Special Story: अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी नौ महीने बाद लौटेंगे धरती पर, मिशन को क्रू-10 नाम दिया गया।
अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर मिशन क्रू-10 टीम के सदस्य पहुंच चुके हैं। इनमें नासा की ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन...
Special Story भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री (American astronaut) सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके साथी बैरी विल्मोर के नौ महीने बाद धरती पर लौटेंगे। क्रू-10 मिशन की टीम अन्तरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच चुकी है, जिसके बाद सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर के वापस आने का रास्ता साफ हो चुका है। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने वाले नासा-स्पेसएक्स के इस मिशन को क्रू-10 नाम दिया गया है, जिसमें कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं।
अन्तरराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर मिशन क्रू-10 टीम के सदस्य पहुंच चुके हैं। इनमें नासा की ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के ताकुया ओनिशी और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेस्कोव शामिल हैं। यह सभी कुछ दिन विलियम्स और विल्मोर से अंतरिक्ष स्टेशन के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। सुनीता विलियम्स (Sunita Williams)तीसरी बार अंतरिक्ष में गईं। इससे पहले भी वह दो बार अंतरिक्ष में जा चुकी हैं। कुल मिलाकर वह तीन बार अंतरिक्ष में जा चुकी हैं।
पहली बार सुनीता विलयम्स (Sunita Williams) 11 दिसंबर 2006 से लेकर 22 जून 2007 तक अन्तरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रही थीं। उस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए स्पेसवॉक में रिकॉर्ड स्थापित किया था। उन्होंने कुल चार स्पेस वॉक में 29 घंटे, 17 मिनट अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर बिताए थे।
दूसरी बार कजाकिस्तान के बाइकानोर कॉस्मोड्रोम में रूस और जापान के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ 14 जुलाई, 2012 को वह अंतरिक्ष यात्रा पर गई थीं। इस दौरान वह चार महीने तक अन्तरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहीं और कई शोध किए। इस दौरान उन्होंने कुल 50 घंटे 40 मिनट की तीन स्पेस वॉक कीं और अंतरिक्ष स्टेशन की मरम्मत भी की। वह 127 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद 18 नवंबर, 2012 को वापस आई थीं।
तीसरी बार सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) 5 जून, 2024 को आठ दिन के लिए अंतरिक्ष में गई थीं। लेकिन बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में खराबी की वजह से वह वापस नहीं आ पाईं। वो बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की पहली टेस्ट फ्लाइट भी थी। इसके बाद से वह नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी हुई हैं। अब क्रू-10 मिशन के स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद उनके वापस आने का रास्ता साफ हो गया है।
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