Politics: भाजपा और कांग्रेस का रिश्ता प्रेमी-प्रेमिका जैसा, केजरीवाल का बीजेपी-कांग्रेस पर तंज, आप की जीत से उत्साह।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में गुजरात के विसावदर विधानसभा उपचुनाव...
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में गुजरात के विसावदर विधानसभा उपचुनाव में अपनी पार्टी की जीत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस के बीच के रिश्ते को "प्रेमी-प्रेमिका" जैसा करार देते हुए आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां मिलकर सत्ता और संसाधनों का बंटवारा करती हैं, जिससे गुजरात की जनता का नुकसान हुआ है। केजरीवाल ने दावा किया कि गुजरात की जनता अब बीजेपी के 30 साल के शासन से त्रस्त हो चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाकर बदलाव की शुरुआत करेगी।
- विसावदर उपचुनाव और आप की जीत
गुजरात के विसावदर विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गोपाल इटालिया ने शानदार जीत हासिल की। यह सीट पहले भी आप के पास थी, लेकिन बीजेपी की मजबूत पकड़ और प्रशासनिक ताकत के बावजूद आप ने इस बार जीत के अंतर को तीन गुना बढ़ा दिया। केजरीवाल ने इसे "जनता का फैसला" और "भगवान का संदेश" बताते हुए कहा कि यह जीत 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक सेमीफाइनल है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और "गुंडागर्दी" में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन विसावदर की जनता ने आप को चुनकर साफ कर दिया कि वह बदलाव चाहती है। यह जीत आप के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गुजरात को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, जहां वह पिछले तीन दशकों से सत्ता में है।
- बीजेपी-कांग्रेस पर "प्रेमी-प्रेमिका" का तंज
केजरीवाल ने अपने बयान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों पार्टियों का रिश्ता "नाटकीय" है। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस के नेता मिलकर ठेके और संसाधनों का बंटवारा करते हैं, जिसमें 70% हिस्सा बीजेपी को और 30% कांग्रेस को मिलता है। उन्होंने इसे "चोरी-छिपे मिलने" और "प्रेमी-प्रेमिका" जैसे रिश्ते की संज्ञा दी, जिसका उद्देश्य जनता को भ्रमित करना और सत्ता में बने रहना है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस अब बीजेपी की "जेब में" है और उसका शीर्ष नेतृत्व बीजेपी के इशारे पर काम करता है। यह बयान न केवल कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि आप की उस रणनीति को भी उजागर करता है, जिसमें वह कांग्रेस को बीजेपी के सहयोगी के रूप में चित्रित कर खुद को एकमात्र विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
- गुजरात में बीजेपी के शासन की आलोचना
केजरीवाल ने बीजेपी के 30 साल के शासन को "कुशासन" और "भ्रष्टाचार" का पर्याय बताते हुए कई मुद्दों पर उसकी आलोचना की। उन्होंने सूरत में हाल की बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के शासन में शहर की बुनियादी सुविधाएं चरमरा गई हैं। सूरत जैसे विकसित शहर में बाढ़ के हालात और लोगों के घरों में पानी घुसने को उन्होंने भ्रष्टाचार का नतीजा बताया, जिसमें बिल्डरों को अनियोजित तरीके से प्लॉट आवंटित किए गए। इसके अलावा, उन्होंने मनरेगा घोटाले में हाल की गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए बीजेपी पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी को अब यह घमंड हो गया है कि जनता के पास कोई विकल्प नहीं है, लेकिन आप की मौजूदगी ने इस मिथक को तोड़ दिया है।
- आप का विकल्प और 2027 का दांव
केजरीवाल ने गुजरात की जनता को भरोसा दिलाया कि आम आदमी पार्टी एक "ईमानदार और देशभक्त" विकल्प है, जो जनता के हित में काम करेगी। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में आप की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि यह जीत भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ जनता की जीत होगी। आप ने गुजरात में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए "गुजरात जोड़ो सदस्यता अभियान" शुरू किया है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ना है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि आप की नीतियां दिल्ली और पंजाब में सिद्ध हो चुकी हैं, जहां मुफ्त बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं ने लोगों का भरोसा जीता है। उन्होंने गुजरात में भी ऐसी ही योजनाओं को लागू करने का वादा किया।
- कांग्रेस के साथ तल्ख रिश्ते
केजरीवाल का कांग्रेस पर हमला केवल बीजेपी तक सीमित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर गुजरात में आप के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, पिछले उपचुनावों में आप ने कांग्रेस के साथ समझौता किया था, जिसमें आप ने कांग्रेस के पांच विधायकों के बीजेपी में शामिल होने वाली सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे, लेकिन कांग्रेस ने विसावदर में आप के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर समझौता तोड़ा। केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व बीजेपी के साथ मिला हुआ है, जिसके कारण उसके कार्यकर्ता भी ठगा महसूस कर रहे हैं। यह बयान आप और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाता है, जो पहले इंडिया ब्लॉक में सहयोगी थीं। केजरीवाल का यह बयान और विसावदर की जीत गुजरात की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत देती है। आप की रणनीति बीजेपी और कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू के रूप में चित्रित कर जनता के बीच असंतोष को भुनाने की है। हालांकि, आप की राह इतनी आसान नहीं है। गुजरात में आप के बोटाद विधायक उमेश मकवाना के इस्तीफे ने पार्टी के भीतर जातिगत असंतुलन के आरोपों को हवा दी है। मकवाना ने आरोप लगाया कि आप ने विसावदर में पाटीदार समुदाय के गोपाल इटालिया को प्राथमिकता दी, जबकि दलित उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया गया। यह घटना आप के लिए एक चुनौती बन सकती है, क्योंकि गुजरात में सामाजिक समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही आप पर हमलावर हैं, जिसमें बीजेपी ने आप को "नकली वादों" वाली पार्टी करार दिया है।
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