हाथरस घटना- अखिलेश यादव भी नारायण साकार उर्फ भोले बाबा के मुरीद, अखिलेश यादव के X पर बाबा की जय जयकार, ये रिश्ता क्या कहलाता है।

Jul 4, 2024 - 16:35
Jul 4, 2024 - 17:28
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हाथरस घटना-  अखिलेश यादव भी नारायण साकार उर्फ भोले बाबा के मुरीद,  अखिलेश यादव के X पर बाबा की जय जयकार, ये रिश्ता क्या कहलाता है।

हाथरस के गांव फुलरई में भोले बाबा के सत्संग के दौरान हुई हृदय विदारक में एक सैकड़ा से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हृदय विदारक इस घटना का जिम्मेदार यह बाबा जिसके मुरीद अखिलेश यादव भी हैं आगरा के सिकंदरा क्षेत्र का रहने वाला था। जैसा कि आगरा के लोगों को जानकारी प्राप्त है।

अपनी दत्तक पुत्री को जीवित करने का किया था दावा, उसमे 6 लोग हुए थे गिरफ्तार। 

इस व्यक्ति ने एक बच्ची को गोद लिया था,जिसकी एक दिन मृत्यु हो जाती है। मृत्यु होने के बाद यह व्यक्ति दावा करता है कि यह अपनी दत्तक पुत्री को जीवित कर देगा और वह उसके शव को वहीं अपने घर में रखता है। जैसे ही लोगों को इस विषय में पता चलता है की बच्ची की अंत्येष्टि नहीं की जा रही और यह व्यक्ति उसे बच्ची को जीवित करने का दावा कर रहा है पुलिस को सूचना दी जाती है,पुलिस आती है और 6 लोग गिरफ्तार होते हैं। उसके बाद से ही यह व्यक्ति चर्चित हो गया और बड़ी संख्या में लोग इसके अनुयाई हो गए।

वेबसाइट के माध्यम से आयोजनों के लिए धन एकत्रित किया जाता था 

धीरे-धीरे इसने अपना नेटवर्क बढ़ाया अनेको राजनीतिज्ञ बड़े उद्योगपति और चर्चित चेहरे इसके अनुयायियों में नजर आने लगे। इसकी वेबसाइट है जिसके द्वारा इन आयोजनों के लिए धन एकत्रित किया जाता है। इसके आयोजन अधिकतर छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में रखे जाते हैं जहां भोले भाले ग्रामीण लोग सत्संग के लिए आसानी से एकत्र हो जाते हैं। भगदड़ की घटना के बाद यह व्यक्ति नजर नहीं आया फिर बाद में इसको हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस व्यक्ति ने वापस मुड़कर मृतकों और घायलों की तरफ नहीं देखा जो इसकी चरण धूल लेने के चक्कर में अपनी जान गवा बैठे। 

बाबा स्वयं को शिव का अवतार मानता है 

भगवान श्री कृष्ण और बुद्ध दोनों ने स्वयं कहा कि उनकी उपासना ना की जाए बल्कि उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चला जाए। लेकिन अब ऐसे अनेकों प्रवचनकर्ता हैं जो स्वयं को स्वयंभू भगवान समझ बैठे हैं। 

लेकिन जीवन के झंझावातों और परिस्थितियों के थपेड़े में फंसा हुआ व्यक्ति कोई ना कोई ऐसा ठिकाना ढूंढता है जहां उसकी बात सुनी जाए और उसे इन सब से निकलने का कोई सरल मार्ग बताया जाए। ऐसे में इस प्रकार के लोग आसानी से लोकप्रियता प्राप्त करते हैं और बड़ी संख्या में अनुयायी जुटा लेते हैं। 

ऐसे मची भगदड़, नारायणी सेना ने बरसाए डंडे

हादसे के वक्‍त सत्‍संग सुनने के लिए 50 हजार लोग जुट गए थे। इनमें आगरा, संभल, ललितपुर, अलीगढ़, बदायूं, कासगंज, मथुरा, औरैया, पीलीभीत, शाहजहांपुरर और बुलंदशहर के अलावा हरियाणा, मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान के अनुयायी भी पहुंचे हुए थे। तभी बाबा की नारायणी सेना के सेवादार भीड़ को कंट्रोल में रखने के लिए डंडे मारने लगी जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

अखिलेश यादव के X पर बाबा की जय जयकार

नारायण साकार उर्फ भोले बाबा के सत्‍संग के दौरान हजारों लोगें की भीड़ जुटती रही है जिस दौरान विशेष अंदाज में उसकी जय जयकार करवाई जाती है। ‘नारायण साकार हरि की संपूर्ण ब्रह्मांड में सदा सदा के लिए जय जयकार हो’, कुछ इस तरह के वचन बोल कर बाबा के भक्त अपने गुरु की जय- जयकार करते हैं। यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव भी इससे अछूते नहीं रहे। एक बार अखिलेश बाबा के सत्संग में गए थे। मंच के नीचे ही लगे एक माइक से उन्होंने बाबा के भक्तों को थोड़ा संबोधित भी किया था। संबोधन से पहले उन्होंने एक पर्चे पर लिखी उपरोक्त बाबा की जय-जयकार को कई बार पढ़ा और फिर अपने भाषण में बाबा की तारीफ भी की थी। इसे उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर भी डाला था। उसी समय की उनकी एक तस्वीर आज सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह घटना एक साजिश भी हो सकती है जिसकी जांच होगी। 

हाथरस की हृदय विदारक घटना से हम सभी स्तब्ध हैं 130 लोगों की मृत्यु हुई अनेकों लोग अभी भी गंभीर अवस्था में अपना उपचार कर रहे हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस सब के पीछे यह आयोजनकर्ता ही जिम्मेदार है ..वह प्रवचन कर्ता जिसके कारण यह भीड़ वहां एकत्रित हुई.. बिना किसी व्यवस्था के.. बिना पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों के। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह घटना एक साजिश भी हो सकती है जिसकी जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। 

उत्तर प्रदेश के हाथरस जैसे छोटे शहरों में बहुत बड़े धार्मिक आयोजन हुआ करते हैं जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं। सब कुछ सुव्यवस्थित होता है। उत्तर प्रदेश के लोग उत्सवधर्मी हैं। गांव कस्बों में धार्मिक आयोजन होना आम बात है। समझ नहीं आ रहा की भगदड़ किस प्रकार हुई और 1 घंटे के अंदर इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे मृत्यु का शिकार हो गए। जो भी है बहुत ही दुखद घटना है और इस मामले की जांच अवश्य होनी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। 

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