Budget 2025: 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं, माध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सुकून लेकर आया यह बजट

बजट (Budget) पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि बजट (Budget) में बड़े सुधारों पर जोर दिया गया. ये बजट (Budget) किसानों और युवाओं का बजट (Budget) है...

Feb 1, 2025 - 23:55
Feb 2, 2025 - 00:38
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Budget 2025: 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं, माध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सुकून लेकर आया यह बजट

Budget 2025 India.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) लोकसभा में शनिवार सुबह 11 बजे आम बजट (Budget) 2025 पेश किया. इस बजट (Budget) में मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) लोकसभा में देश का आम बजट (Budget) पेश कर रही है. मोदी 3.0 का यह पहला आम बजट (Budget) है. वित्त मंत्री ने अपने बजट (Budget) भाषण के दौरान नए इनकम टैक्स बिल का ऐलान किया है. उन्होंने अपने बजट (Budget) भाषण में कहा कि विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा में आम लोगों को बड़ा योगदान है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट (Budget) 2025 में इनकम टैक्स को लेकर बड़े ऐलान भी किया है. उन्होंने कहा कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर किसी को कोई टैक्स नहीं देना होगा. जबकि 16 से 20 लाख रुपये की सालाना कमाई पर 20% टैक्स, 20 से 24 लाख रुपये की कमाई पर 25% टैक्स और 24 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई पर 30% टैक्स देना होगा.

बजट (Budget) पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि बजट (Budget) में बड़े सुधारों पर जोर दिया गया. ये बजट (Budget) किसानों और युवाओं का बजट (Budget) है. उन्होंने आगे कहा कि इस बार बजट (Budget) में करों में सुधार किया गया. इसके साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है. मोदी का मिडिल क्लास वाला बजट (Budget) ऐसा है कि उनके आलोचक भी इस मुद्दे पर असहमत नहीं हो सकते हैं. आखिर मोदी ने कैसे मिडिल क्लास को बम-बम कर तीसरे टर्म का सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक चला है, आपको बताते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने एक बयान में कहा कि 12 लाख तक आय को टैक्स से मुक्त कर दिया है, सभी आय वर्ग के लोगों के टैक्स में कमी की गई हैं. इसका बहुत फायदा मिडिल क्लास को नौकरी वालों को बड़ा फायदा होगा.टैक्स के बोझ में दबे मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स में 12 लाख तक छूट का निर्णय उम्मीदें से ज्यादा हैं, क्योंकि उम्मीद सिर्फ दस लाख तक छूट की थी लेकिन जब मोदी के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट (Budget) आया तो मिडिल क्लास मोदी के सरप्राइज से बम-बम हो गया, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मास्टर स्ट्रोक से मिडिल क्लास का दिल जीत लिया. मिडिल क्लास मोदी सरकार के सबसे बड़े समर्थकों में से एक है. इसलिए माना जा रहा था कि टैक्स के बोझ से परेशान मध्यम वर्ग को सरकार बजट (Budget) में कोई न कोई सौगात दे सकती है, और बजट (Budget) में ठीक वही हुआ.

प्रधानमंत्री मोदी खुद को मध्यम वर्ग का सबसे बड़ा हितैषी बताने से कभी नहीं चूकते, क्योंकि मध्यम वर्ग को मोदी सरकार का सबसे बड़ा वफादार और बेबाक समर्थक माना जाता है.जिस मध्यम वर्ग ने मेहनत से अपना मुकाम हासिल किया, जिनकी बदौलत भारत आगे बढ़ रहा है उस पर एक तरफ महंगाई की चोट पड़ रही है, तो दूसरी तरफ टैक्स उन्हें निचोड़ रहा है. यही वजह है कि जब अंतरिम बजट (Budget) सरकार ने LTCG टैक्स बढ़ाया, तो राहुल गांधी ने ये दावा करने में देर नहीं की कि मिडिल क्लास मोदी को छोड़ने जा रहा है. इस बिल को अगले हफ्ते पेश किया जाएगा. इस बिल के लागू होने के बाद इनकम टैक्स फाइल करने में भी आसानी होगी. KYC की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा.नए टैक्स स्लैब का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि मध्यम वर्ग पर ध्यान देते हुए हमने व्यक्तिगत कर में सुधार करने का फैसला किया है. हमारा मकसद सिर्फ आम लोगों की कठिनाइयों को कम करना है. हम टैक्स में बुजुर्गों को बड़ी छूट देने जा रहे हैं. बुजुर्गों के लिए TDS की सीमा दोगुनी कर दी गई है. अब इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि हमने अब TCS को 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया है. फिलहाल देश के अंदर दो टैक्स सिस्टम चल रहे हैं. एक ओल्ड टैक्स रिजीम और दूसरा न्यू टैक्स रिजीम. न्यू इनकम टैक्स रिजीम में 80सी के जरिए कोई छूट नहीं दी जाती है. इसकी वजह से सैलरीड एंप्लॉयीज इसमें सेविंग के नियमों को जोड़ने की मांग कर रहे हैं. आपको बता दें कि बजट (Budget) 2024 के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने न्यू टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड टैक्स लिमिट को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया था.

बजट (Budget) में महाराष्ट्र के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बड़ी घोषणाओं का ऐलान किया. वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए पेश बजट (Budget) में मुंबई की मेट्रो परियोजना को 1255.06 करोड़ आवंटित किए गए. पुणे मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए 699.13 करोड़ रुपये देने का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ऐलान किया. मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए केंद्रीय बजट (Budget) में 4004.31 करोड़ देने की घोषणा हुई. केंद्रीय वित्त मंत्री ने महाराष्ट्र की ग्रामीण सड़कों पर भी विशेष ध्यान रखा है. ग्रामीण सड़क सुधार परियोजना के तहत 683.51 करोड़ रुपये मिलेंगे. ऊर्जा कुशल उपसा सिंचाई परियोजना पर 186.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. मुला-मुथा नदी संरक्षण के लिए केंद्रीय बजट (Budget) में 229.94 करोड़ आवंटित किया गया. मोदी 3.0 का बजट (Budget) महाराष्ट्र की आर्थिक गति को बढ़ावा देने वाला बताया जा रहा है. केंद्रीय बजट (Budget) में खेती-किसानी से लेकर मिडिल क्लास तक को बड़ी राहत दी गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के बजट (Budget) से महाराष्ट्र वासियों को बड़ा फायदा होगा. 

महत्वाकांक्षी मुंबई शहरी परिवहन परियोजनाओं (एमयूटीपी) के लिए 683.51 करोड़ रुपये दिये जाएंगे. एमएमआर के लिए एकीकृत और हरित यात्री सुविधा पर 792.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. आम बजट (Budget) में महाराष्ट्र कृषि व्यवसाय नेटवर्क परियोजना के लिए 596.57 करोड़ रुपये की घोषणा की गई. केंद्रीय वित्त मंत्री ने नागनदी सुधार परियोजना के लिए 295.64 करोड़ रुपये आवंटित करने का ऐलान किया. आम बजट (Budget) में खेती किसानी पर भी विशेष ध्यान दिया गया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की तरफ से संसद में पेश किए गए आम बजट (Budget) में सभी जिलों में डे-केयर कैंसर केंद्र खोलने की घोषणा की गई है. वर्ष 2025-26 में 200 केंद्र स्थापित करने की योजना है. कैंसर से लड़ाई में पंजाब के लिए यह परियोजना बड़ी अहम है. इससे राज्य में कैंसर की समय पर स्क्रीनिंग व इलाज प्रदान करने में मदद मिलेगी. अभी फिलहाल स्क्रीनिंग में देरी के चलते ही कैंसर की मृत्यु दर में तेजी से बढ़ोत्तरी होती जा रही है. हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम ने संसद में एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसके अनुसार पिछले 10 वर्षों में ब्रेस्ट कैंसर की 25.8 व सर्वाइकल कैंसर की मृत्यु दर में 26.26 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है, जिसने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इसी तरह बजट (Budget) में कैंसर समेत अन्य दुर्लभ बीमारियों के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम डयूटी से पूरी तरह से छूट दे दी गई है. इससे प्रदेश में कैंसर के इलाज का बोझ कम होगा. 

  • किसने क्या कहा और किसे क्या मिला-

आम आदमी पार्टी ने शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के आम बजट (Budget) को निराशाजनक बताया. उसने कहा कि मिडिल क्लास के साथ छलावा किया गया है और होम लोन में कोई राहत नहीं दी गई है. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'देश के खजाने का एक बड़ा हिस्सा चंद अमीर अरबपतियों के कर्जे माफ करने में चला जाता है. मैंने मांग की थी कि बजट (Budget) में यह ऐलान किया जाए कि आगे से किसी अरबपति के कर्जे माफ नहीं किए जाएंगे. इससे बचने वाले पैसे से मिडिल क्लास को होम लोन और व्हीकल लोन में छूट दी जाए, किसानों के कर्जे माफ किए जाएं. इनकम टैक्स और जीएसटी की टैक्स दरें आधी की जाएं.

आज देश विकास भी विरासत भी इस मंत्र को लेकर चल रहा है,इस बजट (Budget) में इसके लिए भी बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. एक करोड़ पांडु लिपि के संरक्षण के लिए ज्ञानभारतम् मिशन लॉन्च किया गया है. बजट (Budget) में किसानों के लिए जो घोषणा हुई है वो कृषि क्षेत्र और समूची ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति का आधार बनेगी. किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 5 लाख से ज्यादा होने से उन्हें ज्यादा मदद मिलेगी.

पूर्व वित्त मंत्री और राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम ने केंद्रीय बजट (Budget) 2025-26 पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि बजट (Budget) में टैक्स देने वाले मध्यम वर्ग और बिहार के वोटरों को लुभाने की कोशिश की गई है. चिदंबरम के अनुसार, बजट (Budget) में 3.2 करोड़ टैक्स देने वाले मध्यम वर्ग और बिहार के 7.65 करोड़ मतदाताओं के लिए कुछ खास है. बाकी भारत के लिए सिर्फ दिखावटी शब्द हैं.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को केंद्रीय बजट (Budget) पर निराशा व्यक्त करते हुए दावा किया कि सीमावर्ती राज्य को एक बार फिर अनदेखा किया गया है और उसे कुछ भी नहीं दिया गया है. आम आदमी पार्टी (आप) नेता ने इसे 'चुनावी बजट (Budget)' बताते हुए कहा कि इसमें केवल बिहार के लिए घोषणाएं की गई हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को संसद में अपना आठवां बजट (Budget) पेश किया. बजट (Budget) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मान ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट (Budget) में एक बार फिर पंजाब को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों और युवाओं को कुछ भी नहीं दिया है.' मुख्यमंत्री ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) या राज्य के उद्योग के लिए कोई पैकेज घोषित नहीं करने के लिए केंद्र की आलोचना की. उन्होंने कहा, 'केंद्र ने न तो किसानों को उनकी फसलों पर एमएसपी दी है और न ही राज्य को किसी उद्योग के लिए कोई पैकेज दिया है. पंजाब को ऐसा कुछ भी नहीं दिया गया है जिससे उसकी अर्थव्यवस्था और भविष्य में सुधार हो सके.' मान ने कहा, 'यह बजट (Budget) चुनावी बजट (Budget) है, जिसमें केवल बिहार राज्य के लिए घोषणाएं हैं.' उन्होंने कहा कि एक बार फिर केंद्र ने बजट (Budget) में पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि एक बात जो मैं निश्चित रूप से उजागर करना चाहूंगी, वह है लोगों की आवाज पर प्रतिक्रिया देना, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी अपने प्रशासन में जाने जाते हैं. यह एक बहुत ही उत्तरदायी सरकार है और इसके परिणामस्वरूप,आयकर सरलीकरण जिसकी मैंने जुलाई में घोषणा की थी,वह पहले ही पूरा हो चुका है और हम अगले सप्ताह विधेयक लाएंगे इसलिए यदि हम कराधान सहित सुधार की बात कर रहे हैं, तो काम पूरा हो चुका है. यह बजट (Budget) युक्तिकरण और सीमा शुल्क के बारे में भी बात करता है. टैरिफ को कम किया जा रहा है, टैरिफ को सरल बनाया जा रहा है.

बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना, पूर्वी भारत को टारगेट कर बिहार में ही राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण सुविधाएं बढ़ाना, पटना आईआईटी में छात्रावास और अन्य सुविधाएं, पटना एयरपोर्ट का विस्तार, मिथिलांचल के लिए पश्चिमी कोसी नहर परियोजना का लाभ और अन्य कई घोषणाएं भी बिहार के लिए की गई हैं. राज्य में सात-आठ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव हैं. सीएम नीतीश कुमार की अगुआई में एनडीए सरकार के नेता बिहार के बारे में की गई विभिन्न घोषणाओं को लेकर खुश हो सकते हैं, लेकिन विपक्षी निशाने तो भी कई तरीकों से जारी रह सकते हैं. पर, सरकारी पक्ष का कहना है कि बजट (Budget) भाषण में बिहार का नाम कुछ बार आने का मतलब यह नहीं है कि अन्य राज्यों को कुछ नहीं मिला है. बाकी सभी राज्यों के साथ भी इंसाफ हुआ है.

बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने बजट (Budget) पर कहा, "बजट (Budget) में बिहार की चिंता की गई है. बजट (Budget) में बिहार के लिए उड़ान योजना के तहत एयरपोर्ट शुरू करने, मेडिकल कॉलेज बनाने और एक्सप्रेस-वे के बारे में चर्चा है. बजट (Budget) में बिहार का बहुत ख्याल रखा गया है. केंद्र सरकार बिहार के विकास के लिए हर तरह से मदद कर रही है.

देश की इंटरनल सुरक्षा-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए बजट (Budget) में केंद्रीय गृह मंत्रालय को 2,33,210.68 का आवंटन किया गया है. जो की वित्त वर्ष 2024-25 में मिले 2,19,643.31 करोड़ रुपए से 13,567.37 करोड़ रुपए अधिक है. दो करोड़ 33 लाख रुपए के इस बजट (Budget) में एक करोड़ 60 लाख रुपए सीएपीएफ को दिए गए हैं. जिसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बल हैं. बजट (Budget) में अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ को 35,147 करोड़ रुपये, बीएसएफ को 28,231 करोड़, सीआईएसएफ को 16,084 करोड़, आईटीबीपी को 10,370 करोड़, एसएसबी को 10,237 करोड़ रुपये और असम राइफल्स को 8,274 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है. इसके अलावा खुफिया ब्यूरो (आईबी) को 3,893 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. एनडीआरएफ को 1,922 करोड़ रुपए मिले. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने जम्मू कश्मीर को 41,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. जो अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बना.

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