Hardoi: पैराक्वेंट के प्रयोग में बरतें सावधानी, किसानों को सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह।
जनपद के सभी किसान भाइयों को सूचित किया गया है कि फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन पैराक्वेंट डाईक्लोराइड के
हरदोई: जनपद के सभी किसान भाइयों को सूचित किया गया है कि फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन पैराक्वेंट डाईक्लोराइड के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। यह रसायन खरपतवार नष्ट करने में भले ही प्रभावी हो, लेकिन इसकी विषाक्तता के कारण यह मनुष्य, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पैराक्वेंट डाईक्लोराइड एक अत्यधिक जहरीला शाकनाशी है, जिसके संपर्क में आने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसानों को इसके उपयोग से बचते हुए सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है।
ये हैं सुरक्षित विकल्प:
विशेषज्ञों ने पैराक्वेंट के स्थान पर निम्नलिखित रसायनों के प्रयोग की संस्तुति की है—
- ग्लूफोसिनेट अमोनियम
- कारफेंट्राजोन एथाइल
- सैफ्लुफेनासिल
- फ्लूमियोक्साजिन-ऑक्सीफ्लूओर्फेन
- पेंडीमेथिलीन
बताया गया है कि इन विकल्पों का निर्धारित मात्रा में उपयोग करने से न केवल खरपतवार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, बल्कि किसानों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ यांत्रिक विधियों का भी प्रयोग करें। साथ ही, किसी भी कृषि रसायन के उपयोग से पहले उसके लेबल पर दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और वैज्ञानिकों द्वारा सुझाए गए दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें।
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