Viral News: पते के विवाद में Zepto डिलीवरी बॉय ने कस्टमर की बेरहमी से पिटाई की, खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ, पुलिस ने की कार्रवाई।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बीते बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना ने शहर को हिलाकर रख दिया, जब एक डिलीवरी बॉय ने पते के विवाद को लेकर...
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बीते बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना ने शहर को हिलाकर रख दिया, जब एक डिलीवरी बॉय ने पते के विवाद को लेकर एक कस्टमर पर क्रूर हमला कर दिया। यह घटना बेंगलुरु के बासवेश्वरनगर के जजेस कॉलोनी में हुई, जहां Zepto के डिलीवरी एजेंट विश्नुवर्धन ने 30 वर्षीय व्यवसायी शशांक एस. को इतनी बेरहमी से पीटा कि उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया। CCTV में कैद इस हमले की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद जनता में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने डिलीवरी एजेंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और Zepto को नोटिस जारी किया। बीते बुधवार को दोपहर करीब 1:50 बजे, शशांक की पत्नी और उनकी साली ने Zepto ऐप के जरिए कुछ किराने का सामान, जैसे मक्खन, शुद्ध घी, और चिप्स, ऑर्डर किया। डिलीवरी एजेंट विश्नुवर्धन जब शशांक के घर पहुंचा, तो पते को लेकर विवाद शुरू हो गया। शशांक की साली ने सामान लिया और अंदर चली गईं, लेकिन विश्नुवर्धन ने कथित तौर पर गलत पते के लिए उन्हें अपशब्द कहे और चिल्लाना शुरू कर दिया। शशांक ने जब विश्नुवर्धन के इस व्यवहार पर सवाल उठाया, तो डिलीवरी एजेंट ने उन्हें गालियां दीं और शारीरिक हमला कर दिया।
CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि विश्नुवर्धन ने शशांक के चेहरे और सिर पर कम से कम सात मुक्के मारे। शशांक ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की और पीछे हटने की कोशिश की, लेकिन विश्नुवर्धन ने उनका रास्ता रोककर हमला जारी रखा। शशांक के परिवार वालों ने हस्तक्षेप कर विश्नुवर्धन को रोका, जिसके बाद वह मौके से भाग गया। शशांक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर में फ्रैक्चर हुआ है और सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। शशांक ने दावा किया कि विश्नुवर्धन ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
- पुलिस की कार्रवाई
शशांक की शिकायत के आधार पर, बासवेश्वरनगर पुलिस ने विश्नुवर्धन के खिलाफ BNS की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (आपराधिक धमकी), 351(2) (हमला), और 352 (हमले की सजा) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने Zepto को नोटिस जारी कर डिलीवरी एजेंट के विवरण मांगे हैं, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। बासवेश्वरनगर थाने के एक अधिकारी ने बताया, “हमने CCTV फुटेज की जांच की है, और यह साफ है कि डिलीवरी एजेंट ने अनुचित व्यवहार किया। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या विश्नुवर्धन का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है।”
पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि शशांक ने विवाद के दौरान विश्नुवर्धन को धक्का दिया था, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि डिलीवरी एजेंट को हिंसक हमला करने का अधिकार था। जांच जारी है, और पुलिस ने Zepto से उनके कर्मचारी चयन और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी मांगी है।
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- Zepto का जवाब
Zepto ने इस घटना पर खेद जताया और एक बयान जारी कर कहा, “हम अपने डिलीवरी पार्टनर के व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। हम इस मामले में पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और आंतरिक जांच शुरू कर दी है।” कंपनी ने यह भी बताया कि विश्नुवर्धन को तत्काल प्रभाव से डिलीवरी सेवाओं से हटा दिया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने Zepto की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मांग की कि डिलीवरी एजेंट्स का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और अधिक सख्त किया जाए।
- प्रतिक्रियाएं
स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना पर चिंता जताई। जजेस कॉलोनी के एक निवासी, रमेश गुप्ता, ने कहा, “यह इलाका काफी शांत और सुरक्षित माना जाता है। ऐसी घटना ने हमें डरा दिया है। डिलीवरी कंपनियों को अपने कर्मचारियों पर नजर रखनी चाहिए।” कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या डिलीवरी एजेंट्स पर बढ़ते काम का दबाव इस तरह की हिंसक प्रतिक्रियाओं का कारण बन रहा है।
- बेंगलुरु में डिलीवरी सेवाओं पर बढ़ते विवाद
यह पहली बार नहीं है जब बेंगलुरु में डिलीवरी एजेंट्स से जुड़ा विवाद सामने आया है। फरवरी 2025 में, स्विगी के एक डिलीवरी एजेंट पर एक ग्राहक को यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था, जिसके बाद कंपनी ने उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसी तरह, अप्रैल 2025 में, चंद्रा लेआउट में चार डिलीवरी बॉयज ने एक अंतर-धार्मिक मुलाकात को लेकर एक जोड़े पर हमला किया था। ये घटनाएं डिलीवरी सेवाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिलीवरी कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की जरूरत है। उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता प्रिया शर्मा ने कहा, “डिलीवरी एजेंट्स पर समय और डिलीवरी की संख्या का भारी दबाव होता है, जिससे तनाव बढ़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे ग्राहकों पर हमला करें। कंपनियों को सख्त नियम लागू करने होंगे।” बेंगलुरु के बासवेश्वरनगर में Zepto डिलीवरी एजेंट विश्नुवर्धन द्वारा शशांक पर किया गया क्रूर हमला एक गंभीर मुद्दा है, जो डिलीवरी सेवाओं की सुरक्षा और जवाबदेही पर सवाल उठाता है। CCTV फुटेज ने इस घटना को उजागर किया, जिसके बाद पुलिस और Zepto ने कार्रवाई शुरू की।
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