, महाकुंभ जैसे आयोजनों के दौरान, जब लाखों यात्री रेलवे स्टेशनों से यात्रा करते हैं, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है। रेलवे प्रशासन ने इस प्रतिबंध के साथ-साथ अन्य सुरक्षा उपायों को भी लागू करने की योजना बनाई है। इनमें स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाना, RPF कर्मियों की तैनाती में वृद्धि, और यात्रियों के लिए जागरूकता अभियान शामिल हैं।

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