सरफराज खान के इंडिया ए चयन न होने पर अबू आजमी का तीखा प्रहार: बस मुसलमानों को दबाना चाहते हैं, सवाल उठे पक्षपात पर।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की हलचल के बीच क्रिकेट जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दक्षिण अफ्रीका ए टीम के खिलाफ दो प्रथम श्रेणी मैचों के लिए मंगलवार को बीसीसीआई
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की हलचल के बीच क्रिकेट जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दक्षिण अफ्रीका ए टीम के खिलाफ दो प्रथम श्रेणी मैचों के लिए मंगलवार को बीसीसीआई ने ऋषभ पंत की कप्तानी वाली 15 सदस्यीय इंडिया ए टीम की घोषणा की। इस टीम में मुंबई के विकेटकीपर बल्लेबाज सरफराज खान का नाम नहीं था, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने इस चयन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरफराज का मामला नहीं, बल्कि मुसलमानों को दबाने की साजिश है। आजमी का बयान कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद के ट्वीट पर आया, जिन्होंने सरफराज के उपेक्षित रहने को उनके उपनाम से जोड़ा। विपक्षी नेताओं ने इसे धार्मिक भेदभाव का मामला बताया, जबकि बीजेपी ने इसे राजनीतिकरण करार दिया। सरफराज ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन लगातार चयन न होने से उनके प्रशंसकों में निराशा है। यह विवाद बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया और खेल में साम्प्रदायिकता के आरोपों को फिर से उजागर कर रहा है।
घटना की शुरुआत मंगलवार शाम हुई जब बीसीसीआई ने इंडिया ए टीम की सूची जारी की। टीम में यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, केएल राहुल जैसे सितारे थे, लेकिन सरफराज खान का नाम गायब था। सरफराज ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शतक लगाया था और घरेलू रणजी ट्रॉफी में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट का औसत 117.47 है, जिसमें 16 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। वे 28 वर्ष के हो चुके हैं और फिटनेस में भी सुधार कर चुके हैं। चयनकर्ता अजित अग्रवाल ने पहले वेस्टइंडीज सीरीज से उनकी अनुपस्थिति को चोट की वजह बताया था, लेकिन इस बार कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने सवाल उठाए कि इतने रनों के बाद भी सरफराज को मौका क्यों नहीं। एक यूजर ने लिखा कि सरफराज का नाम ही समस्या है। इसी बहस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने एक्स पर ट्वीट किया, क्या सरफराज खान का चयन न होना उनके उपनाम की वजह से है। उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर पर निशाना साधा, जिन्होंने बीजेपी से लोकसभा चुनाव लड़ा है। शमा का यह ट्वीट वायरल हो गया और विवाद बढ़ गया।
समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने बुधवार को इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में मुसलमानों का अपमान हो रहा है। नमाज पढ़ने की भी इजाजत नहीं दी जा रही। वे बस मुसलमानों को दबाना चाहते हैं। आजमी का यह बयान शमा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया में आया। उन्होंने क्रिकेट को राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि सरफराज जैसे खिलाड़ी देश का गौरव बढ़ा सकते हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया जा रहा। आजमी महाराष्ट्र में सपा के प्रमुख मुस्लिम चेहरे हैं और वे अक्सर अल्पसंख्यक मुद्दों पर बोलते हैं। उनके बयान ने विपक्षी दलों में एकजुटता पैदा कर दी। एआईएमआईएम के नेता वारीस पठान ने भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरफराज का औसत इतना शानदार है, फिर चयन क्यों नहीं। क्या यह उनके नाम की वजह से है। पठान ने चयनकर्ताओं से स्पष्टीकरण मांगा। इसी तरह सपा सांसद जिया उर रहमान बरक ने कहा कि अगर यह धार्मिक कारण से हुआ तो संसद की खेल समिति में उठाएंगे। ओवैसी ने भी एक्स पर सवाल उठाया कि सरफराज को इंडिया ए में जगह क्यों नहीं।
सरफराज खान की कहानी प्रेरणादायक रही है। वे मुंबई के एक साधारण परिवार से हैं, जहां उनके पिता नौसैनिक थे। बचपन से ही उन्होंने कड़ी मेहनत की। घरेलू क्रिकेट में 56 मैचों में 2467 रन बनाए, जिसमें स्ट्राइक रेट 70.99 रहा। फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और तीन पारियों में 200 से ज्यादा रन बनाए। नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 150 रन की पारी खेली। लेकिन वेस्टइंडीज और अब दक्षिण अफ्रीका ए सीरीज से बाहर। विशेषज्ञों का कहना है कि टीम बैलेंस और नंबर थ्री बल्लेबाज की तलाश चयन प्रभावित कर रही है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि गंभीर का बीजेपी बैकग्राउंड पक्षपात का कारण है। पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने कहा कि सरफराज को मौका मिलना चाहिए, लेकिन राजनीति न घुसेड़ें। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शमा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि देश का विभाजन करके मन नहीं भरा क्या। क्रिकेट को साम्प्रदायिक न बनाएं। मोहसिन रजा ने कहा कि शमी और सिराज खेल रहे हैं, यह अन्याय है। पूर्व खिलाड़ी अतुल वासन ने कहा कि आरोप बेतुके हैं, सरफराज को और मौके मिलने चाहिए।
यह विवाद क्रिकेट में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। बीसीसीआई ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। चयनकर्ता अग्रवाल ने कहा कि टीम बैलेंस पर ध्यान है। सरफराज का भविष्य ऑस्ट्रेलिया दौरे पर निर्भर है। अगर वे रणजी में चमके तो वापसी हो सकती है। लेकिन विपक्षी नेता इसे अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश बता रहे हैं। शमा मोहम्मद पहले भी विवादों में रहीं। मार्च में उन्होंने रोहित शर्मा को मोटा और सबसे कम प्रभावी कप्तान कहा था। आजमी ने महाराष्ट्र कांग्रेस पर भी निशाना साधा था कि वे मुस्लिम वोट लेते हैं लेकिन टिकट नहीं देते। यह बयान महाराष्ट्र चुनाव से पहले सपा की रणनीति का हिस्सा लगता है। एआईएमआईएम और सपा जैसे दल मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के लिए ऐसे मुद्दों को उठाते हैं। लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञ कहते हैं कि खेल को राजनीति से दूर रखें। हर्षल राणा और शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका मिल रहा है, लेकिन सरफराज की अनदेखी दुखद है।
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