नए साल के पहले दिन नालागढ़ पुलिस थाने के पास जोरदार ब्लास्ट, कोई हताहत नहीं लेकिन इलाके में फैली दहशत।
1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नालागढ़ पुलिस थाने के पास एक संकरी गली में जोरदार धमाका
1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नालागढ़ पुलिस थाने के पास एक संकरी गली में जोरदार धमाका हुआ। यह विस्फोट पुलिस थाने की दीवार के साथ लगी गली में हुआ, जिससे पुलिस थाने के जांच कक्ष सहित आसपास की कई इमारतों के शीशे टूट गए। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि यह 400 से 500 मीटर दूर तक सुनाई दी तथा 16 मिलीमीटर मोटाई के शीशे भी चूर-चूर हो गए। घटना के समय इलाके में दहशत का माहौल बन गया तथा लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। पुलिस ने बताया कि धमाका थाने के स्टोर रूम या सीमा दीवार के पास हुआ तथा इसका प्रभाव 40 से 50 मीटर के दायरे में महसूस किया गया। इस घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
धमाके के तुरंत बाद नालागढ़ पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया तथा दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर क्षेत्र को सील कर दिया। बद्दी के एसपी विनोद धीमान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को शिमला से बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से सैंपल एकत्रित किए। पुलिस ने आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त की तथा उनकी बारीकी से जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में किसी आतंकी गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई तथा संभावना जताई गई कि इलाके में पड़े स्क्रैप या ज्वलनशील पदार्थों के कारण धमाका हुआ हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने सभी एंगल से जांच जारी रखी तथा किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 324(4) (उपद्रव), 125 (लापरवाही से जान जोखिम में डालना) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत नालागढ़ थाने में केस दर्ज किया। जांच में पंजाब पुलिस तथा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से सहयोग लिया गया। एनआईए की टीम ने 2 जनवरी को घटनास्थल का दौरा किया तथा स्थिति का आकलन किया। पुलिस मुख्यालय शिमला ने सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। एसपी विनोद धीमान ने कहा कि कोई धमकी भरा ईमेल या कॉल नहीं मिला तथा प्रारंभिक तौर पर विस्फोटक से जुड़ी किसी गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई। स्क्रैप डीलरों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई।
2 जनवरी को दो समूहों ने सोशल मीडिया पर धमाके की जिम्मेदारी ली। बाबर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) तथा पंजाब सोवरेन्टी एलायंस (पीएसए) ने दावा किया कि यह आईईडी ब्लास्ट हिमाचल प्रदेश में बने सिंथेटिक ड्रग्स के पंजाब में सप्लाई के विरोध में किया गया। पुलिस ने इन दावों की प्रामाणिकता की जांच शुरू की तथा अभी तक इनकी पुष्टि नहीं की। पड़ोसी राज्य पंजाब में ऐसी घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलिस ने जांच को व्यापक बनाया। घटना ने इलाके में भारी दहशत फैलाई तथा निवासियों ने सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद पूरा इलाका हिल गया तथा दुकानदार और मजदूर सहम गए। पुलिस ने कहा कि जांच सभी संभावनाओं पर चल रही है तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट से विस्फोट के प्रकार तथा कारण स्पष्ट होंगे।
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