Lucknow: योगी सरकार ने आयुष्मान योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चलाया विशेष अभियान ।

योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम

May 14, 2026 - 17:26
 0  4
Lucknow: योगी सरकार ने आयुष्मान योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चलाया विशेष अभियान ।
योगी सरकार ने आयुष्मान योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चलाया विशेष अभियान ।
  • सीएम योगी के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने को साचीज ने चलाया अभियान
  •  अस्पतालों और चिकित्सकों के डाटा सत्यापन से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर फोकस
  • आयुष्मान योजना में तकनीकी सुधार से मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज


लखनऊ: योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय) के तहत अस्पतालों और चिकित्सकों के डाटा को और अधिक सटीक बनाने के लिए विशेष सत्यापन एवं सैनेटाइजेशन अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य योजना के लाभार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

  • अस्पतालों एवं चिकित्सकों से जुड़े डाटा का किया गया परीक्षण

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। साथ ही किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके। ऐसे में विभाग की ओर से तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान अस्पतालों एवं चिकित्सकों से जुड़े डाटा का गहन परीक्षण किया गया, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। समीक्षा के दौरान पाया गया कि 28 चिकित्सकों के नाम 15 से अधिक अस्पतालों से जुड़े हुए थे, जबकि 274 चिकित्सकों के नाम सात से अधिक अस्पतालों में दर्ज पाए गए। इस पर संबंधित चिकित्सकों एवं अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए और तीन दिवसीय सत्यापन प्रक्रिया संचालित की गई। इस दौरान सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया।

  • फर्जीवाड़ा, डाटा विसंगति या अनियमितताओं को रोकना योगी सरकार की प्राथमिकता 

सीईओ ने बताया कि जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जहां चिकित्सक पूर्व में संबंधित अस्पतालों में कार्यरत थे, लेकिन समय पर डाटा अपडेट न होने के कारण उनके नाम अब भी रिकॉर्ड में दर्ज थे। वहीं, दूसरी ओर यह भी स्पष्ट हुआ कि कई विशेषज्ञ चिकित्सक वास्तव में विभिन्न अस्पतालों से जुड़े हुए हैं और अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इससे प्रदेश के दूरस्थ एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो पा रहीं हैं, जो मरीजों के लिए बड़ी राहत है। अभियान का उद्देश्य किसी भी चिकित्सक या अस्पताल को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को मजबूत बनाना है। योजना के तहत फर्जीवाड़ा, डाटा विसंगति या अनियमितताओं को रोकना योगी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। 

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल प्रक्रियाओं और इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) को भी तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा। इससे मरीजों का पूरा चिकित्सा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा और उपचार प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड प्रणाली लागू होने से मरीजों को अस्पताल बदलने की स्थिति में भी बार-बार जांच कराने की आवश्यकता कम होगी और चिकित्सकों को इलाज में आसानी होगी। इसके साथ ही सरकारी निगरानी तंत्र भी अधिक मजबूत होगा, जिससे योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

Also Read- 'बचत' की राह- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का बड़ा फैसला- सरकारी बेड़े में 50 प्रतिशत कटौती और 'वर्क फ्रॉम होम' पर जोर

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।