Gyanvapi News: ज्ञानवापी प्रकरण में कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर की याचिका में हुई सुनवाई प्रतिवादी संख्या 2 ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई।
जिसमें अंजुमन इंतजामियां कमेटी के साथ साथ काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया गया था...
वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी प्रकरण में आज वृंदावन के संत सनातन धर्म रक्षापीठ के पीठाधीश्वर कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर की तरफ से दायर याचिका में सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट ने सुनवाई हुई। जिसमें अंजुमन इंतजामियां कमेटी के साथ साथ काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया गया था, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट की ओर से न्यायालय में उपस्थित दर्ज हो गई है प्रतिवादी संख्या 1 को डब्ल्यू एस जारी कर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने अपनी याचिका में ज्ञानवापी परिसर को भगवान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का मूल ज्योतिर्लिंग होना बताया है उनका कहना है कि अंजुमन इंतजामियां कमेटी ने जिस स्थान पर तथाकथित रूप से मस्जिद संचालित कर रखी है वह वास्तविकता में क्षत्रिय समाज के राजा महाराजाओं ने इसका जीर्णोद्धार कर संरक्षित किया था जिसमें विशेषकर भगवान श्री राम के पूर्वज सूर्यवंशी क्षत्रिय सम्राट हरिश्चंद्र जी ने भव्य रूप दिया था इसके बाद क्षत्रिय परमार वंश के राजाओं महाराजाओं द्वारा संरक्षित एवं निर्माणित कराया गया था तड़पश्चात राठौड़ गहरवार वंश के राजाओं ने इस मंदिर को भव्य रूप दिया लेकिन इस्लामिक आक्रांताओं द्वारा इस मंदिर भवन को कई बार नुकसान पहुंचाया गया।
जिसमें औरंगजेब नामक क्रूर शासक ने इस मंदिर के मूल भवन का नाम ज्ञानवापी मस्जिद कर इसपर अवैध कब्जा कर लिया इसी ज्ञानवापी मंदिर भवन को मुक्त कराने भगवान श्री काशी विश्वनाथ ज्योर्तिलिंग के असली ज्योतिर्लिंग के अस्तित्व रक्षार्थ वाद स्थानीय अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह संजय दाड़ी ज्योति सिंह आदि के द्वारा दायर किया गया था केस की सुनवाई में वार कौंसिल के सदस्य हरिशंकर सिंह का विशेषकर सहयोग प्राप्त हुआ।
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